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Computer General Knowledge Quiz in Hindi
11/10/2017

Computer General Knowledge Quiz in Hindi

पास होने के लिए 80 % आना जरुरी है

4 दिन के बाद आज हमलोगों इन्टरनेट का प्रयोग कर रहें है इसका महत्व क्या है ये पता तो चल गया होगा...आज इन्टरनेट हमलोगों के ...
08/09/2017

4 दिन के बाद आज हमलोगों इन्टरनेट का प्रयोग कर रहें है इसका महत्व क्या है ये पता तो चल गया होगा...आज इन्टरनेट हमलोगों के जीवन का एक महत्वपूर्ण पार्ट हो गया...तो आज जानते है इनकें कुछ पहलु को....
इंटरनेट का सफर, 1970 के दशक में, डॉ विंट सर्फ (Vint Cerf) और बाब काहन् (Bob Kanh) ने शुरू किया गया था..
1972 ई.में इलेक्ट्रॉनिक मेल अथवा ई-मेल की शुरुआत
इंटेरनेट और इंट्रानेट
इंट्रानेट किसी कंपनी का आन्तरिक नेटवर्क जैसे बैंक.Lic,LNT,और भी बहुत सी कंपनी है जो, इंट्रानेट का प्रयोग करता है उस कंपनी का सेटेलाइट पर एक ट्रांसपोंडर होता है जिसका काम भारत के अलग अलग स्थान में अपने कंपनी का नेटवर्क पहुँचना ,जो इन्टरनेट के रुल को फ़ॉलो करता है ,जबकि इन्टरनेट एक स्वतंत्र नेटवर्क्स का नेटवर्क है जिसका प्रयोग हमलोग करते है.....इंट्रानेट के द्वारा इन्टरनेट सोफ्टवेयर व इन्टरनेट प्रोटोकॉल का भी प्रयोग किया जाता है.लेकिन यह सदैव इन्टरनेट से स्थायी संबंद नहीं रखता है.
भारत में इंटरनेट
भारत में इंटरनेट 80 के दशक मे आया,जब एर्नेट (Educational & Research Network) को सरकार ,इलेक्ट्रानिक्स विभाग और संयुक्त राष्ट्र उन्नति कार्यक्रम(UNDP)की ओर से प्रोत्साहन मिला...सामान्य उपयोग के लिये इंटरनेट का जाल 15 अगस्त 1995 से उपलब्ध हुआ,जब विदेश सचांर निगम सीमित (VSNL) ने गेटवे सर्विस शुरू की. भारत मे इंटरनेट यूजर्स की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। यहां 1.32 बिलियन लोगों तक इंटरनेट की पहुंच हो चुकी है, जो कि कुल जनसंख्य का करीब 34.8 % फीसदी है...लेकिन अभी भी भारत में इन्टरनेट सभी जगह नहीं मिल पा रही है मिल भी रही है तो स्पीड की समस्या है .वही कुछ ऐसे देश भी है जहाँ इन्टरनेट फ्री है
इस्टोनिया एक ऐसा देश है जहाँ इन्टरनेट एक्सेस फ्री है
यहां पूरे देश में वायरलेस इंटरनेट (वाई फाई) की एक्सेस है। चाहे आप एयरपोर्ट में हो या समुद्रतट या जंगल में, हर जगह इंटरनेट की पहुंच है। यहां एक्सेस भी फ्री है. इस्टोनिया में 25 फीसदी वोटिंग ऑनलाइन होती है। यहां पैरेंट्स अपने बच्चों की स्कूल की डेली एक्टीविटी, टेस्ट के नंबर और होमवर्क को ऑनलाइन देख सकते हैं। यहां एक बिजनेस ऑनलाइन सेटअप तैयार करने में महज 18 मिनट का समय लगता है। इस्टोनिया में 993,785 इंटरनेट यूजर हैं, जो कि इस देश की पूरी आबादी का लगभग 78 फीसदी है। यहां की जनसंख्या 1, 274,709 है। इस्टोनिया में इंटरनेट पर सबसे अधिक फ्रीडम है...अधिकतर उपयोग ई कमर्स और ई-गवर्नमेंट सेवाओं के लिए होता है। यहां प्रेस और ब्लागर ऑनलाइन कुछ भी कहने के लिए फ्री हैं इस्टोनिया ने अमेरिका को पीछे कर दूसरे स्थान पर छोड़ा है। यह छोटा सा देश तकनीकी तौर पर पॉवर हाउस बन गया है। यहां ऑन लाइन वोटिंग, इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड इंटरनेट के माध्यम से एक्सेस हैं. ब्रांडबैंड से अधिकतर सुसज्जित यह देश डिजिटल वर्ल्ड का एक मिथक बन कर उभरा है....
और वही सोशल मीडिया हमारे देश में सबसे बड़ा साम्राज्य कायम कर रहा है जो एक चिंता का बिषय बनता जा रहा है और यह खास कर हमारे युवा पीढ़ी को अपने गिरफ्त में कर लिया.. सोशल मीडिया के प्रयोग में भारत वर्ल्ड में सबसे बड़ा देश है यहाँ लगभग 195 मिलियन से अधिक प्रयोक्ताओं है और वही वर्ल्ड में 10 ऐसे देश है जहाँ इन सोशल मीडिया पर प्रतिबन्ध है
उत्तर कोरिया
ईरान
चीन
क्यूबा
बांग्लादेश
मिस्र
सीरिया
मॉरीशस
पाकिस्तान
वियतनाम
इरिट्रिया
हम आज नेट के स्पीड को ले कर बहुत परेशान रहते है वही कुछ ऐसे देश भी है जहाँ सबसे तेज इंटरनेट सेवा है नेट के माध्यम से ही T.V देखते है
स्पीड दक्षिण कोरिया में सबसे तेज इंटरनेट सेवा है यहाँ एंटरटेनमेंट, ऑन लाइन डील, डेली सर्च और ट्रैवल में इस्तेमाल होने वाले इंटरनेट का एक बहुत बड़ा हिस्सा है.औसत वर्ल्ड वाइड डाउनलोड स्पीड 58 किलोबाइट प्रति सेकंड है। दक्षिण कोरिया में सबसे अधिक इंटरनेट की औसत स्पीड सबसे तेज है। यहां की स्पीड 2202 केबीपीएस है। पूर्वी यूरोपीय देश रोमानिया दूसरे स्थान पर 1909 और बुल्गारिया तीसरे स्थान पर 1611 केबीपीएस के साथ है। स्पीड के मामले में हांगकांग में इंटरनेट की औसत पीक स्पीड 49 एमबीपीएस है। जबकि अमेरिका में 28 एमबीपीएस है.हालाकि अमेरिका विश्व का सबसे अधिक इंटरनेट से जुड़ा हुआ देश है...
Wikipedia

