Apka Cyber Dost

Apka Cyber Dost आपको और आपके परिवार को डिजिटल दुनियां के खतरों से बचाना हमारा उद्देश्य है।

हाल की खबरें बेहद चिंताजनक हैं।मध्य प्रदेश में साइबर ठगों ने अलग-अलग तरीकों से आम लोगों को निशाना बनाया है।▪️ किसान सम्म...
26/02/2026

हाल की खबरें बेहद चिंताजनक हैं।
मध्य प्रदेश में साइबर ठगों ने अलग-अलग तरीकों से आम लोगों को निशाना बनाया है।
▪️ किसान सम्मान निधि के नाम पर APK फ़ाइल भेजकर मोबाइल हैक किए गए और बैंक खातों से लाखों रुपये निकाल लिए गए।
▪️ इंदौर में एक छात्र की फोटो से AI-डीपफेक वीडियो बनाकर उसकी मां से फिरौती वसूली गई।
▪️ “फ्री ट्रायल” और “₹1 सब्सक्रिप्शन” के नाम पर लोगों के खातों से हर महीने अपने आप पैसे कटते रहे।
▪️ कई मामलों में पीड़ितों को ही दोषी ठहरा दिया गया, जिससे मानसिक, सामाजिक और पारिवारिक नुकसान भी हुआ।
यह साफ है कि आज साइबर अपराध केवल पैसे की चोरी नहीं है,
यह सम्मान, भरोसे और मानसिक शांति पर हमला है।
ऐसे साइबर फ्रॉड से कैसे बचें
🔐 1. अनजान APK या लिंक पर कभी क्लिक न करें
सरकारी योजना, KYC अपडेट, सब्सिडी या रिफंड के नाम पर आई किसी भी फ़ाइल को डाउनलोड न करें।
सरकारी विभाग कभी WhatsApp पर APK नहीं भेजते।
📱 2. स्क्रीन शेयरिंग और रिमोट ऐप से दूरी रखें
AnyDesk, TeamViewer जैसी ऐप किसी के कहने पर इंस्टॉल न करें।
बैंक या पुलिस कभी स्क्रीन शेयर नहीं करवाती।
🎭 3. AI-डीपफेक और फर्जी वीडियो से सावधान रहें
अगर किसी अपने का वीडियो या कॉल आकर पैसे मांगे,
तो पहले सीधे उस व्यक्ति से फोन पर बात करके पुष्टि करें।
💳 4. “फ्री ट्रायल” के झांसे में न आएं
सब्सक्रिप्शन लेने से पहले शर्तें ध्यान से पढ़ें।
UPI AutoPay, NACH और कार्ड ऑटो-डेबिट को समय-समय पर जांचें और अनावश्यक सेवाएं बंद करें।
🔑 5. मोबाइल सुरक्षा को हल्के में न लें
• ऐप परमिशन सीमित रखें
• OTP और बैंक अलर्ट कभी साझा न करें
• दो-स्तरीय सुरक्षा (2-Step Verification) चालू रखें
🚨 6. ठगी होने पर तुरंत कार्रवाई करें
1930 पर कॉल करें
या cybercrime.gov.in पर तुरंत शिकायत दर्ज करें।
देरी करने से पैसे वापस मिलने की संभावना कम हो जाती है।
याद रखें
साइबर अपराधी आपकी जानकारी नहीं,
आपकी जल्दबाजी, डर और भरोसे का फायदा उठाते हैं।
सतर्क रहें। सुरक्षित रहें।
Cyber Dost











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⚠️ सावधान! क्या आप भी डिजिटल ठगों के अगले शिकार होने वाले हैं? ⚠️नमस्ते दोस्तों 'आपका साइबर दोस्त' के रूप में आज मैं आपक...
24/02/2026

