Reckon Web Solutions

Reckon Web Solutions Reckon web solution is a rapidly growing custom website designing, Software development and software outsourcing company.

We specialize in website designing and development services. Specifically, our company carries out web application programming, datab Reckon Web Solution is a web & software solution firm based at Uttarakhand , and our team use latest technology and methodology in website development and Software development technology, We provide the following Services

Website design, web hosting, web developmen

t, website redesign, domain Registration, Search Engine Optimization, e-commerce, graphic design, Logo Designing , Brochure design, Banner Design, Flash Animation, Flash presentation, Flash Website, PSD Templates, Flash Templates and etc. We designs the web sites in such a way that it will visually communicate your company's image to exchange your professional objective to your customers and viewers and promote your business. The professional web site that we create attracts more customer to your web site thereby enhancing your company's profit. We provide a personal service in establishing the best web site design and business development through SEO.

11/06/2017
11/06/2017
पानी पीने के ये चौंका देने वाले फायदेसुबह बासी मुंह पानी पिने के फायदे तो आप जानते ही होंगे लेकिन, सोने से पहले पानी पीन...
29/08/2016

पानी पीने के ये चौंका देने वाले फायदे

सुबह बासी मुंह पानी पिने के फायदे तो आप जानते ही होंगे लेकिन, सोने से पहले पानी पीना कितना फायदेमंद है यह जानकार आप चौंक जाएंगे। पानी को अगर सही समय पर सही मात्रा में पिया जाए तो यह अपने आप में एक दवा जितना काम करता है।

आयुर्वेद में पानी पीने के लिए समय और मात्रा भी बताई गई है। अगर पानी को गलत तरीके से पिया जाए या गलत समय पर अधिक मात्रा में पिया जाए तो वह शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकता है।

नहीं जानते होंगे सोने से पहले पानी पीने के ये चौंका देने वाले फायदे

-सोने से पहले पानी पीने से आप हार्ट जैसी गंभीर बिमारी से बच सकते है। सोने से पहले पानी पीना हार्ट को नॉर्मल रखता है और हार्ट अटैक से बचाता है।

-सुबह सोकर उठने के बाद बगैर मुंह धोए 2 गिलास पानी पिए, इससे शरीर के अंदरूनी अंग ज्यादा एक्टिव होते है और चेहरे पर ग्लो आता है। इसके साथ ही शरीर के सारी इंटरनल क्लीनिंग भी होती है।

- 1 गिलास पानी नहाने से पहले पिने से हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है।

- 1 गिलास पानी शाम के नाश्ते से पहले पिएं, इससे पेट भरा रहेगा और ज्यादा हेवी नाश्ता नहीं होगा और इससे आप शरीर में होने वाले मोटापे से भी बचे रहेंगे।

- 1 गिलास पानी थकान और टेंशन के समय पिएं इससे दिमाग शांत रहता है और टेंशन भी कम होती है।
धरती का अमृत पानी पीने के 10 फायदे और नुकसान ज़रूर जाने…नही जाना तो क्या जाना

किसी तरह की शारीरिक परेशानी होने पर डॉक्टर पानी पीने की सलाह देते हैं। दिन में कम से कम रोज़ 8 गिलास पानी पीना चाहिए। इससे आपका डायजेस्टिव सिस्टम, स्किन और बाल हेल्दी रहते हैं। पानी शरीर से बेकार पदार्थ बहार निकालता है। पानी को लेकर कई तरह की बातें सुनने को मिलती हैं। अगर पानी पीने के फायदे हैं, तो नुकसान भी हैं। पहले हम इन फायदों के बारे में जानते हैं।

पानी पीने के 10 फायदे:

यहां आपको कुछ सुझाव दिए जा रहे हैं, ताकि आपको पानी की कमी से होने वाली बीमारियां न घेरें। इसलिए कुछ बातों का ख़ास ध्य़ान रखें।

1.सुबह उठते ही एक गिलास पानी पीना अच्छा होता है। इसे अपनी आदत में शामिल करें। इससे पेट साफ रहता है। पानी पीने से स्किन में रूखापन नहीं होता।

2. सुबह उठने के बाद गरम या गुनगुने पानी में शहद और नींबू डालकर पिया करें। इससे टॉक्सिक एलिमेंट शरीर से निकल जाते हैं और इम्यून सिस्टम भी सही रहता है।