 #इन्टरनेट के दुनियां में आज कल हम लोग जीते है तो इसे जरुर पढ़े....आज इन्टरनेट हमलोगों के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन...
12/07/2017

#इन्टरनेट के दुनियां में आज कल हम लोग जीते है तो इसे जरुर पढ़े....
आज इन्टरनेट हमलोगों के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है.... तो आज जानते है इन्टरनेट के उन रहस्य के बारें में.... इन्टरनेट को 3 हिस्सों में बाटा है . Surface Web, Deep Web,Dark Web.ताकि आपको समझने में आसानी होगी...
हम जैसे ही किसी वेबसाइट को ओपन करते है हमारा ISP उसे ओपन करने की अनुमति देती है बहुत से ऐसे वेबसाइट है जिसे हमारी सरकार ओपन करने की अनुमति नहीं देती है यह कानून सामान्य रूप से हर देश में लागु होता है..
हम इन्टरनेट पर अनगिनत वेबसाइट को ओपन करते है . या गूगल में सर्च करके हमारे काम की वेबसाइट को देखते है और अपना काम करते है.... लेकिन शायद आपको नहीं पता होगा की जो वेबसाइट हम इस्तेमाल करते है या गूगल सर्च से हमारे सामने आती है वो पुरे इन्टरनेट की सिर्फ 5% ही है.....बाकि की 95% वेबसाइट ऐसी है जिन्हें हम नार्मल ब्राउज़र से ओपन नहीं कर सकते या इन्टरनेट पर सर्च करके भी नहीं देख सकते है ...आए समझते है इसे..
Surface Web:- वो है जिसे हम सर्च इंजन की मदद से सर्च करके उस वेबसाइट तक जा सकते है... और ये पुरे इन्टरनेट का 5% है...और पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा Surface Web ही इस्तेमाल होता है। और Deep Web या Dark Web वो इन्टरनेट है जिसे हम सामान्य ब्राउज़र से ओपन नहीं कर सकते है लेकिन इस दोनों में भी बहुत बड़ा अंतर है... इसको इस्तेमाल करने के लिए हमें कोई स्पेशल परमिशन की जरुरत नहीं होती है आप इंटरनेट से जो कुछ नहीं पढते हैं, देख रहे हैं, लिख रहे हैं यह सब Surface Web है..... Surface Web में हम किसी भी वेबसाइट को एक लिमिट में रहकर देख सकते हैं। जितना हमें उस वेबसाइट का मालिक दिखाना चाहता है। वेबसाइट के एडमिन एरिया को ओपन नही कर सकते हैं और ना ही कोई प्राइवेट जानकारी देख सकते हैं जब तक कि एडमिन नहीं चाहे...
जैसे हम कुछ चीजे इंटरनेट पर सर्च करते हैं लेकिन गूगल उस शब्द को दिखा नही पाता है और वहां पर Blank पेज आ जाता है। अगर कुछ ऐसा होता है तो इसका मतलब यह है कि उससे संबंधित इंटरनेट पर कोई जानकारी नहीं है। या हो सकता है वह कंटेंट गूगल ने जानबूझकर छुपाया हो। क्योंकि गूगल कानून के दायरे में रहकर काम करता है जिससे किसी से देश या किसी समुदाय को हानि ना पहुंचे .... Google से रिक्वेस्ट करके किसी भी चीज को हटाया जा सकता है। कई बार गूगल में ऐसा भी किया है कि कोई आपत्तिजनक चीजों को Google से हटा दिया गया है ताकि Surface Web काफी अच्छा रहे....