⚠️ सावधान! क्या आप भी डिजिटल ठगों के अगले शिकार होने वाले हैं? ⚠️
नमस्ते दोस्तों 'आपका साइबर दोस्त' के रूप में आज मैं आपके साथ हाल ही में घटी कुछ रूह कंपा देने वाली साइबर घटनाओं को साझा कर रहा हूँ। इन खबरों (भोपाल, ग्वालियर, शिवपुरी) को पढ़कर आप समझ पाएंगे कि ठग अब कितने शातिर हो चुके हैं:
* डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest): ग्वालियर के एक 90 वर्षीय रिटायर्ड डॉक्टर को CBI अफसर बनकर 22 दिनों तक 'डिजिटल अरेस्ट' रखा गया और उनसे ₹2.25 करोड़ ठग लिए गए।
* शेयर मार्केट और फेक ऐप्स: सेना के एक जवान को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर फर्जी 'SDMCHD' ऐप के जरिए ₹14.85 लाख का चूना लगाया गया।
* मोबाइल चोरी से बैंक खाली: मोबाइल गुम होने पर ठगों ने सिर्फ 20 दिनों में बुजुर्ग के खाते से 90 बार में ₹11.74 लाख निकाल लिए।
* अश्लील वीडियो कॉल (Sextortion): शिवपुरी में अश्लील चैटिंग और वीडियो कॉल के जरिए ब्लैक मेलिंग करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।
🛡️ बचाव के लिए 'आपका साइबर दोस्त' की सलाह:
✅ सिम लॉक (SIM Lock) जरूर करें: अगर आपका फोन चोरी हो जाए, तो ठग आपकी सिम दूसरे फोन में डालकर OTP प्राप्त नहीं कर पाएगा।
सिम कार्ड लॉक (SIM Lock) करने की प्रक्रिया
यह सेटिंग आपके सिम को एक PIN से सुरक्षित कर देती है। फोन रीस्टार्ट होने पर या सिम बदलने पर यह PIN मांगता है।
* Android के लिए: Settings > Security (या Privacy) > More Security Settings > SIM Card Lock पर जाएं। 'Lock SIM card' को ऑन करें और एक 4-6 अंकों का PIN सेट करें।
* iPhone के लिए: Settings > Cellular > SIM PIN पर जाएं और इसे ऑन करें।
* नोट: डिफ़ॉल्ट PIN आमतौर पर 0000 या 1234 होता है, इसे तुरंत बदल लें। गलत PIN 3 बार डालने पर PUK कोड की जरूरत पड़ेगी, जो सिम पैकेट पर होता है।

✅ व्हाट्सएप सेटिंग्स: अनजान नंबरों से आने वाली कॉल को 'साइलेंट' रखें।

व्हाट्सएप पर अननोन कॉल साइलेंट करना
इससे अनजान नंबरों से आने वाली स्पैम या फर्जी वीडियो कॉल आपको परेशान नहीं करेंगी।
* WhatsApp खोलें > Settings पर जाएं।
* Privacy पर क्लिक करें।
* नीचे जाकर Calls विकल्प चुनें।
* "Silence Unknown Callers" को ऑन (Enable) कर दें।
व्हाट्सएप की अन्य जरूरी सेटिंग्स
* Two-Step Verification (WhatsApp): Settings > Account > Two-step verification में जाकर PIN सेट करें। इससे कोई आपका व्हाट्सएप हैक नहीं कर पाएगा।
* Find My Device: सुनिश्चित करें कि आपके फोन में 'Find My Device' (Android) या 'Find My iPhone' ऑन है, ताकि फोन खोने पर आप डेटा डिलीट कर सकें।
* Screen Lock Notification: सेटिंग्स में जाकर 'Hide sensitive notification content' ऑन करें, ताकि लॉक स्क्रीन पर बैंक का OTP दिखाई न दे।
✅ किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें: चाहे वो बिजली बिल का हो या भारी मुनाफे का।
✅ पुलिस कभी वीडियो कॉल पर गिरफ्तार नहीं करती: 'डिजिटल अरेस्ट' जैसा कोई शब्द कानून में नहीं है।
सुरक्षित रहें, जागरूक रहें! अगर ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

🛑 सावधान: मध्य प्रदेश में साइबर ठगों का बड़ा हमला! 🛑​ग्वालियर और भोपाल की हालिया घटनाओं ने साबित कर दिया है कि साइबर अपर...
19/02/2026

