Himalayan Discover

Himalayan Discover हर खबर पर पैनी नजर। पढिये हिमालयन डिस्कवर।

करंट न्यूज़, धर्म-संस्कृति एवं पर्यटन, राजनैतिक, जन संवाद, लोक समाज, लोक संस्कृति एवं हिमालयी सरोकारों, विरासतों और धरोहरों पर दस्तावेज !

04/01/2026

अंकिता भंडारी प्रकरण का एक सच ये भी...

03/01/2026

कहा जाता है कि जिसने नौकुचिया ताल के नौ कोने देख लिए तो वह या तो सबसे भाग्यशाली है या फिर उसकी मौत निश्चित है लेकिन #हिमालयन_एक्सप्लोर ने इसे पूरा एक्सप्लोर करके देखा भी और आपका भी दिखा रहा है।

हिमालय क़ो डिस्कवर करना आसान नहीं है। हर साल की भांति इस बर्ष भी नये साल की शुरुआत ट्रैकिंग से हुई। मेरे पीछे जो घनघोर जं...
03/01/2026

हिमालय क़ो डिस्कवर करना आसान नहीं है। हर साल की भांति इस बर्ष भी नये साल की शुरुआत ट्रैकिंग से हुई।
मेरे पीछे जो घनघोर जंगल खड़ा आपको दिख रहा है। वह गढ़वाल राजवंश के दौर में लुकुंदर गढ़ (झंडी धार) के रूप में जाना जाता है। जिसके गर्भ में हैं -
1- रुद्री गढ़ (रुद्री व लूथी घंड़ियाली भड़ का)
2- नागदेव मंदिर (गढ़कोट गढ़ मन्यारी रावत का)
3- चिनवाड़ी की आँछरी धार (गढ़कोट व धारी गाँव का टॉप)
आज हम यहीं ट्रैक कर इसे एक्सप्लोर करेंगें।

रूद्र गढ़ की हवाई पट्टी, मेरे पीछे बिशाल बांज -काफल जंगल से घिरा लुकुंदर गढ़, झंडी धार, नागदेव मंदिर व चिनवाड़ी का आँछरी टॉ...
03/01/2026

रूद्र गढ़ की हवाई पट्टी, मेरे पीछे बिशाल बांज -काफल जंगल से घिरा लुकुंदर गढ़, झंडी धार, नागदेव मंदिर व चिनवाड़ी का आँछरी टॉप।

आप जैसे जनप्रतिनिधियों पर हमें नाज है माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार .uk जी व माननीय गढ़वाल सांसद व भाजपा के केंद्रीय...
02/11/2025

आप जैसे जनप्रतिनिधियों पर हमें नाज है माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार .uk जी व माननीय गढ़वाल सांसद व भाजपा के केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता Baluni जी।
आप ने न सिर्फ इगास लोकपर्व को पुन: नया जीवन दिया अपितु राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसके लोक रंगों की खूबसूरती को भी पहचान दिलाई।

31/12/2024

उत्तरकाशी/देहरादून 31 दिसम्बर, 2024 (हि. डिस्कवर) मौसम- मौसम लवली मौसम.. कुछ ऐसा ही शरूर उत्तरकाशी के हिमशिखरों के निकट फै...

19/10/2024

जब आम का पेड़ न्याय मांगने पहाड़ से इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा।

(मनोज इष्टवाल)

मजाक नहीं कर रहा हूँ। हंसिये मत यह अकाट्य सच है। जी हां . .आम न्याय मांगने पहाड़ से भागता भागता इलाहाबाद हाई कोर्ट जा पहुंचा। अब ये भी मत सोचिए कि आम किसी का नाम रहा होगा। शायद ही किसी ने कभी अपना नाम आम रखा होगा। यह बात है विकास खण्ड दुगड्डा के चरेख डांडा क्षेत्र के मथाणा गांव की।

मथाणा गांव के बारे में पूर्व में भी लिख चुका हूं क्योंकि कभी इस गांव को "धान का कटोरा -गेंहूँ का खलिहान" की संज्ञा दी जाती थी। इस गांव की खासियत यह है कि यह पहाड़ी भू भाग में फैला लगभग 5 किमी. आयताकार परिधि का एक ऐसा भू क्षेत्र ही जो समतल भू भाग में एकड़ों दूर तक फैला है। इसके दोनों ओर नदी धारे हैं व जलवायु शीतोष्ण।

