29/04/2026
यही हैं वो लोग…
जो मंच पर “समाज की लड़ाई” का भाषण देते हैं,
गमछा पहनकर फोटो खिंचवाते हैं,
लेकिन समाज के गरीब और मेहनती बच्चों के लिए इनके पास समय नहीं होता।
जब किसी नेता के कार्यक्रम में जाना हो,
तो पूरी टोली तैयार रहती है।
लेकिन जब किसी या Bhojpuri परिवार का बेटी या बेटा संघर्ष करके अच्छा रिजल्ट लाता है,
तब इनकी आवाज़ गायब हो जाती है।
समाज सेवा के नाम पर सिर्फ कुर्सी, पहचान और राजनीति चमकाई जा रही है।
असल जमीन की लड़ाई लड़ने वाला गरीब आज भी अकेला है।
अगर ये लोग सच में समाज के हितैषी होते,
तो हर मेहनती बच्चे के घर पहुँचते,
सिर्फ मंच और नेताओं के सामने लाइन लगाकर फोटो नहीं खिंचवाते।
अब समाज को समझना होगा —
जो अपने बच्चों के संघर्ष में साथ नहीं,
वो समाज का नेता नहीं, सिर्फ राजनीतिक चमचा है।