24/08/2023
जब भी देश गौरव के कीमती पलों का साक्षी बनने का सौभाग्य मिलता है गदगद हो उठता है मन, ऑंखें खुद ब खुद भींग जाती हैँ, न रोकना चाहता हूं भावनाएं न ही रुक सकती हैँ. कल भारत की सफल चंद्र यात्रा को साक्षात् देख ऐसा ही हर्ष जगा मन मे. प्रस्तुत हैँ इस अवसर पर तुरंत मन मे आए विजय गीत की कुछ पंक्तियाँ -
सफलता ने खटखटाए द्वार,
चन्द्रयान पर हो सवार,
चन्द्रमा पर पहुंचा प्रज्ञान,
और बढ़ा भारत का मान,
शंकाएन सभी हुईं ध्वस्त,
छोटे बड़े सभी हुए मस्त,
इतने ऊपर जा पहुंचा देश,
दुनिया को दे रहा संदेश,
इसरो का कौशल बेजोड़,
कौन भला मोदी का तोड़,
जय भारत माता का नाद,
गौरव का विजयी अनुवाद,
हम जीते जीता है देश,
बदल गया सारा परिवेश,
हर कोने जागा है हर्ष,
सबसे ऊपर अब भारतवर्ष,
वर्षो के स्वप्न हुए पूर्ण,
निंदा, भय सभी हुए चूर्ण,
दक्षिण ध्रुव पर उतरा यान,
पूर्ण हुआ विजयी अभियान,
सब इतिहासों के पन्नो पर दर्ज,
अब असफलता का उतरा कर्ज,
लम्बा पथ जाना है दूर,
रण मे ना कभी रुके शूर,
भारत दुनिया मे नंबर एक,
हमने बदला विधि का लेख,
जय हो जय हो बारम्बार,
कोटि कोटि जन का आभार,
दूर, क्षितिज के आगे सूर्य,
बजे वहाँ भी जय का तूर्य,
जल, थल, नभ मे जाए संदेश,
जन हैँ पर जन से आगे देश //