इसी गांव की जमीन के लगभग मध्य भाग में सैकड़ों बर्षों से एक आम का वृक्ष खड़ा है। यहां के जनमानस का कहना है कि इस आम ने भी यहां की दो जातियों को इलाहाबाद हाई कोर्ट दिखा दिया। विवाद यह हुआ कि यह 21 जातियों के इस गांव में कैंतुरा वंशज किसी के खेत की मुंडेर पर था। कैंतुरा वर्तमान में इस गांव में नहीं रहते लेकिन लोगों का मानना है कि वह किसी रावत परिवार के ही यहां घर जवाई आये थे। कैंतुरा ने यह पेड़ काटना चाहा लेकिन बगल के रावत थोकदार ने इसे काटने से मना किया तो फौजदारी केस बन बैठा।

केस पहले पटवारी से लेकर तहसील और फिर इलाहाबाद तक पहुंच गया। आखिर जज ने एक दिन हंसते हुए कहा दिया कि भाई अब अगली पेशी तब लगेगी जब इस पेड़ के आम पकेंगें व वह आम अदालत में लाया जाएगा तब केस की अंतिम सुनवाई होगी। ग्रामीण बताते हैं कि ऐसा ही हुआ आम एक साल छोड़कर दूसरे साल आये और दोनों पक्ष अपने साथ आम लेकर हाजिर हुए। जज व सुनवाई में बैठे हुए सभी लोगों को आम दिये गए सबको आम बेहद पसंद आया और जज ने फैसला सुनाया कि आम तब तक नहीं काटा जाएगा जब तक वह अपनी उम्र पूरी न कर दे।

यह आम तब से लेकर अब तक वैसे ही खड़ा है। फल पहले के मुकाबले अब छोटे लगने शुरू हो गए हैं लेकिन आज भी लोग इस ऐतिहासिक आम की कलम लगाने ले जाते हैं ताकि वे भी गर्व से कह सकें कि यह वह आम है जो न्याय मांगने इलाहाबाद हाई कोर्ट गया था।

अनुरोध.....।हिमालयन डिस्कवर फाउंडेशन (ट्रस्ट) के रूप में आप सबके सामने सामाजिक हितों के लिए काम करते हुए समाज के उस गरीब...
08/10/2024

अनुरोध.....।

हिमालयन डिस्कवर फाउंडेशन (ट्रस्ट) के रूप में आप सबके सामने सामाजिक हितों के लिए काम करते हुए समाज के उस गरीब तबके जिनकी बेटियां गरीब परिवार से हैं, व वे उच्च शिक्षा चाह कर भी प्राप्त नहीं कर पाती/ शादी माँ बाप मजबूरी वश समय पर नहीं कर पाते। कॉपी किताब, ड्रेस, विकलांगता सहित विभिन्न कमियाँ आड़े आती हैं। स्वरोजगार के लिए संसाधनों की कमी के कारण युवा निराश व परेशान हैं! सहित ऐसे दर्जनों मुद्दों पर हम कार्य कर रहे हैं।
होता क़्या है कि हम रोज चाय पकोड़ी इत्यादि सहित विभिन्न मदों पर कम से कम 50 से 100 रूपये खर्च कर लेते हैं। हम चाहते हैं कि इस बजट से क्यों न हम रोज का 01 रुपया उन लोगों के लिए जुटाएं जो निराश्रित, अपाहिज, असहाय व गरीब हैं।
हिमालयन डिस्कवर फाउंडेशन रजिस्टर्ड ट्रस्ट आपसे विनम्र अनुरोध करता है कि आप/हम सब ऐसे समाज के सहयोग के लिए 01 रुपया रोज के हिसाब से सालाना 365 रुपये की दान राशि ट्रस्ट के निम्नवत खाते में डालें ताकि हम ऐसे लोगों के लिए काम कर सकें। इस राशि को मंदिर में चढ़ाया प्रसाद मानिये ताकि आपको शुकून मिल सके कि आपका एक रुपया कहीं किसी जरूरतमंद के काम आ रहा है। दान देने के बाद उसकी रसीद हमें अवश्य भेजें ताकि हम दाताओं की लिस्ट बना सकें। और हाँ... आपको अधिकार है कि आप हमसे विवरण प्राप्त कर सकते हैं। हमारा खाता निम्नवत है :-
Himalayan Discover Foundation
Account No:- 00000043422402769
Ifsc code : SBIN0005475

Address

Dehra Dun
248001

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Himalayan Discover posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Himalayan Discover:

Share