3.कुछ लोग ज़्यादा ही ठंडा पानी पीते हैं। इससे गुर्दे खराब हो सकते हैं। इसलिए ज़्यादा ठंडा पानी न पिएं।

4.अगर आप चाय या कॉफी ज्यादा पीते हैं तो उसकी जगह ग्रीन टी पिएं। इससे एनर्जी मिलती है।

5.सॉफ्ट ड्रिंक की जगह गुनगुना पानी या नींबू पानी पिया करें। आपका एनर्जी लेवल बढ़ेगा और डायजेस्टिव सिस्टम भी सही रहेगा।

6.वजन कम करने के लिए ठंडे पानी की जगह गुनगुना गर्म पानी पीना फायदेमंद होता है।

7. पानी पीने से एसिडिटी हटती है, क्योंकि पानी पेट साफ रखता है।

8. हमारा दिमाग 90 प्रतिशत पानी से बना है। पानी न पीने से भी सिर दर्द होता है।

9. पानी जोड़ों को चिकना बनाता है और जोड़ों का दर्द भी कम करता है।

10. हमारी मांसपेशियों का 80 प्रतिशत भाग पानी से बना हुआ है। इसलिए पानी पानी से मांसपेशियों की ऐंठन भी दूर होती है।

बीमारियों से भी दूर रखता है पानी:

निम्नलिखित दिक्कतें या स्थिति में भी पानी पर्याप्त मात्रा में पीना चाहिए।

– बुखार होने पर।
– ज़्यादा वर्कआउट करने पर।
– अगर आप गर्म वातावरण में हैं।
– प्यास लगे या न लगे, बीच-बीच में पानी पीते रहें। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं रहेगी।
– बाल झड़ने पर।
– टेंशन के दौरान।
– पथरी होने पर।
– स्किन पर पिंपल्स होने पर।
– स्किन पर फंगस, खुजली होने पर।
– यूरिन इन्फेक्शन होने पर।
– पानी की कमी होने पर।
– हैजा जैसी बीमारी के दौरान।

आयुर्वेद के अनुसार:

आयुर्वेद के अनुसार हल्का गर्म पानी पीने से पित्त और कफ दोष नहीं होता और डायजेस्टिव सिस्टम सही रहता है। 10 मिनट पानी को उबालें और रख लें। प्यास लगने पर धीरे-धीरे पीते रहें। ऐसा करने से यह पता चलता है कि आप दिन में कितना पानी पीते हैं और कितने समय में पीते हैं। आप पानी उबालते समय उसमें अदरक का एक टुकड़ा भी डाल सकते हैं। इससे फायदा होगा।
उबालने के बाद ठंडा हुआ पानी कफ और पित्त को नहीं बढ़ाता, लेकिन एक दिन या उससे ज़्यादा हो जाने पर वही पानी नहीं पीना चाहिए, क्योंकि बासी हो जाने पर पानी में कुछ ऐसे जीवाणु विकसित हो जाते हैं, जो स्वास्थ्य पर बुरा असर डालते हैं। बासी पानी वात, कफ और पित्त को बढ़ाता है।

पानी पीने के नुकसान :

1- ज़रूरत से ज़्यादा पानी पीने से किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

2- पानी के ओवरडोज़ से आपके शरीर के सेल्स डैमेज हो सकते हैं।

3- जिन मरीज़ों की बाय-पास सर्जरी हुई है, उनमें से कुछ मामलों में भी डॉक्टर्स पानी कम पीने की सलाह देते हैं।

4- जरूरत से ज्यादा पानी पीने से हमारे शरीर में मौजूद वह पाचन रस काम करना बंद कर देता है, जिससे खाना पचता है। इस वजह से खाना देर से पचने लगता है और कई बार खाना पूरी तरह से डाइजेस्ट भी नहीं हो पाता है।

5- हेल्थ विशेषज्ञों के अनुसार, खाने के बाद ठंडा पानी पीने से आपको नुकसान पहुंच सकता है। दरअसल, गर्म खाने के बाद आप जैसे ही ठंडा पानी पीते हैं, शरीर में खाया हुआ ऑयली खाना जमने लगता है। इससे आपकी पाचन शक्ति भी कम हो जाती है। बाद में यह फैट में भी तबदील हो जाता है। इसलिए खाने के बाद गर्म पानी पीने की सलाह दी जाती है।