🛑 सावधान: मध्य प्रदेश में साइबर ठगों का बड़ा हमला! 🛑
​ग्वालियर और भोपाल की हालिया घटनाओं ने साबित कर दिया है कि साइबर अपराधी अब और भी शातिर हो गए हैं। पिछले 30 घंटों में भोपाल में 34 FIR दर्ज हुई हैं और ग्वालियर में शिक्षित वर्ग से 17 लाख की ठगी हुई है।
​🔍 ठगी के ये 5 नए तरीके (Modus Operandi):
​लाइफ सर्टिफिकेट (Life Certificate) का झांसा: रिटायर्ड अधिकारियों को वीडियो कॉल या ऐप के जरिए जीवन प्रमाण पत्र बनाने में मदद का लालच देकर खाता खाली किया जा रहा है।
​पार्ट-टाइम जॉब/सोशल मीडिया टास्क: इंस्टाग्राम या टेलीग्राम पर लाइक और रिव्यू करने के नाम पर शुरू में पैसे देकर बाद में लाखों का निवेश कराकर ठगी।
​डिलीवरी कंफर्मेशन: ग्रोसरी या फूड डिलीवरी के नाम पर अनजान लिंक भेजकर पेमेंट फेल होने का नाटक और फिर रिमोट ऐप से पैसे चोरी।
​बिजली कनेक्शन काटने की धमकी: "आपका बिल अपडेट नहीं है, आज रात कनेक्शन कट जाएगा"—यह कहकर फर्जी ऐप डाउनलोड करवाना।
​APK फाइल और रिमोट ऐप: बैंक कर्मचारी बनकर KYC के नाम पर अनजान APK फाइल इंस्टॉल करवाना ताकि आपके फोन का कंट्रोल उनके पास चला जाए।
​🛡️ खुद को सुरक्षित रखने वाले सुझाव:
​अनजान लिंक से तौबा: किसी भी अनजान नंबर से आए व्हाट्सएप मैसेज या SMS के लिंक पर क्लिक न करें।
​ऐप डाउनलोड में सावधानी: कभी भी किसी के कहने पर AnyDesk, TeamViewer या कोई APK फाइल इंस्टॉल न करें। बैंक कभी रिमोट एक्सेस नहीं मांगता।
​गूगल सर्च पर विश्वास न करें: कस्टमर केयर का नंबर हमेशा आधिकारिक वेबसाइट से ही लें। गूगल सर्च पर दिख रहे नंबर फर्जी हो सकते हैं।
​लालच से बचें: "घर बैठे लाखों कमाएं" या "कम निवेश में बड़ा रिटर्न"—ऐसे ऑफर सिर्फ जाल होते हैं।
​गोपनीयता ही सुरक्षा है: अपना OTP, पिन या पासवर्ड किसी को न बताएं, चाहे वह खुद को बैंक अधिकारी ही क्यों न बताए।
​📞 ठगी होने पर क्या करें?
​अगर आप या आपका कोई परिचित शिकार हो जाता है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। याद रखें, शुरुआती 1-2 घंटे (Golden Hour) में शिकायत करने से पैसे वापस मिलने की संभावना अधिक होती है।
​सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!
आपका साइबर दोस्त 🛡️

📢 सावधान! क्या आपका बैंक खाता 'म्यूल अकाउंट' तो नहीं?नमस्कार दोस्तों, आपका साइबर दोस्त एक बार फिर आपको जागरूक करने आया ह...
17/02/2026