2.Deep web:-ऐसा इन्टरनेट है जिसे हम सर्च करके नहीं पा सकते। क्योंकि ये no index वेबसाइट होती है लेकिन इसका इस्तेमाल हम कर सकते है। जितनी भी cloud storage की वेबसाइट होती है वो Deep Web में आती है। जिसे हम सिर्फ तभी एक्सेस कर सकते है जब हमारे पास उसके लिए Fix URL हो... और उसका पासवर्ड हो... इस तरह की वेबसाइट पर गोपनीय जानकारी सेव की जाती है, या सरकारी डाटा एक जगह से दूसरी जगह पर भेजा जाता है या फिर इस पर डाटाबेस बनाकर रखा जाता है या ईमेल लिस्टिंग की जाती है और गवर्नमेंट,पब्लिकेशन,न्यूज़ चैनल इत्यादि भी इसी प्रकार की साइट पर होती है। इन वेबसाइट को वही लोग एक्सेस कर सकते हैं जिनके पास इसकी परमिशन है जब तक आप के पास वेबसाइट सही URL और Password नही होता हैं तब तक आप इसे नहीं देख पाएंगे....
3.Dark Web:-इन्टरनेट का वो हिस्सा है जंहा सारे गैर कानूनी काम होते है। Dark web को इस्तेमाल करने के लिए आपको स्पेशल इंटरनेट ब्राउज़र की जरूरत पड़ती है जिसे हम.....???????.....ब्राउज़र कहते है... इसे सिर्फ Educational Purpose तक ही सीमित रखे.... इसके इस्तेमाल से आप अपने IP एड्रेस को छुपा तो सकते हैं लेकिन आप कौन सा ब्राउज़र का प्रयोग कर रहे है ये आपके ISP को रहता है....डार्क वेब में Access करने के लिए आपको अपनी पहचान छुपाने की जरूरी होती है क्योंकि यह काम illegal है और हम आपको इसे करने की सलाह नहीं देते हैं यह 100% गैरकानूनी है .....Dark Web की कोई अथॉरिटी नहीं है... यहां अपने सब अपने मालिक होते हैं... इसीलिए इसे काली दुनिया भी कहा जाता है... पुलिस की नजर में चाहे कितना ही बडा Crime क्यूं न हो यहां पर यह सब देखा जाता है....यहां पर ऑनलाइन Drugs खरीद सकते हैं आप चाहें तो किसी भी आतंकी संगठन को डोनेशन दे सकते हैं....नकली करेंसी, फ्राड करने के तरीके, वायरस, हैकिंग के सॉफ्टवेयर इत्यादि.... इस काली दुनिया में हर सामान आप को मिल जाता है...जिसके बारे में आप नही जानते आप वैसी चीजे यहाँ पर खरीद सकते हैं। इस दुनिया में आम पैसा या रुपैया नही चलता है यहाँ पर सारी पेमेंट BitCoin के द्वारा की जाती है.....ध्यान रहें आप कभी भी इस Dark Web के दुनियां में कदम नहीं रखेगें.....क्योंकी हमारा कानून इसकी इजाजत नहीं देती है अगर फिर भी इस काली दुनिया में जाएगे तो एक "तीसरी आँख" आपको ढूंढ कर सलाखों के पीछे पंहुचा सकती है....
हमलोग हमेसा अपने बच्चों पे नज़र रखें की जाने-अनजाने कही वह कुछ गलत ना कर दे....
यह लेख आपको कैसा लगा जरुर बताए...