पानी पीने से जुड़े कुछ ज़रूरी TIPS:

1- धूप से घर आकर तुरंत पानी न पिएं। यह खतरनाक हो सकता है।

2- कई बार खाली पेट पानी पीने से सर्दी-जुकाम जैसी बीमारियां हो जाती हैं।

3- खाने के तुरंत बाद पानी पीने से फैट बढ़ता है और आप आलसी महसूस करते हैं।

4- चिकनाई वाले खाने या खरबूजा, खीरा के तुरंत बाद पानी पीने से खांसी, जुकाम हो सकता है।

5- कई लोगों को पानी पीने से एसिडिटी की भी शिकायत होती है।

क्या हेल्दी इंसान को भी दिन में 8 गिलास पानी पीना चाहिए ?

रोज़ 8 गिलास पानी पीने के पीछे कोई वैज्ञानिक तथ्य नहीं है। यह जरूरी नहीं कि आप 8 गिलास पानी 8 बार ही पिएं। अनेक बुद्धिजीवियों ने लेख लिखे हैं, जिनमें पानी कितना और कैसे पीना चाहिए, इस पर विचार किया गया है। इस बात को प्रामाणिकता के साथ कहा जा सकता है कि जो लोग स्वस्थ हैं, उन्हें ज़रूरत से ज़्यादा पानी नहीं पीना चाहिए।

हम रोज़ तरल पदार्थ के रूप में चाय, कॉफी या कोल्ड ड्रिंक लेते हैं। इसमें कैफीन की मात्रा अधिक होती है। शरीर में कैफीन की मात्रा अधिक होने पर ब्लड की मात्रा कम हो जाती है। ब्लड में कैफीन की मात्रा कम करने के लिए पानी बेहद ज़रूरी है। अगर आप दिन में 4 कप चाय या कॉफी पीते हैं तो कम से कम 8 गिलास पानी ज़रूर पिएं। इससे शरीर का सिस्टम सही रहता है।
शरीर को रोगमुक्त और स्वस्थ रखने के लिए पानी पीना बेहद ज़रूरी है।

वयस्क लोगों को दिन में 2.5 लीटर पानी पीना चाहिए। कैलोरी को शरीर में घुलने के लिए पर्याप्त पानी का होना जरूरी है। शरीर से पसीना निकलने, एक्सरसाइज़ करने, डायरिया और किडनी में स्टोन होने पर पानी की कमी हो जाती है। ऐसे में, जीवन को भी खतरा हो सकता है। शरीर में पानी की कमी होने पर सबसे ज्यादा प्रभाव ब्लैडर पर पड़ता है।

ज़रूरी जानकारी:

1. हमारे शरीर का 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना है। प्रतिदिन शरीर को 6 से 10 गिलास पानी की आवश्यकता होती है।
इस आवश्यकता का एक बड़ा भाग खाद्य पदार्थों के रूप में शरीर ग्रहण करता है। शेष पानी मनुष्य पीता है।

2. पानी शरीर के अतिरिक्त तत्व को पसीना और मूत्र के रूप में बाहर निकालने में सहायक होता है, मल के निष्कासन में भी सहायक होता है।

3. एक वयस्क पुरुष के शरीर में पानी उसके शरीर के कुल भार का लगभग 65 प्रतिशत और एक वयस्क स्त्री शरीर में उसके शरीर के कुल भार का लगभग 52 प्रतिशत तक होता है।

4. शरीर की हड्डियों में 22 प्रतिशत पानी होता है, दांतों में 10 प्रतिशत, त्वचा में 20, मस्तिष्क में 74.5, मांसपेशियों में 75.6 और खून में 83 प्रतिशत पानी होता है।

=============================================

जल है औषध समान
अजीर्णे भेषजं वारि जीर्णे वारि बलप्रदम |
भोजने चामृतं वारि भोजनान्ते विषप्रदम ||

‘अजीर्ण होने पर जल-पान औषधवत हैं | भोजन पच जाने पर अर्थात भोजन के डेढ़- दो घंटे बाद पानी पीना बलदायक है | भोजन के मध्य में पानी पीना अमृत के समान है और भोजन के अंत में विष के समान अर्थात पाचनक्रिया के लिए हानिकारक है |’ (चाणक्य नीति :८.७)

