20/01/2024
आंखे तरस गई जिस क्षण को देखने के लिए, उसको देखने मात्र से आंखे भर आई।
असंख्य कारसेवकों का बलिदान और वर्षों की तपस्या अब फलीभूत हो रही हैं। पीढियां गुजर गई ये दिन देखने के लिए, जीवित रहते सपना पूरा होना सौभाग्य की बात है।
जय श्री राम🙏🙏🙏🚩