    के इस दुनियां में कुछ   बहुत महत्वपूर्ण है उसमें सिर्फ 2 Course     और C,C++ 10:30 to 12 pm आरम्भ हो चुका....Registr...
25/05/2017

के इस दुनियां में कुछ बहुत महत्वपूर्ण है उसमें सिर्फ 2 Course और C,C++ 10:30 to 12 pm आरम्भ हो चुका....
Registration के लिए संपर्क करे...
Jagjivan Path,Near V-Mart
Mob-9934461277,9534279756

Science और Technology एक साथ* Phy.Che.Bio.& Math कोटा के Pattern पर होगी तैयारी.* कमजोर छात्रों के लिए अलग से सुबिधा * स...
19/05/2017

Science और Technology एक साथ
* Phy.Che.Bio.& Math कोटा के Pattern पर होगी तैयारी.
* कमजोर छात्रों के लिए अलग से सुबिधा
* सप्ताह में एक दिन टेस्ट
* 100 स्टूडेंट एक साथ बैठने की व्यवस्था
* बेहतरीन कंप्यूटर लैब और शिक्षा की व्यवस्था
* फ्री WiFi कैम्पस

15/05/2017

अब आपके सपनों को मिलेगा एक उड़ान एक छत के नीचे Computer और 10+2 Phy.Che.Bio.& Math कोटा के Pattern पर होगी तैयारी.
आज से Demo क्लास आरम्भ.....
Call:-9934461277,9534279756

Brian Acton/Jan Koumअसंभव कुछ भी नहीं जब चाहत हो तो सब संभव है इस बात को ब्रायन ऐक्टन (Brian Acton) ने साबित कर दिए .......
13/04/2017