विविध व्याधियों में जल-पान

१) अल्प जल-पान : उबला हुआ पानी ठंडा करके थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पीने से अरुचि, जुकाम, मंदाग्नि, सुजन, खट्टी डकारें, पेट के रोग, नया बुखार और मधुमेह में लाभ होता है |

२) उष्ण जल-पान : सुबह उबाला हुआ पानी गुनगुना करके दिनभर पीने से प्रमेह, मधुमेह, मोटापा, बवासीर, खाँसी-जुकाम, नया ज्वर, कब्ज, गठिया, जोड़ों का दर्द, मंदाग्नि, अरुचि, वात व कफ जन्य रोग, अफरा, संग्रहणी, श्वास की तकलीफ, पीलिया, गुल्म, पार्श्व शूल आदि में पथ्य का काम करता है |

३) प्रात: उषापान : सूर्योदय से २ घंटा पूर्व, शौच क्रिया से पहले रात का रखा हुआ पाव से आधा लीटर पानी पीना असंख्य रोगों से रक्षा करनेवाला है | शौच के बाद पानी न पियें |

औषधिसिद्ध जल

१) सोंठ-जल : दो लीटर पानी में २ ग्राम सोंठ का चूर्ण या १ साबूत टुकड़ा डालकर पानी आधा होने तक उबालें | ठंडा करके छान लें | यह जल गठिया, जोड़ों का दर्द, मधुमेह, दमा, क्षयरोग (टी.बी.), पुरानी सर्दी, बुखार, हिचकी, अजीर्ण, कृमि, दस्त, आमदोष, बहुमुत्रता तथा कफजन्य रोगों में खूब लाभदायी है |

२) अजवायन-जल : एक लीटर पानी में एक चम्मच (करीब ८.५ ग्राम) अजवायन डालकर उबालें | पानी आधा रह जाय तो ठंडा करके छान लें | उष्ण प्रकृति का यह जल ह्दय-शूल, गैस, कृमि, हिचकी, अरुचि, मंदाग्नि,पीठ व कमर का दर्द, अजीर्ण, दस्त, सर्दी व बहुमुत्रता में लाभदायी है |

३) जीरा-जल : एक लीटर पानी में एक से डेढ़ चम्मच जीरा डालकर उबालें | पौना लीटर पानी बचने पर ठंडा कर छान लें | शीतल गुणवाला यह जल गर्भवती एवं प्रसूता स्रियों के लिए तथा रक्तप्रदर, श्वेतप्रदर, अनियमित मासिकस्त्राव, गर्भाशय की सूजन, गर्मी के कारण बार-बार होनेवाला गर्भपात व अल्पमुत्रता में आशातीत लाभदायी है |

ध्यान दें :

१)भूखे पेट, भोजन की शुरुवात व अंत में, धुप से आकर, शौच, व्यायाम या अधिक परिश्रम व फल खाने के तुरंत बाद पानी पीना निषिद्ध है |

२) अत्यम्बूपानान्न विपच्यतेन्नम अर्थात बहुत अधिक या एक साथ पानी पीने से पाचन बिगड़ता है | इसलिए मुहुर्मुहर्वारी पिबेदभूरी | बार-बार थोडा-थोडा पानी पीना चाहिए | (भावप्रकाश, पूर्व खंड: ५.१५७)

३) लेटकर, खड़े होकर पानी पीना तथा पानी पीकर तुरंत दौड़ना या परिश्रम करना हानिकारक है | बैठकर धीरे-धीरे चुस्की लेते हुए बायाँ स्वर सक्रिय हो तब पानी पीना चाहिए |

४) प्लास्टिक की बोतल में रखा हुआ, फ्रिज का या बर्फ मिलाया हुआ पानी हानिकारक है |

५) सामान्यत: १ व्यक्ति के लिए एक दिन में डेढ़ से दो लीटर पानी पर्याप्त है | देश-ऋतू-प्रकृति आदि के अनुसार यह मात्रा बदलती है |

http://www.reckonweb.com/

Happy Krishna Janmashtami
28/08/2013

Happy Krishna Janmashtami

Address

Dehra Dun
248001

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Reckon Web Solutions posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Reckon Web Solutions:

Share