26/05/2026
*ऑनलाइन शादी अनुदान योजना एवं मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की समीक्षा बैठक संपन्न*
*पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराने पर जोर*
*देवरिया, 26 मई।*
वित्तीय वर्ष 2026-27 में ऑनलाइन शादी अनुदान योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति एवं सामान्य वर्ग के पात्र लाभार्थियों की पुत्रियों को शादी अनुदान स्वीकृत किए जाने हेतु गठित जनपद स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक विकास भवन स्थित गांधी सभागार में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
बैठक में सांसद एवं विधायकों के प्रतिनिधियों सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों ने सहभागिता की। इस दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी ने समिति को ऑनलाइन शादी अनुदान योजना के संबंध में शासनादेश के प्रमुख प्रावधानों से अवगत कराया।
बैठक में बताया गया कि योजना के अंतर्गत उपलब्ध बजट के सापेक्ष “प्रथम आगत, प्रथम पावक” सिद्धांत के आधार पर पात्र लाभार्थियों को नियमानुसार अनुदान राशि प्रदान की जाती है।
योजना की पात्रता के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि शहरी क्षेत्र में आवेदक की वार्षिक आय 56,460 रुपये तथा ग्रामीण क्षेत्र में 46,080 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित विधवा पेंशन एवं दिव्यांग पेंशन प्राप्त करने वाले आवेदकों को आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी। अनुसूचित जाति वर्ग के आवेदकों के लिए ऑनलाइन निर्गत जाति प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा।
बैठक में यह भी बताया गया कि पुत्री की न्यूनतम आयु 18 वर्ष एवं वर की आयु 21 वर्ष होना आवश्यक है। पति की मृत्यु के बाद निराश्रित महिला एवं दिव्यांग आवेदकों को योजना में प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। एक परिवार की अधिकतम दो पुत्रियों को योजना का लाभ अनुमन्य होगा।
आवेदन प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया गया कि आवेदक को ऑनलाइन आवेदन करने से पूर्व आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक एवं शादी कार्ड सहित आवश्यक अभिलेख तैयार रखने होंगे। आवेदन पोर्टल
shadianudan.upsdc.gov.in
पर किया जा सकता है। आवेदन विवाह तिथि से 90 दिन पूर्व अथवा विवाह के 90 दिन बाद तक ही मान्य होंगे।
बैठक में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु जनपद को 1063 लाभार्थियों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। योजना के अंतर्गत प्रति युगल एक लाख रुपये व्यय किए जाते हैं, जिसमें 60 हजार रुपये कन्या के बैंक खाते में अंतरित किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त 25 हजार रुपये की उपहार सामग्री नवदंपति को प्रदान की जाती है तथा 15 हजार रुपये समारोह आयोजन एवं भोजन व्यवस्था पर व्यय किए जाते हैं।
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ उपलब्ध कराया जाए तथा आवेदन पत्रों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, विभिन्न विकास खंडों के खंड विकास अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।