Brian Acton/Jan Koum
असंभव कुछ भी नहीं जब चाहत हो तो सब संभव है इस बात को ब्रायन ऐक्टन (Brian Acton) ने साबित कर दिए .... Brian Acton और हम सब का सबसे लोकप्रिय App… whatsapp के Co-Founder है उन्होंने 2009 में जॉब के लिये Facebook में अप्लाई किया वो Facebook कंपनी में जॉब करना चाहते थे लेकीन उनको वहा से रिजेक्ट किया गया. बाद में उन्होंने ट्विटर पर भी जॉब के लिये कोशिश की लेकीन वहा भी उनके हाथ में निराशा ही आयी. जब किसी के साथ ऐसा बार – बार होता है तब उसे अपनी योग्यता पे, अपने Talent पे शक होने लगता है. बहुत से लोग अपनी जिंदगी से हार मान लेते है. परेशान होकर तनाव में आ जाते है.
लेकीन ब्रायन ऐक्टन को खुद पर विश्वास था. कुछ कर दिखाने की इच्छा थी. उनके अंदर खुद को साबित करने की आग थी. उन्होंने दुसरे लोगों की तरह हार मानने की जगह, परेशान होने की जगह अपने दोस्त जेन कूम (jan koum) के साथ मिलकर रात-दिन मेहनत करके एक ऐसा अप्लीकेशन बना डाला जिसे पूरी दुनिया ने सर पर बिठा दिया.
व्हाट्सअप अप्लीकेशन बनाने के पहले जिस Facebook कंपनी ने WhatsApp अप्लीकेशन बनाने वाले ब्रायन ऐक्टन को रिजेक्ट किया था उसी को ठीक 5 साल बाद 2014 में फेसबुक कंपनी ने ब्रायन ऐक्टन के WhatsApp अप्लीकेशन को 19 बिलियन डॉलर यानी भारतीय रुपयों में एक लाख करोड़ से भी ज्यादा रुपयों में खरीदा. ब्रायन ऐक्टन जिस कंपनी में काम मांगने गये थे आज उसी कंपनी के मेजर शेयर होल्डर बन गये.
जिसे खुद पर विश्वास हो मेहनत करने की तैयारी हो उसे हर हाल में सफलता मिलती है. आप अपनी असफलता को किस तरह लेते है. इसपर आपकी सफलता निर्भर करती है. अगर हम अपनी असफलता को एक मौका समझकर आगे बढ़ने की उपयोग में लेते है तो आपको एक ना एक दिन सफलता जरुर मिलेंगी.

याद रखना की एक हार जिंदगी की हार नहीं होती......

नया  कैशलेस अर्थव्यवस्था की दिशा में हम लोग आगे बढ़ रहे है.और अब एक नया प्रयोग आपके अंगुठे से कैशलेस ट्रैन्ज़ैक्शन्ज़ कर ...
12/04/2017

