17/12/2022
जिगर में आग है अब हम आंच से नहीं डरते,
बांध लिए कफ़न अब हम काल से नहीं डरते।
ऐ बुजदिल ए नमकहराम, तू ध्यान से सुन ले की,
हम एक हिन्दुस्तानी है जो किसी का उधार नहीं रखते।
____________________________