14/07/2025
PAAN SINGH TOMAR: INDIAN ARMY का इंटरनेशनल KHILADI जो चंबल का बना डकैत
सन 1932 में मध्यप्रदेश के मुरैना ज़िले के छोटे से गाँव भिदौसा में एक ऐसे बच्चे ने जन्म लिया, जिसके लिए दौड़ना उसकी सबसे पहली मोहब्बत थी.
नाम था पान सिंह तोमर!उनके गाँव में लोगों की आय का मुख्य स्रोत किसानी ही था. कुल मिलाकर उनके पास दो ही विकल्प थे. पहला यह कि खुद को खेती-किसानी में झोंक दें… और दूसरा यह कि वह सेना में भर्ती हो जाएँ.
इसी के चलते पान सिंह ने सेना को अपना करियर बनाया. जब उन्होंने सेना में भर्ती होने का मन बनाया, तभी से उन्होंने तय कर लिया था कि वह अपने देश भारत के प्रति पूर्ण निष्ठा से काम करेंगे. इसकी एक झलक उनके साक्षात्कार के दौरान दिखी, जब उन्होंने सेना के अधिकारी द्वारा पूछे गए हर सवाल के जवाब में सेना के हर आदेश का पालन करने की बात कही.
पान सिंह ने राजपुताना रायफल्स में सिपाही के रूप में अपने जीवन की शुरुआत की. चूंकि, उनमें बिना थके दौड़ते रहने की प्रतिभा थी, इसलिए उसको अनदेखा नहीं किया गया. उन्हें इसके लिए तैयार किया गया. इस तरह उन्होंने लम्बी बाधा दौड़ के लिए प्रशिक्षण लेना शुरु कर दिया.