04/03/2026
जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय (जेएनवीयू), जोधपुर के 22वें दीक्षांत समारोह में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े के हाथों विश्नोई समाज के Chandrabhan Bishnoi को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। इस अवसर पर उन्हें विश्वविद्यालय का स्वर्ण पदक भी मिला, जो उनके शोध कार्य की उत्कृष्टता का प्रमाण है।
चंद्रभान ने “आधुनिक हिंदी कविता में प्रकृति चित्रण – एक अनुशीलन” विषय पर हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. महीपाल सिंह राठौड़ के निर्देशन में शोध पूरा किया। इससे पहले वे एम.ए. इतिहास में जेएनवीयू से स्वर्ण पदक प्राप्त कर चुके हैं।
साहित्य के प्रति उनकी दीवानगी जगजाहिर है — वे कविता, कहानी लेखन में सक्रिय हैं और राजकीय महाविद्यालय जैतारण में सहायक आचार्य (हिंदी) के रूप में कार्यरत हैं। शिक्षा विभाग, राजस्थान द्वारा उनकी दो बाल साहित्य पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।
20 से अधिक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में शोध पत्र प्रस्तुत कर चुके चंद्रभान राष्ट्रीय मंचों पर काव्य पाठ से भी अपनी विद्वता का लोहा मनवा चुके हैं। यह उपलब्धि विश्नोई समाज, उनके परिवार और पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। डॉ. चंद्रभान बिश्नोई को उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं!
Chandrabhan Bishnoi
जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय (जेएनवीयू), जोधपुर के 22वें दीक्षांत समारोह में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े के हाथों विश्नोई समाज के Chandrabhan Bishnoi को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। इस अवसर पर उन्हें विश्वविद्यालय का स्वर्ण पदक भी मिला, जो उनके शोध कार्य की उत्कृष्टता का प्रमाण है।
चंद्रभान ने “आधुनिक हिंदी कविता में प्रकृति चित्रण – एक अनुशीलन” विषय पर हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. महीपाल सिंह राठौड़ के निर्देशन में शोध पूरा किया। इससे पहले वे एम.ए. इतिहास में जेएनवीयू से स्वर्ण पदक प्राप्त कर चुके हैं।
साहित्य के प्रति उनकी दीवानगी जगजाहिर है — वे कविता, कहानी लेखन में सक्रिय हैं और राजकीय महाविद्यालय जैतारण में सहायक आचार्य (हिंदी) के रूप में कार्यरत हैं। शिक्षा विभाग, राजस्थान द्वारा उनकी दो बाल साहित्य पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।
20 से अधिक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में शोध पत्र प्रस्तुत कर चुके चंद्रभान राष्ट्रीय मंचों पर काव्य पाठ से भी अपनी विद्वता का लोहा मनवा चुके हैं। यह उपलब्धि विश्नोई समाज, उनके परिवार और पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। डॉ. चंद्रभान बिश्नोई को उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं!