18/05/2016
दिल्ली में पिछले 10 साल से भाजपा ने MCD में लूट मचा कर रखी है। करोड़ों के घोटाले और अपनी ज़िम्मेदारी के प्रति भारी लापरवाही के बाद भी भाजपा MCD में बनी रही क्योंकि विपक्ष में कांग्रेस ने उसे जीवनदान दिए रखा।दोनों मिलकर घोटाले करते रहे, जब तक आम आदमी पार्टी ने दिल्ली MCD से हिसाब नहीं माँगा था।
लेकिन आज तस्वीर बदल गयी। 13 सीटों पर हुए उपचुनावों में आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर से अपनी जीत का परचम लहरा दिया।निगम में पहली बार में ही 5 सीटों पर जीत दर्ज़ कराकर "आप" ने साबित कर दिया है, कि दिल्ली को अरविंद केजरीवाल पर ही भरोसा है। अब तक MCD में आधिपत्य जमाए रखने वाली भाजपा को जनता ने 3 से आगे बढ़ने नही दिया। ये भाजपा के नेतृत्व के लिए भारी संकट की स्थिति है। मोदी जी की तथाकथित लहर चाहकर भी दिल्ली के किले को भेद नहीं पा रही। यूँ तो 272 में से 13 सीट समुद्र में पानी की बूँद बराबर है, फिर भी एक बूँद से पानी का स्वाद चखा ही जा सकता है। 2017 के चुनाव के बाद दिल्ली MCD में भाजपा का नामोनिशान नहीं बचेगा।