19/12/2025
ऑनलाइन स्टॉक मार्केट निवेश के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी का पर्दाफाश,6 शातिर गिरफ्तार,69 लैपटॉप व थार कार बरामद
शाहजहाँपुर।ऑनलाइन स्टॉक मार्केट में निवेश कर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर देशभर के लोगों से ठगी करने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का शाहजहाँपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जनपदीय साइबर क्राइम सेल और थाना जलालाबाद की साइबर क्राइम हेल्पडेस्क की संयुक्त पुलिस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहे गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 69 लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन, महिन्द्रा थार कार, चार मोटरसाइकिल, बड़ी संख्या में सिम कार्ड, वाई-फाई उपकरण और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किया है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जनपद में बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। साइबर क्राइम सेल को प्रतिबिम्ब पोर्टल के माध्यम से एक संदिग्ध मोबाइल नंबर की जानकारी मिली थी, जिसकी लोकेशन जलालाबाद क्षेत्र में पाई गई। जांच के दौरान सामने आया कि उक्त नंबर एक निजी कंपनी के नाम पर पंजीकृत है और उस पर साइबर ठगी से संबंधित शिकायत पहले से दर्ज थी।जांच में यह भी सामने आया कि शिकायतकर्ता को फोन कर ग्लोबल ट्रेड नामक कंपनी के जरिए स्टॉक मार्केट में निवेश कर तीन गुना लाभ दिलाने का लालच दिया गया था। आरोपियों ने पीड़ित को एक संदिग्ध मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड कराई और QR कोड के माध्यम से रुपये निवेश कराए। जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो उसका अकाउंट बंद कर दिया गया और उससे और अधिक पैसे डालने का दबाव बनाया गया। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल नंबरों की गहन जांच के बाद साइबर क्राइम सेल और थाना जलालाबाद की टीम ने जलालाबाद क्षेत्र में खंडहर रोड के पास एक फर्जी कॉल सेंटर का पता लगाया। छापेमारी के दौरान वहां 10 से 12 युवक काम करते मिले, जो लोगों को फोन कर निवेश का झांसा देते थे। मौके से बड़ी संख्या में लैपटॉप, मोबाइल, सिम कार्ड, चेक बुक, बैंक से जुड़ा QR कोड, एलईडी टीवी और इंटरनेट से जुड़े उपकरण बरामद किए गए। इसके अलावा गिरोह द्वारा इस्तेमाल की जा रही महिन्द्रा थार कार और चार मोटरसाइकिल भी जब्त की गईं।पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे विभिन्न वेबसाइटों से लोगों का मोबाइल डेटा खरीदते थे और उसी के आधार पर कॉल कर उन्हें निवेश के नाम पर फंसाते थे। फर्जी एप पर झूठा मुनाफा दिखाकर भरोसा जीतते और बाद में रकम हड़प लेते थे। ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर निकाल लिया जाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह से जुड़े मोबाइल नंबरों और खातों के माध्यम से देश के कई राज्यों में लोगों को ठगा गया है और ठगी की रकम करोड़ों रुपये तक पहुंच सकती है।इस पूरे मामले में पुलिस ने छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है जिनमें कुछ उच्च शिक्षित युवक भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि अन्य पीड़ितों की पहचान कर उनसे संपर्क किया जा रहा है और मामले की जांच आगे भी जारी है।
इस सफल कार्रवाई पर पुलिस अधीक्षक शाहजहाँपुर ने संयुक्त पुलिस टीम की सराहना करते हुए उन्हें ₹25,000 की पुरस्कार राशि देने की घोषणा की है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक, मोबाइल एप या निवेश प्रस्ताव से सावधान रहें और साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या आधिकारिक वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कराएं।