08/03/2022
मुख्यमंत्री श्री मनोहरलाल खट्टर ने बजट संबोधन में सबसे पहले सभी को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह बजट कोविड-19 महामारी के बाद अर्थव्यवस्था को गति देने वाला है और आने वाले 25 सालों में विकास की दिशा सुनिश्चित करेगा।
हरियाणा का GSDP 2014 के 370535 करोड़ के मुकाबले 2021-22 में 588771 करोड़ हुआ, जो 15.6 फीसदी अधिक है। इस बजट परिव्यय में ₹61,057.35 करोड़ का और ₹1,16,198.63 करोड़ का Revenue Expenditure शामिल है, जोकि क्रमशः 34.4 प्रतिशत और 65.6 प्रतिशत है।
बजट अनुमान 2020-21 के दौरान GSDP के प्रतिशत के रूप में राजस्व घाटा 2.10 प्रतिशत अनुमानित रहा जबकि संशोधित अनुमान 2021-22 में ये 1.40 प्रतिशत रहा. 2022-23 में जी.एस.डी.पी. के 0.98 प्रतिशत तक और कम होने का अनुमान है।
इस वर्ष के बजट आवंटन को सतत विकास लक्ष्यों अर्थात Sustainable Development Goal के साथ भी जोड़ा गया है। ₹1,77,255.98 करोड़ के कुल बजट में से सतत विकास लक्ष्य से संबंधित योजनाओं के लिए ₹1,14,444.77 करोड़ आवंटित किए हैं।
राज्य सरकार कुल व्यय में पूंजीगत व्यय के अनुपात को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. हम वर्ष 2020-21 में ₹37,093.83 करोड़ के पूंजीगत व्यय की तुलना में, संशोधित अनुमान 2021-22 में इसे बढ़ाकर ₹48,265.49 करोड़ करने में सक्षम हुए हैं
सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम भी राज्य में पूंजीगत बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए पूंजी निवेश कर रहे हैं. वर्ष 2022-23 में ₹5327.56 करोड़ के पूंजी निवेश की संभावना है, इसलिए बजट अनुमान Cumulative Capital Investment ₹66,384.91 करोड़ होने का अनुमान है
सार्वजनिक बुनियादी ढांचा और सुविधाएं प्रदान करने के लिए ₹2,000 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है. राजकोषीय अपव्यय से बचने के लिए 3 समर्पित कोष तथा स्टार्ट-अप की सहायता के लिए ‘उद्यम पूंजी कोष’ स्थापित होंगे
गर्मी सीजन के मक्का की खरीद भी न्यूनतम समर्थम मूल्य पर होगी। नई ग्रामीण संपर्क सड़कों के निर्माण के लिए एचएसएएमबी को 200 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा। फसल समूह विकास कार्यक्रम के तहत 100 पैक हाउस की स्थापना की जाएगी।
फसल विविधिकरण कार्यक्रम के तहत 20,000 एकड़ फसल विविधिकरण का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को किराए पर मशीनें उपलब्ध करवाने हेतु 5 मशीन बैंक केंद्रों की स्थापना की जाएगी। किसानों के मार्गदर्शन के लिए प्रगतिशील किसान कृषि दर्शन कार्यक्रम की शुरूआत की जाएगी
प्रदेश में हैफेड द्वारा गुड़ इकायां स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। सभी जिलों में दूध और दुग्ध व अन्य खाद्य उत्पादों की जांच के लिए प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी