16/02/2024
प्रति,
माननीय महापौर महोदय,
नगर पालिक निगम, सतना
विषय - आकस्मिक दुर्घटनाओं में संवेदनशील व्यवहार रखने के निर्देश देने के संबंध में ।
महोदय,
पिछले कुछ समय से सतना नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत होने वाली आगजनी जैसी आकस्मिक दुर्घटनाओं के बाद नगर निगम के द्वारा पीड़ित पक्ष के विरुद्ध जांच करके आगजनी में खर्च हुए पानी या अन्य संसाधनों की वसूली हेतु उसे नोटिस जारी करके पेनाल्टी वसूल किये जाने की नई परंपरा बन गई है ।
महोदय, सामान्यतः इस प्रकार की आगजनी की घटनाएं जब भी होती है, उसके पीछे कोई न कोई मानवीय गलती या बिजली के शार्ट सर्किट जैसे कारण होते हैं ।
ऐसी घटनाओं के बाद पीड़ित पक्ष को काफी नुकसान तो होता ही है, साथ में अनेक बार उसे भविष्य के जीवन यापन में भी परेशानी होती है ।
यह ऐसा आपदा का समय होता है जब उस पीड़ित पक्ष को संवेदनाओं और अन्य सहयोग की आवश्यकता होती है । लेकिन ऐसे समय पर नगर निगम का एक विभाग उस चिन्हित स्थल की जांच-पड़ताल शुरू कर देता है और दंडात्मक कार्यवाही की जाती है ।
महोदय, ऐसी आकस्मिक घटनाएं कभी भी कहीं भी संभव है। अनेक शासकीय विभागों में भी ऐसी घटनाएं होती हैं और वहां भी अग्नि शमन के मापदंड पूरे नहीं होते हैं । परंतु दंडात्मक कार्यवाही सिर्फ व्यावसायिक स्थलों पर ही होती है ।
नगरीय निकायों में अग्निशमन जैसी सुविधाएं जनहित के लिये ही नियोजित की गई है और इसके लिये नागरिक संपत्ति कर आदि का भुगतान भी कर रहे हैं ।
अतः अनुरोध है कि इस विषय पर संवेदनशील रुख़ अपनाने के निर्देश दिये जाय ।
भवदीय
मनोहर सुगानी विवेक अग्रवाल
महामंत्री अध्यक्ष