नया कैशलेस अर्थव्यवस्था की दिशा में हम लोग आगे बढ़ रहे है.और अब एक नया प्रयोग आपके अंगुठे से कैशलेस ट्रैन्ज़ैक्शन्ज़ कर सकते है आपका आधार नंबर और आपका अंगुठा ही आपका पासवर्ड.भारत दुनियां का पहला देश होगा जो अपने Thumbs Impression से कैशलेस ट्रैन्ज़ैक्शन्ज़ कर सकते है.पर थोड़ा इंतजार करे.
विमुद्रीकरण कैंपेन का परिणाम यह हुआ कि लोग अब ऑनलाइन बैंकिंग, शॉपिंग, बिल पेमेंट, टिकट बुकिंग आदि के लिए तो कैशलेस ट्रैन्ज़ैक्शन्ज़ का इस्तेमाल कर ही रहे है, लेकिन अब चाय, भेल-पूरी और सब्जी वाले भी डिजिटल ट्रैन्ज़ैक्शन्ज़ को अपना रहे है...
तो आज जाने कुछ बातें
भारत में 10 सर्वश्रेष्ठ ट्रैन्ज़ैक्शन्ज़ ऑप्श न उपलब्ध हैं –
चैक
डिमांड ड्राफ्ट
नेट बैंकिंग / ऑनलाइन पेमेंट
डेबिट कार्ड / एटीएम कार्ड
क्रेडिट कार्ड / ट्रैवल कार्ड
उपहार कार्ड / प्रीपेड कार्ड
ई-वॉलेट
यूनिफाइड पेमेंट इंटरफ़ेस (UPI)
आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS)
अनस्ट्रक्चर्ड सप्लीमेंट्री सर्विस डेटा (यूएसएसडी)
यह पेमेंट ऑप्शसन देश में अधिकृत पेमेंट सिस्टएम है और भारतीय रिजर्व बैंक ने इसे सेफ, सिक्योर और एफ्फिसिएंट बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं।
चेक और डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से पेमेंट करना सबसे सुरक्षित हैं, लेकिन इसके लिए आपको अपने बैंक में जाने की जरूरत होतील है। ऑनलाइन ट्रांन्ज़ैक्शन्ज़ या नेट बैंकिंग का उपयोग ई-पेमेंट या डायरेक्टो अकाउंट ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है ।
केंद्र सरकार अब डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए ऐसे कई कदम बढ़ा रही है जिसमें कैश का उपयोग कम से कम हो ।
लेकिन जैसे जैसे दुनिया इस कैशलेस अर्थव्यवस्था की दिशा में प्रगति कर रही है, यहाँ साइबर क्रिमिनल्स को भी इन यूजर्स को टारगेट करने का अवसर मिल गया है। वे यूजर्स, ऑनलाइन शॉपर्स और बैंकर्स पर अटैक करने के लिए अब लेटेस्ट टेक्निक्स का इस्तेऑमाल कर रहे है ।
साइबर क्रिमिनल्स अब नए नए मौके तलाश रहे है आपकी फाइनेंसियल डिटेल्स चोरी करने के लिए। हाल हि आए खबरों में आपने सुना होगा कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के 32 लाख एटीएम कार्ड को हैक कर लिया था ।
यही कारण है कि यूजर्स के डेटा सिक्योरिटी पर सवाल उठाए जा रहे हैं। लेकिन ऑनलाइन ट्रैन्ज़ैक्शन में हमारी भी कुछ ज़िम्मेदारी बनती है सुरक्षा उपाय को ध्या न में रखने कि।
कैशलेस या ऑनलाइन ट्रांन्ज़ैक्शन पर हैकर्स कैसे अटैक करते है-
समझते हैं कुछ टेक्निक्स के बारें में जिन्हेै हैकर्स कैशलेस ट्रांन्ज़ैक्शन्से को टार्गेट बनाने के लिए कर रहे है-
1) आजकल हर पब्लिक प्लेबस पर आपको फ्री में वाईफाई कि सुविधा मिल जाती है। जब आप मॉल, रेल्वेे स्टेआशन, कैफे, एरपोर्ट या अन्यो पब्लिक प्लेबस पर वाईफाई ऑन करते है, तब आपको एक जैसे नाम से कई वाईफाई दिख सकते है। ऐसे समय इनमें से कुछ फेक और साइबर क्रिमिनल्स द्वारा यूजर्स को टार्गेट करने के लिए बनाए गए हो सकते है।