📢 सावधान! क्या आपका बैंक खाता 'म्यूल अकाउंट' तो नहीं?
नमस्कार दोस्तों, आपका साइबर दोस्त एक बार फिर आपको जागरूक करने आया है।
हाल ही में मध्य प्रदेश पुलिस ने 'ऑपरेशन मैट्रिक्स' के तहत एक बहुत बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। साइबर ठग अब आम लोगों के बैंक खातों को 'किराये' पर लेकर या लालच देकर उन्हें अपराध का जरिया बना रहे हैं।
🔍 क्या है 'ऑपरेशन मैट्रिक्स' की बड़ी बातें?
इंटरनेशनल कनेक्शन: ग्वालियर और देवास में पकड़े गए गिरोह के तार नाइजीरिया और कैमरून जैसे देशों से जुड़े हैं।
फर्जी बैंक खाते: ठग गरीब और बेरोजगार लोगों को 5-10 हजार रुपये का लालच देकर उनके नाम पर खाते खुलवाते हैं और फिर उनका उपयोग करोड़ों की ठगी का पैसा घुमाने के लिए करते हैं।
बड़ी कार्रवाई: अब तक 26 FIR दर्ज की जा चुकी हैं और 46 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की नजर ऐसे 3.60 लाख संदिग्ध खातों पर है।
⚠️ ठगी का नया तरीका: बड़े अधिकारियों के नाम पर फ्रॉड
सिर्फ बैंक खाते ही नहीं, ठग अब नगर निगम कमिश्नर, IAS और IPS अधिकारियों की फोटो (DP) व्हाट्सएप पर लगाकर इंजीनियरों और कर्मचारियों को मैसेज भेज रहे हैं। इसमें अक्सर +84 (वियतनाम) जैसे विदेशी कोड वाले नंबरों का इस्तेमाल हो रहा है।
🛡️ साइबर फ्रॉड से बचने के उपाय (जरूर पढ़ें और शेयर करें)
खाता/दस्तावेज साझा न करें: कभी भी अपना बैंक खाता, ATM कार्ड, पासबुक या नेट बैंकिंग आईडी/पासवर्ड किसी दूसरे को इस्तेमाल करने के लिए न दें।
लालच से बचें: 'घर बैठे कमाई' या 'कमीशन के बदले खाता खुलवाने' जैसे ऑफर सीधे तौर पर जेल की राह दिखा सकते हैं। याद रखें, म्यूल अकाउंट (Mule Account) का हिस्सा बनना कानूनी अपराध है।
अनजान कॉल/मैसेज पर भरोसा न करें: अगर कोई बड़ा अधिकारी बनकर आपसे पैसे या मदद मांगे, तो तुरंत उस नंबर को ब्लॉक करें और संबंधित विभाग में पुष्टि करें।
विदेशी नंबरों से सावधान: +84, +92 या किसी भी अनजान अंतरराष्ट्रीय नंबर से आए व्हाट्सएप संदेशों पर प्रतिक्रिया न दें।
संदिग्ध लेनदेन की सूचना दें: यदि आपके खाते में अचानक कहीं से पैसा आए, तो तुरंत बैंक और पुलिस को सूचित करें।
📞 कहां करें शिकायत?
यदि आप या आपके आसपास कोई साइबर ठगी का शिकार होता है, तो:
तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें।
www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
भोपाल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 9479990636 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!
आपका,
आपका साइबर दोस्त 🛡️

🛑 बोर्ड परीक्षा के नाम पर ठगी से सावधान! 🛑नमस्कार दोस्तों,वर्तमान में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं नजदीक हैं, और इस...
11/02/2026

🛑 बोर्ड परीक्षा के नाम पर ठगी से सावधान! 🛑
नमस्कार दोस्तों,
वर्तमान में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं नजदीक हैं, और इसी का फायदा उठाकर साइबर अपराधी सक्रिय हो गए हैं। सोशल मीडिया और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर "लीक पेपर" या "असली प्रश्नपत्र" देने के नाम पर छात्रों और अभिभावकों को गुमराह किया जा रहा है।
याद रखें: बोर्ड परीक्षा का प्रश्नपत्र केवल परीक्षा केंद्र पर ही मिलता है।
⚠️ पुलिस की महत्वपूर्ण चेतावनी:
फर्जी पेपर: सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले पेपर या उनके सॉल्यूशन अक्सर फर्जी होते हैं।
धोखेबाजों से बचें: पैसे लेकर पेपर उपलब्ध कराने का दावा करने वाले लोग केवल आपकी मेहनत की कमाई लूटना चाहते हैं।
कानूनी कार्रवाई: ऐसे फर्जी प्रश्नपत्रों को फैलाना या खरीदना एक गंभीर अपराध है, जिससे आपका करियर बर्बाद हो सकता है।
✅ क्या करें?
केवल बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट और अपने स्कूल/कॉलेज प्रशासन की जानकारी पर भरोसा करें।
अपनी मेहनत और तैयारी पर विश्वास रखें, अफवाहों पर नहीं।
किसी भी संदिग्ध मैसेज या व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
📢 सतर्क रहें और दूसरों को भी जागरूक करें! इस पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर करें ताकि कोई भी छात्र इन जालसाजों का शिकार न बने।
📞 सहायता के लिए संपर्क करें:
साइबर क्राइम भोपाल हेल्पलाइन: 9479990636
राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर: 1930
शिकायत दर्ज करें: www.cybercrime.gov.in

10/02/2026

Strengthening India’s Cybercrime Response | S4C Initiative

The S4C (State/Regional Cyber Crime Coordination Centre) is a key new initiative under Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C), Ministry of Home Affairs, aimed at strengthening state-level cybercrime coordination.

🔹 Bridges the gap between Centre & States
🔹 Enables faster intelligence sharing & investigations
🔹 Enhances incident response and cyber analytics
🔹 Aligns state cyber units with national cybercrime strategy

S4C is a major step towards localized, coordinated, and proactive cybercrime prevention in India.

🚨 सावधान! डिजिटल डकैती से खुद को बचाएं! 🚨आज के समाचार पत्रों की ये दो खबरें हम सबकी आंखें खोलने वाली हैं:1️⃣ सुप्रीम कोर...
10/02/2026

🚨 सावधान! डिजिटल डकैती से खुद को बचाएं! 🚨
आज के समाचार पत्रों की ये दो खबरें हम सबकी आंखें खोलने वाली हैं:
1️⃣ सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी: ₹54,000 करोड़ का डिजिटल फ्रॉड अब सिर्फ ठगी नहीं, बल्कि "सीधी डकैती" है। कोर्ट ने सरकार को 4 हफ्ते में सख्त SOP बनाने के निर्देश दिए हैं।

2️⃣ 8वीं पास के हाथ में ठगी का कंट्रोल: जबलपुर में एक महिला से ₹14 लाख की ठगी हुई, जिसे इंदौर से ऑपरेट किया जा रहा था। हैरानी की बात यह है कि गिरोह का मास्टरमाइंड सिर्फ 8वीं पास है!
ठग कैसे जाल बिछाते हैं?
फेक कॉल सेंटर: शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर।
डिजिटल अरेस्ट: पुलिस या अधिकारी बनकर वीडियो कॉल के जरिए डराना।
स्क्रीन शेयरिंग: AnyDesk जैसी ऐप्स डाउनलोड करवाकर आपका फोन कंट्रोल करना।
बचाव ही सुरक्षा है! हमेशा याद रखें:
✅ किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
✅ ट्रेडिंग के नाम पर अनजान खातों में पैसे ट्रांसफर न करें।
✅ कोई भी सरकारी अधिकारी वीडियो कॉल पर 'डिजिटल अरेस्ट' नहीं करता।
✅ लालच और डर, ठगों के सबसे बड़े हथियार हैं।
अगर आपके साथ ठगी हो जाए, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!
आपका साइबर दोस्त 🛡️
🛡️ साइबर फ्रॉड से बचने के महत्वपूर्ण तरीके (Tips)
जैसा कि आपने न्यूज़ कटिंग में देखा, ठग बहुत ही संगठित तरीके से काम कर रहे हैं।
संदेहास्पद कॉल/मैसेज (Vishing/Smishing): बैंक अधिकारी, बिजली विभाग या KYC अपडेट के नाम पर आने वाले कॉल पर अपनी निजी जानकारी (OTP, PIN) कभी साझा न करें।
शेयर मार्केट और IPO का लालच: व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए 'बंपर रिटर्न' का वादा करने वाले विज्ञापनों से बचें। निवेश हमेशा अधिकृत प्लेटफॉर्म्स (SEBI registered) के माध्यम से ही करें।
म्यूल अकाउंट्स (Mule Accounts) की पहचान: ठग अक्सर गरीब या अनजान लोगों के खातों का इस्तेमाल पैसे घुमाने के लिए करते हैं। अपना बैंक खाता या सिम कार्ड किसी और को इस्तेमाल के लिए न दें।
रिमोट एक्सेस ऐप्स: ठग अक्सर तकनीकी सहायता के बहाने AnyDesk, TeamViewer या RustDesk जैसी ऐप्स डाउनलोड करवाते हैं। इन्हें कभी भी किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर इंस्टॉल न करें।
UPI सुरक्षा: याद रखें, पैसा प्राप्त (Receive) करने के लिए कभी भी PIN डालने की जरूरत नहीं होती। अगर कोई 'Pay' बटन दबाने या PIN डालने को कहे, तो समझ लें वह धोखाधड़ी है।

सावधान! साइबर ठग अब पुलिस, NIA या CBI अधिकारी बनकर आपको वीडियो कॉल पर "डिजिटल अरेस्ट" कर रहे हैं। भोपाल के छोला मंदिर मे...
09/02/2026

सावधान! साइबर ठग अब पुलिस, NIA या CBI अधिकारी बनकर आपको वीडियो कॉल पर "डिजिटल अरेस्ट" कर रहे हैं। भोपाल के छोला मंदिर में एक मजदूर को 3 दिन तक डराकर ₹1.5 लाख ठग लिए गए। याद रखें, कानून में "डिजिटल अरेस्ट" जैसा कोई शब्द नहीं है।
बचने के उपाय:
* पहचानें: कोई भी सरकारी एजेंसी (पुलिस, CBI, IT) कभी भी व्हाट्सएप या स्काइप पर वीडियो कॉल करके गिरफ्तारी की धमकी नहीं देती।
* डरें नहीं: यदि कोई आपको डराए कि आपके नाम से "नशीले पदार्थ" या "मनी लॉन्ड्रिंग" का केस है, तो तुरंत कॉल काट दें।
* तुरंत सूचित करें: ऐसे कॉल आने पर घबराकर पैसे ट्रांसफर न करें, बल्कि तुरंत अपने नजदीकी थाने या 1930 पर कॉल करें।

मध्य प्रदेश में साइबर अपराधियों ने ₹638 करोड़ का बड़ा जाल बिछाया है। ये ठग आपके पैसे को एक नहीं बल्कि 10 अलग-अलग स्तरों (Layers) पर घुमाते हैं ताकि पुलिस उन तक न पहुँच सके। इंदौर, भोपाल और ग्वालियर इनके मुख्य निशाने पर हैं।
बचने के उपाय:
* 20 सेकंड का नियम: अनजान नंबर से कॉल आए तो 1 मिनट के भीतर कॉल काटें और 20 सेकंड शांति से सोचें कि क्या यह सच हो सकता है?
* लिंक और QR कोड: किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही कोई QR कोड स्कैन करें। पैसा प्राप्त करने के लिए पिन (PIN) की जरूरत नहीं होती।
* हेल्पलाइन नंबर: अगर ठगी हो जाए, तो पहले 2-3 घंटों के भीतर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं ताकि पैसा फ्रीज किया जा सके।

एमपी बोर्ड परीक्षाओं का फायदा उठाकर जालसाज टेलीग्राम पर फर्जी प्रश्नपत्र बेच रहे हैं। वे माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) का फर्जी लोगो और नाम इस्तेमाल कर छात्रों को गुमराह कर रहे हैं। साइबर क्राइम पुलिस ने इस पर FIR दर्ज की है।
बचने के उपाय:
* लालच से बचें: कोई भी असली पेपर परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर नहीं मिलता। ये सिर्फ पैसे ऐंठने का तरीका है।
* रिपोर्ट करें: अगर कोई टेलीग्राम चैनल पैसे लेकर पेपर देने का दावा करे, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
* मेहनत पर भरोसा करें: फर्जी पेपर के चक्कर में अपना पैसा और कीमती समय बर्बाद न करें।
हैशटैग्स:

ऑनलाइन दोस्तों के साथ फोटो शेयर करना बच्चों के लिए एक गंभीर जोखिम बन सकता है। इंटरनेट की दुनिया में एक बार साझा की गई ची...
07/02/2026

ऑनलाइन दोस्तों के साथ फोटो शेयर करना बच्चों के लिए एक गंभीर जोखिम बन सकता है। इंटरनेट की दुनिया में एक बार साझा की गई चीज़ हमेशा के लिए वहां रह सकती है।
प्रमुख जोखिम और चुनौतियाँ
* इमेज का दुरुपयोग और morphing: आजकल तस्वीरों को एडिट करके या गलत संदर्भ (context) में इस्तेमाल करके बच्चों को पब्लिक शेमिंग और साइबर बुलिंग का शिकार बनाया जाता है।
* मानसिक आघात (Mental Trauma): इस तरह की घटनाओं से बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा और बुरा असर पड़ता है।
अभिभावकों (Parents) के लिए सुझाव
अभिभावकों को केवल "ना" नहीं कहना चाहिए, बल्कि बच्चों के साथ संवाद स्थापित करना चाहिए:
* नियंत्रण का अभाव: बच्चों को समझाएं कि एक बार फोटो इंटरनेट पर अपलोड हो गई, तो उस पर से आपका नियंत्रण पूरी तरह खत्म हो जाता है। उसे कोई भी डाउनलोड या शेयर कर सकता है।
* भरोसे का माहौल: बच्चों में यह आत्मविश्वास जगाएं कि अगर उनके साथ कुछ गलत होता है या उन्हें कोई स्थिति असहज लगती है, तो वे बिना डरे अपने माता-पिता या किसी भरोसेमंद वयस्क को बताएं।
* खुला संवाद: डिजिटल सुरक्षा का मतलब केवल पाबंदियां लगाना नहीं है, बल्कि यह जागरूकता, विश्वास और खुले संवाद के बारे में है।
महत्वपूर्ण सूचना
यदि आप या आपके आसपास कोई भी साइबर अपराध या धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो तुरंत कार्रवाई करें:
* हेल्पलाइन नंबर: 1930 पर कॉल करें।
* आधिकारिक पोर्टल: [cybercrime.gov.in] पर रिपोर्ट दर्ज करें।
> याद रखें: आपकी जागरूकता ही आपकी और आपके बच्चों की सबसे बड़ी सुरक्षा है।

बच्चों को ये 5 बातें गांठ बांध लेने के लिए कहें:
​सोच-समझकर पोस्ट करें: क्या यह फोटो या जानकारी मैं किसी अजनबी को सड़क पर दिखाऊंगा? अगर नहीं, तो इसे ऑनलाइन भी न डालें।
​प्राइवेसी सेटिंग्स का उपयोग: अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स को हमेशा 'Private' रखें ताकि केवल जान-पहचान के लोग ही आपकी पोस्ट देख सकें।
​अजनबियों से दूरी: ऑनलाइन गेमिंग या चैटिंग के दौरान अगर कोई 'अनजान' व्यक्ति आपसे फोटो या पर्सनल जानकारी मांगे, तो तुरंत बातचीत बंद कर दें।
​पासवर्ड की सुरक्षा: अपना पासवर्ड किसी भी दोस्त के साथ शेयर न करें, चाहे वह कितना भी खास क्यों न हो।
​स्क्रीनशॉट का डर: हमेशा याद रखें कि सामने वाला व्यक्ति आपकी फोटो या चैट का स्क्रीनशॉट ले सकता है, भले ही आपने उसे डिलीट कर दिया हो।

​अभिभावकों के लिए 'प्रैक्टिकल टिप्स'
​'नो-ब्लेम' पॉलिसी: बच्चों को भरोसा दिलाएं कि अगर उनसे कोई गलती होती है (जैसे किसी गलत लिंक पर क्लिक करना), तो आप उन पर चिल्लाएंगे नहीं बल्कि उनकी मदद करेंगे। इससे वे डरेंगे नहीं।
​डिजिटल फुटप्रिंट समझाएं: उन्हें बताएं कि इंटरनेट पर छोड़ा गया हर निशान (फोटो, कमेंट, सर्च) उनके भविष्य और प्रतिष्ठा पर असर डाल सकता है।
​पेरेंटल कंट्रोल टूल्स: Google Family Link जैसे टूल्स का इस्तेमाल करें ताकि आप देख सकें कि बच्चा ऑनलाइन क्या देख रहा है।
​रिपोर्टिंग सिखाएं: बच्चों को दिखाएं कि किसी आपत्तिजनक पोस्ट या व्यक्ति को 'Block' और 'Report' कैसे किया जाता है।
​साइबर दोस्त की सलाह: "इंटरनेट पर आपकी सावधानी ही आपका सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।"

सावधान! 🚨 शादी के सीजन में ठगों ने अब आपके 'डिजिटल इनविटेशन' को हथियार बना लिया है। बस एक क्लिक और आपका बैंक खाता खाली ह...
07/02/2026

सावधान! 🚨 शादी के सीजन में ठगों ने अब आपके 'डिजिटल इनविटेशन' को हथियार बना लिया है। बस एक क्लिक और आपका बैंक खाता खाली हो सकता है।
इंदौर में हाल ही में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहाँ व्हाट्सएप पर आए 'वेडिंग कार्ड' (.apk फाइल) को डाउनलोड करते ही मोबाइल हैक हो गया।
​बचने के उपाय:
​अंजान नंबर से बचें: यदि किसी अनजान नंबर से शादी का कार्ड या कोई फाइल आए, तो उसे बिल्कुल न खोलें।
​फाइल एक्सटेंशन चेक करें: अगर कार्ड के नाम पर कोई .apk फाइल भेजी गई है, तो वह कार्ड नहीं, बल्कि एक खतरनाक वायरस है। उसे तुरंत डिलीट करें।
​पुष्टि करें: कार्ड खोलने से पहले संबंधित व्यक्ति को फोन करके पूछें कि क्या उन्होंने वाकई कोई फाइल भेजी है।
​ऐप्स पर नियंत्रण: अपने फोन की सेटिंग्स में 'Install from Unknown Sources' को हमेशा बंद रखें।

ध्यान दें 👍होटल रेटिंग और 'टास्क' के चक्कर में न फंसें!

