22/02/2026
Sukanya Samriddhi Yojana में 5 तारीख क्यों जरूरी है?
अक्सर लोग सोचते हैं कि सुकन्या समृद्धि खाते में बस साल के ₹1,50,000 जमा कर दिए, तो काम हो गया। लेकिन सच यह है कि सिर्फ रकम नहीं, तारीख भी मायने रखती है। इस योजना में हर महीने का ब्याज 5 तारीख से महीने के आख़िरी दिन के बीच के न्यूनतम बैलेंस पर गिना जाता है। मतलब अगर पैसा 5 तारीख से पहले जमा हो गया, तो उस महीने का ब्याज मिलेगा। 5 तारीख के बाद जमा किया, तो उस महीने का ब्याज नहीं मिलेगा।
अब इसे दो लोगों के उदाहरण से समझते हैं।
मान लीजिए मोहित और रोहित, दोनों ने अपनी बेटियों के लिए खाता खुलवाया। दोनों ने तय किया कि हर साल ₹1,50,000 जमा करेंगे और 15 साल तक लगातार जमा करेंगे। दोनों ने कुल ₹22,50,000 निवेश किए। ब्याज दर भी दोनों के लिए एक जैसी रही।
फर्क सिर्फ आदत का था।
मोहित हर साल 2 या 3 अप्रैल को ही पूरी राशि जमा कर देता था।
रोहित हर साल 10 या 12 अप्रैल को पैसा जमा करता था।
दोनों को लगा कि वे सही कर रहे हैं, क्योंकि दोनों साल के अंदर पैसा तो जमा कर ही रहे थे। लेकिन 15 साल बाद जब खाते मैच्योर हुए, तो मोहित की राशि ज्यादा थी।
क्योंकि मोहित को हर साल पूरे साल का ब्याज मिला। रोहित को हर साल पहले महीने का ब्याज नहीं मिला। एक महीने का ब्याज छोटा लगता है, लेकिन जब वही गलती 15 साल तक दोहराई जाए और उस पर भी आगे ब्याज जुड़ता रहे, तो लगभग ₹70,000 से ₹1,00,000 तक का अंतर बन सकता है।
सोचिए, रकम वही, समय वही, योजना वही। फिर भी जिसने 5 तारीख का ध्यान रखा, उसे ज्यादा फायदा मिला।
इसलिए अगर आप साल में एक बार पैसा जमा करते हैं, तो कोशिश कीजिए कि 1 से 5 अप्रैल के बीच ही जमा करें। अगर हर महीने जमा करते हैं, तो हर महीने 5 तारीख से पहले पैसा खाते में पहुंचा दें।
निवेश में कई बार बड़ा फर्क बड़ी रकम से नहीं, छोटी सावधानी से आता है। 5 तारीख को हल्के में मत लीजिए। यही छोटी बात आगे चलकर बड़ा अंतर बना सकती है।