16/09/2017
प्रदेश में होगी पांच हजार स्थाई कंप्यूटर अध्यापकों की भर्ती : मनोहर लाल
-27 नए राजकीय कालेज खोलने के लिए स्थान चिह्नित किए गए
-कहा, केजी से लेकर पीजी तक की शिक्षा का स्तर उपर उठाना लक्ष्य, ईज आफ डूइंग बिजनेस की तरह शिक्षा के लिए रैंकिंग जरूरी
सोनीपत, 16 सितम्बर। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश में कंप्यूटर शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए अगले वर्ष पांच हजार स्थाई कंप्यूटर अध्यापकों की भर्ती की जाएगी। इसके साथ ही कंप्यूटर को रेगुलर कोर्स में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री शनिवार को अशोका विश्विद्यालय में हरियाणा कैसे बनेगा उच्च शिक्षा का पावरहाउस विषय पर आयोजित दो दिवसीय सेमिनार के समापन अवसर पर संबोधित कर रहे थे। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस सेमिनार में देश-विदेश के सैकड़ों शिक्षाविदों ने दो दिन तक प्रदेश में शिक्षा के स्तर पर उपर उठाने के लिए विभिन्न विषयों पर मंथन किया है।
श्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा सरकार ने उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य किया है। पिछले दिनों एक ही दिन में 21 नए कालेजों की शुरूआत कर हमने हरियाणा में प्रत्येक 20 किलोमीटर पर कालेज की सौगात प्रदेश के छात्र-छात्राओं को दी थी। अब हमने ऐसे 27 और स्थान चिह्नित किए हैं जहां पर हम जल्द ही नए कालेजों की सौगात देंगे।
शिक्षा को समाज का दर्पण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति का पैमाना होता है। यह चिंतन का एक श्रेष्ठ कार्य है और स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में हमने राज्य को आगे बढ़ाने के लिए यही चिंतन करने का निर्णय लिया। दो दिवसीय इस सेमिनार में अंतरराष्ट्रीय स्तर के चिंतक इकट्ठा हुए और प्रदेश में उच्च शिक्षा व शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न विषय हमें दिए हैं। उन्होंने कहा कि हमने प्रदेश में केजी से पीजी तक की शिक्षा का ध्यान रखना है। बुनियादी सुविधा हमारे पास पूरी है लेकिन फिर भी हम शिक्षा का स्तर उपर नहीं उठा पा रहे हैं। ऐसे में हम इन सुझावों पर काम करेंगे।
शिक्षा का स्तर बेहतर करने के लिए अध्यापकों, छात्रों और अभिभावकों को दायित्व सौंपते हुए कहा कि हमें मिलकर इस काम को आगे बढ़ाना होगा। उद्योगपतियों को भी अपनी सीएसआर के तहत आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि एक दिन पहले गुडग़ांव में हुई डिजीटल समिट में भी यही बात सामने आई है कि हरियाणा की कोई भी यूनिवर्सिटी विश्व की 200 यूनिवर्सिटी में शामिल नहीं है और देश की 100 टॉप यूनिवर्सिटी में भी प्रदेश की मात्र एक कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी शामिल है। उन्होंने कहा कि विश्विद्यालय के में अनुसंधान की गुणवत्ता और पाठ्यक्रमों को उद्योग व आज की आवश्यकता के अनुरूप तैयार करना होगा।
श्री मनोहर लाल ने कहा कि हमें शिक्षा को व्यापार बनाने वाली शिक्षा की दुकान बनें विश्विद्यालयों की जांच करनी होगी। उन्होंने कहा कि हमने हरियाणा में बेहतरी के लिए कई कदम उठाएं हैं। शिक्षकों की आनलाईन तबादला नीति लाने वाला हरियाणा पहला राज्य है। युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए कौशल विकास की दिशा में हमने लगातार कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की तर्ज पर हरियाणा कौशल विकास मिशन बनाया गया है। हमारा उद्देश्य प्रदेश के पांच लाख बेरोजगार युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार मुहैया करवाना है। इन युवाओं में पढ़े लिखे भी हैं, कम पढ़े लिखे भी हैं और अनपढ़ भी हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन 2022 को आगे बढ़ाने का संकल्प दिलाते हुए उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया जैसे कार्यक्रम देश की तकदीर को बदलने का कार्य करेंगे। देश के प्रत्येक नागरिक को इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अशोक यूनिवर्सिटी ने उन्हें आज संस्कृत दर्शन, हिंदी के नए कोर्स शुरू करने का वायदा किया है। इसके साथ ही जल्द ही भारतीय भाषाओं के विकास के लिए सेंटर फार इंडियन स्टडीज बनाए जाने की बात भी कही है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य देश की सभी भाषाओं को परस्पर सामंजस्य बनाए रखना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक भारत श्रेष्ठ भारत के सपने को इस तरह के कार्यक्रम आगे बढ़ाने का कार्य करेंगे।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री रामविलास शर्मा ने कहा कि हमें उच्च शिक्षा को लेकर एक बड़ा रास्ता तय करना है। हमने प्रदेश में 20 किलोमीटर की परिधि में कालेज खोले और छात्राओं को अब पढऩे के लिए 10 किलोमीटर आगे नहीं जाना पड़ता। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति जेडी गुप्ता, उप कुलपति भानु प्रताप मेहरा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की चेयरमैन कृष्णा गहलावत, उच्च शिक्षा विभाग की प्रधान सचिव ज्योति अरोड़ा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।