घर बैठे पैसे कमाने का लालच आपको लाखों का चूना लगा सकता है!
ग्वालियर के एक छात्र से होटल को 5-स्टार रेटिंग देने के नाम पर 3.73 लाख रुपये की ठगी की गई। ठग पहले भरोसा जीतने के लिए छोटा मुनाफा देते हैं और फिर 'टास्क' पूरा करने के नाम पर मोटी रकम निवेश करवा लेते हैं।
​बचने के उपाय:
​मुफ्त पैसे जैसा कुछ नहीं: याद रखें, कोई भी कंपनी सिर्फ रेटिंग देने के बदले आपको हजारों रुपये नहीं देती।
​रकम न भेजें: यदि कोई काम देने के बदले आपसे 'रजिस्ट्रेशन' या 'अगले टास्क' के लिए पैसे मांगे, तो समझ जाएं कि वह ठगी है।
​धमकी से न डरें: ठग खुद को पुलिस बताकर केस वापस लेने या कोर्ट की धमकी भी दे सकते हैं, ऐसे में डरने के बजाय तुरंत असली पुलिस से संपर्क करें।
​स्क्रीनशॉट पर भरोसा न करें: ठग ग्रुप में फर्जी मुनाफे के स्क्रीनशॉट दिखाकर आपको फंसाते हैं, इन पर कभी यकीन न करें।

लालच बुरी बला है! 💰 भोपाल में एक प्रॉपर्टी डीलर से कम दाम में क्रिप्टोकरेंसी दिलाने के नाम पर 15 लाख रुपये की लूट हुई। ठगों ने आमने-सामने मुलाकात की और जैसे ही पीड़ित ने पैसे निकाले, वे पैसे लेकर चंपत हो गए। साइबर ठगी अब सिर्फ ऑनलाइन ही नहीं, बल्कि ऑफलाइन मुलाकातों में भी हो रही है।
​बचने के उपाय:
​अनधिकृत डीलरों से बचें: क्रिप्टोकरेंसी या किसी भी मुद्रा का लेन-देन केवल रजिस्टर्ड और भरोसेमंद प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही करें।
​सस्ते के लालच से बचें: बाजार भाव से बहुत कम कीमत पर कोई चीज मिलना खतरे की घंटी है।
​भारी कैश साथ न रखें: अंजान लोगों से कैश लेन-देन के लिए मिलना जोखिम भरा हो सकता है।
​पुलिस को सूचना दें: अगर कोई आपको इस तरह के संदिग्ध निवेश का लालच दे, तो तुरंत नजदीकी थाने में सूचित करें।
​जरूरी सूचना:
यदि आपके साथ कोई साइबर धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

25/01/2026

Delhi में एक महिला को TRAI और police के नाम पर calls करके money laundering के झूठे आरोप लगाए गए।

Video calls के ज़रिये police station और judge जैसा setup दिखाकर उन्हें डराया गया और family members से बात न करने का दबाव बनाया गया।

डर और intimidation के ज़रिये उनसे कहा गया कि उनकी FDs,cash,mutual funds और savings को RBI verification के लिए kisi aur account mein transfer करना होगा।

17 दिन तक चले इस पूरे मामले के बाद, करीब ₹15 crore wah fraudsters ko transfer kar chuki thi.

याद रखें:
• कोई भी police, judge या bank phone या video call पर पूछताछ या गिरफ्तारी नहीं करता
• Digital arrest नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती
• धमकी देने वाले calls और messages का response न दें
• अगर pressure create किया जाए, तो तुरंत call disconnect कर दें

अगर आप इस तरह के scam का शिकार हो जाएँ, तो तुरंत 1930 पर call करें।

Cyber scams से बचने के लिए CyberDost को follow करें।

24/01/2026

India Steps Up Its Fight Against Cybercrime: Here’s What’s Happening:

•India: Cyber fraud victims को बड़ी राहत, ₹50,000 तक का refund अब court order के बिना संभव

•Delhi - Cambodia: International investment fraud का पर्दाफाश, ₹4 Cr Cambodia route, 8 आरोपी गिरफ्तार

•Delhi: “Digital arrest” scam में retired govt official से ₹2.19 Cr की ठगी, 5 गिरफ्तार

•Uttar Pradesh: ₹100 Cr fake insurance scam पर बड़ी कार्रवाई, ₹11.89 Cr की properties seized

•Andhra Pradesh: Indian youth को विदेश भेजकर cyber slavery कराने वाला agent गिरफ्तार।

Address

State Cyber Police
Gwalior
474001

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