2) फेक ऑफर्स और डिस्काउन्ट के ईमेल हैकर्स एक साथ कई यूजर्स को भेजते है, जिनमें शॉपिंग के लिए एक लिंक होती है। यह लिंक फेक या इन्फेक्टेड वेबसाइट पर आपको ले जाती है। यहाँ पर फाइनेंसियल डिटेल्स देना आपको जोखिम में डाल सकता है।
3) बैंकिंग, ई-कॉमर्स या शॉपिंग की फ़िशिंग साइटस् बनाई जाती है, जो बिल्कुल ओरिजनल जैसे लगती है। ऐसी वेबसाइट पर आपके द्वारा एंटर किए गए लॉगइन डिटेल्स और अन्यज जानकारी सीधे हैकर्स तक पहुँच जाती है।
4) हैकर्स विभिन्न प्रकार के ऐप्सा बना लेते है, जो ओरिजन ऐप के समान हो सकते है। ऐसे ऐप का उपयोग कर हैकर्स आपके लॉगिन आईडी/पासवर्ड और अन्यग बैंकिंग इनफॉर्मेशन चोरी करने की कोशिश करते है।
5) वॉट्सऐप पर भी आजकल कई तरह से फेक मैसेज भेजे जा रहे है, जिनमें फेक लिंक होती है।
****गूगल प्लेॉ स्टोजर पर कई नकली BHIM ऐप आ गए है, जो यूजर्स को भ्रमित कर रहे हैं। BHIM ऐप की लोकप्रियता जैसे जैसे बढ़ रही है, वैसे वैसे यह नकली ऐप कि संख्यार भी बढ़ रही है।
How To Secure Cashless Transactions?
1) कभी भी आपको प्राप्तs होने वाले ईमेल या टैक्ट्ैस मैसेज में शामिल बैंकिंग या शॉपिंग वेबसाइट लिंक पर क्लिक न करें। ऐसे लिंक्सन पर क्लिक करने के बजाए, अपने बैंक का यूआरएल मैन्युअल टाइप करें।
2) ऑनलाइन बैंकिंग कि साइट ओपन करने के बाद उसके एड्रेस के पहले https लगा है इसकी पुष्टि हमेशा करें।
3) बैंकिंग, पेटिएम और भीम जैसे ऑनलाइन पेमेंट ऐप्से को हमेशा गूगल प्लेस स्टोार से ही डाउनलोड करें। लेकिन डाउनलोड करने से पहले उनके पब्लिशर की पुष्टि करें, क्योूकि प्ले‍ स्टोलर भी कई फेक ऐप्सन है।
4) अपने बैंकिंग या ऑनलाइन पेमेंट के लिए हमेशा स्ट्रॉंग पासवर्ड रखे। यदि आप सिक्योर पासवर्ड कैसे बनाया जाता है और इसे आप वास्तव में याद कैसे रख सकेंगे यह सीखना चाहते है, तो इस लिंक पर क्लिक करें।
5) अपने ऑनलाइन बैंकिंग या डेबिट कार्ड का पिन नंबर समय समय पे बदले।
6) ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए साइबर कैफ़े के कंप्यू टर का इस्तेलमाल न करें। इनके कंप्यूहटर पर कीलॉगर हो सकते है, जो आपके द्वारा टाइप किए गए पासवर्ड को कैप्चर कर सकता है।
7) असुरक्षित वाई-फाई नेटवर्क का प्रयोग ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए न करें। ऐसा करने से एक हैकर्स आपकी इनफॉर्मेशन चोरी कर सकता है।
8) अपने पीसी पर सबसे अच्छेर एंटीवाइरस को इंस्टॉेल करें।
9) कई बार पीसी कि सिक्योछरिटी के लिए सिर्फ एक एंटीवाइरस इंस्टॉेल करना पर्याप्त नहीं होता। इसके साथ में आपको एंटी-स्पाइवेयर और मैलवेयर सॉफ्टवेयर भी इंस्टॉॉल करने चाहिए।
10) अगर आप एंड्रॉइड मोबाइल से ऑनलाइन पेमेंट करते है, तब आपको अपने मोबाइल में भी एंटीवाइरस इंस्टॉ ल करना चाहिए।
*****अपने ऑनलाइन ट्रांन्ज़ैक्शन को अधिक सिक्योर बनाने के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेजमाल करें। इसमें ऑनलाइन पेमेंट करने से पहले आपके रजिस्टर्ड मोबाइन नंबर पर एक OTP आता है, जिसे एंटर करने के बाद ही फाइनल पेमेंट होता है...

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