10/04/2018
बीसीए की परीक्षा : महत्वपूर्ण निर्णय
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बीसीए की परीक्षा में विभिन्न केंद्रों से निष्कासित विद्यार्थी औपबंधिक रूप से संबंधित सेमेस्टर की प्रायोगिक परीक्षा में सम्मिलित हो सकेंगे। इस आशय का निर्णय सोमवार को परीक्षा कदाचार निवारण समिति की बैठक में लिया गया। इसकी अध्यक्षा प्रति कुलपति डॉ. फारूक अली ने की।
बैठक में बीसीए की परीक्षा में विभिन्न केंद्रों से निष्कासित विद्यार्थियों के संबंध में केंद्राधीक्षक की रिपोर्ट और विद्यार्थियों के आवेदन पर गहन विचार-विमर्श किया गया। सभी सदस्यों ने यह पाया कि इस संबंध में कोई ठोस निर्णय संबंधित विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं, उसमें संलग्न पुर्जे और केंद्राधीक्षक की रिपोर्ट के जांचोपरांत ही लिया जा सकेगा। अतः फिलहाल विद्यार्थियों को औपबंधिक रूप से आगामी प्रायोगिक परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति दी गयी। लेकिन बाद में जांचोपरांत समिति का जो निर्णय होगा, वह सभी पक्षों के लिए बाध्यकारी होगा। यदि जांचोपरांत परीक्षार्थियों का निष्कासन गलत साबित होगा, तो विश्वविद्यालय विशेष सैद्धांतिक परीक्षा हेतु अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी।
मालूम हो कि विश्वविद्यालय लगातार अपने विद्यार्थियों के समुचित विकास और उनके हितों के संरक्षण हेतु प्रतिबद्ध है। सभी मामलों पर नियम-परिनियम के अनुरूप ही निर्णय लिया जाएगा और किसी के साथ भी किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होगा।
बैठक में डीएसडब्लू डॉ. योगेन्द्र प्रसाद यादव, विज्ञान संकायाध्याध्यक्ष डाॅ. रंजीत कुमार, प्रभारी कुलानुशासक डॉ. अरूण कुमार, टी. पी. काॅलेज, मधेपुरा बीसीए के समन्वयक डाॅ. कपिलदेव प्रसाद एवं परीक्षा नियंत्रक डॉ. नवीन कुमार उपस्थित थे।