16/01/2024
अजीब खेल है उस अल्लाह का लिखता भी वही है मिटाता भी वही है भटकाता है राह तो दिखाता भी वही है उलझाता भी वही है सुलझाता भी वही है जिंदगी की मुस्किल घड़ी में दिखता भी नहीं मगर साथ देता भी वही है हर दुःख सुख का साथी अल्लाह है जब चाए सुख देगा उसी पल दुःख भी दे सकता है....!
उम्मीदों का फटा पैरहन सिले कौन दर्जी ....!
हम उसी में खुश हैं जो है अल्लाह की मर्जी .....!
Mohd Rameem Ramma...!