12/01/2024
वो कमीज की आस्तीन चढ़ा,
पतंग उड़ाते हुए बोला - "हिन्दी, हिन्दू, हिदुस्तान "
मै बोला - आसमान से नीचे देख अंगूर खा या कद्दू, इत्ती सी लाइन में हम 14 शब्द #फारसी के बोल गये ।
वो बोला - कुर्सी पर बैठ या दुकान पर
पहले हवा खा फिर बात करेंगें ,
मैं - हवा हवाई ना कर
हलवाई के पास जाकर पहले इमरती ले कर आ...
अनार अमरूद अंजीर खाने की कोई इच्छा नहीं है
वो बोला - ये क्या बात हुई.?
मैं बोला - देख भाई फिर इत्ती से बात में हम 13 शब्द #अरबी के बोल गये ।
उसने कैंची, तमंचा, चाकू निकाल लिये...
मैं बोला - देख ये तीनों #तुर्की हैं,
अब तू बावर्ची बुला या बीबी ,
पहले कोरमा खा या कुल्फी, बहादुर है या अजब लुच्चा, पर तेरा कालीन अच्छा है।
वो बोला ये भी #तुर्की हैं...
मैने कहा - हां भई... हां, का, पर, हैं, को छोड कर सब #तुर्की ही हैं ।
मैने कहा - अटकल लगा, अखरोट खा, नगाड़ा बजा, गुंडा है तो मटरगश्ती कर, पटाखा चला वो बोला ये क्या हुई , मैने कहा ये #पश्तो हुई ।
वो रिक्शे पर बैठ सायोनारा गाने लगा...
मैने कहा ये दोनों #जापानी हैं,
उसने चाय उठाई... मैने कहा ये #चीनी है ।
वो अलमारी में रखे अन्नानास और गोदाम के काजू , गमले की गोभी,अचार, संतरा ,सलाद, साबुन और फीता पीपा ले कर मेज पर रख गया
मैने सबका बंडल बना कर बोला ये सब #पुर्तगाली हैं।
वो बोला तुरूप मारे हो या बम,
मै बोला - ये #डच है ।
वो झल्ला कर बोला फिर हिन्दी कहां है ?
मैने कहा - देख ये तूने अबतक जो कुछ कहा ये संस्कृत, अवधी, भोजपुरी, मैथली, राजस्थानी पंजाबी, गुजराती, गढवाली, बंगाली, तमिल, तेलगू ,उर्दू, मलयाली के साथ इस सुरम्य भारत की 121 भाषायें और लगभग 358 बोलियों की जो नदियां इकट्ठा होकर अपना समुद्र बनाती हैं ना, उनमें ये विदेशी धारायें भी समा कर हिन्दी का महासागर बनाती हैं ।
हिन्दी किसी की बपौती नहीं... धरोहर है हमारी ।
इसमें जितनी धारायें मिलती रहती हैं ये उतनी गहरी और व्यापक होती चली आ रही है। अब यदि हिन्दी की कहानी समझ आ गयी हो तो समझ, हिन्दुस्तान कितना रंगीन है ।
कितनी धारायें ! कितने कितने आयाम !
दुनिया में है कोई एैसा देश जहां पूरी दुनिया के रंग एक साथ महकते हों ?
देख ये हिन्दी की ही ताकत है
#विश्वहिंदीदिवस की शुभकामनाओं के साथ .... हिमालय के एक छोटे से गांव से ...अद्वैत .....................................................
धर्मांधता को आईना दिखाती हुई फेसबुक मित्र Adwet Bahuguna जी की एक कालजयी रचना... 🎉🎄👌
एक fb पोस्ट... किसी की मिली