28/05/2026
52 वर्षों से शिक्षा की अलख जगा रहा एसजेके कॉलेज, कलानौर
हजारों युवाओं का भविष्य संवार चुका इलाके का इकलौता कॉलेज
कलानौर प्राईम न्यूज
कलानौर क्षेत्र में शिक्षा की पहचान बन चुका सत जिंदा कल्याणा (एसजेके) कॉलेज पिछले 52 वर्षों से लगातार युवाओं को शिक्षित कर समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहा है। वर्ष 1971 में स्थापित यह कॉलेज आज भी क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों के लिए उम्मीद और उज्जवल भविष्य का केंद्र बना हुआ है। 7 जनवरी 1971 को सत जिंदा कल्याणा गद्दी के महंत श्री जमना दास जी के करकमलों से इस कॉलेज की स्थापना हुई थी। खास बात यह रही कि स्वयं अधिक शिक्षित न होने के बावजूद महंत जमना दास जी ने क्षेत्र के युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उच्च शिक्षा का यह दीप जलाया। आज वही संस्थान लाखों विद्यार्थियों को शिक्षा देकर समाज में अपनी अलग पहचान बना चुका है।
शकॉलेज के सचिव एवं रोहतक के पूर्व सांसद Shadi Lal Batra का भी इस संस्थान को आगे बढ़ाने में अहम योगदान माना जाता है। क्षेत्र में यह कॉलेज अपनी साफ-सुथरी छवि, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए जाना जाता है।
राजनीति, शिक्षा और व्यापार जगत में चमके कॉलेज के छात्र
इस कॉलेज से शिक्षा प्राप्त कर कई छात्र आज राजनीति, शिक्षा, कानून और व्यापार जगत में बड़ा मुकाम हासिल कर चुके हैं। इनमें Balraj Kundu , Narender Kumar Dhawan, Rajbir Kashyap, Rajesh Kheda सहित अनेक नाम शामिल हैं जिन्होंने कलानौर क्षेत्र का नाम रोशन किया।
बेटियों के लिए वरदान साबित हो रहा कॉलेज
आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवार अपनी बेटियों को बाहर पढ़ने भेजने में संकोच करते हैं। ऐसे में एसजेके कॉलेज क्षेत्र की बेटियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। कॉलेज में बड़ी संख्या में छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं और सुरक्षित वातावरण में उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने सपनों को पूरा कर रही हैं।
महाविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्राओं की सुरक्षा, अनुशासन और बेहतर शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिसके चलते अभिभावकों का भी कॉलेज पर पूरा भरोसा बना हुआ है।
विज्ञान, कला, वाणिज्य और कंप्यूटर शिक्षा का बेहतर केंद्र
कॉलेज में कला और वाणिज्य संकाय के साथ-साथ विज्ञान शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों से बीएससी (नॉन मेडिकल) की पढ़ाई शुरू होने के बाद छात्राओं को विज्ञान शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता। वहीं बीसीए जैसे कंप्यूटर कोर्स भी युवाओं को आधुनिक शिक्षा से जोड़ रहे हैं।
खेलकूद, एनसीसी और एनएसएस गतिविधियों में भी कॉलेज के विद्यार्थी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और विश्वविद्यालय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
प्राचार्य ने दी प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नरेश कुमार दुआ ने बताया कि महाविद्यालय में बीए, बीकॉम, बीसीए, बीएससी (नॉन मेडिकल), एमए ज्योग्राफी, एमकॉम तथा एपीजीडीसीए जैसे कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और विद्यार्थियों में विशेष रूप से विज्ञान संकाय के प्रति काफी उत्साह देखा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि यह महाविद्यालय पिछले पांच दशकों से क्षेत्र के लगभग 16 गांवों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा उपलब्ध करवा रहा है। साथ ही कॉलेज बनने के समय से ही छात्राओं की ट्यूशन फीस निशुल्क रखी गई है, जो इस संस्थान की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक है।
# # विभिन्न कोर्सों में सीटों की संख्या
* बीए – 160 सीटें
* बीकॉम – 80 सीटें
* बीएससी – 80 सीटें
* बीसीए – 60 सीटें
* एमए ज्योग्राफी – 45 सीटें
* एमकॉम – 60 सीटें
* एपीजीडीसीए – 60 सीटें
शिक्षा के साथ संस्कार देने वाला संस्थान
52 वर्षों से लगातार शिक्षा की मशाल जलाए हुए एसजेके कॉलेज आज भी क्षेत्र के युवाओं को बेहतर भविष्य देने के लिए कार्य कर रहा है। यही कारण है कि कलानौर क्षेत्र में इस संस्थान को केवल एक कॉलेज नहीं, बल्कि शिक्षा और संस्कार का मंदिर माना जाता है।