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यदि आप अमेरिका के पहले "खतरनाक या जानलेवा रोबोट" (Danger / Killer Robot) के बारे में जानना चाहते हैं, तो इसके दो अलग-अलग...
29/05/2026

यदि आप अमेरिका के पहले "खतरनाक या जानलेवा रोबोट" (Danger / Killer Robot) के बारे में जानना चाहते हैं, तो इसके दो अलग-अलग इतिहास हैं—पहला युद्ध के मैदान (Military) के लिए बनाया गया हथियारबंद रोबोट, और दूसरा फैक्ट्री में अनजाने में दुर्घटना करने वाला पहला औद्योगिक रोबोट.इन दोनों श्रेणियों के पहले रोबोट्स की पूरी जानकारी नीचे दी गई है:1. अमेरिका का पहला घातक सैन्य रोबोट: SWORDS (TALON)युद्ध और हथियारों के लिहाज से SWORDS (Special Weapons Observation Reconnaissance Detection System) को अमेरिका और दुनिया का पहला 'वेपनाइज्ड' यानी हथियारबंद रोबोट माना जाता है.किसने बनाया?: इसे अमेरिकी कंपनी फॉस्टर-मिलर (Foster-Miller) ने अमेरिकी सेना के लिए बनाया था. यह उनके मशहूर बम निरोधक रोबोट 'TALON' का ही एक खतरनाक रूप था.इसकी ताकत: करीब एक मीटर ऊंचे इस रोबोट में M16 राइफल, मशीन गन या 40mm ग्रेनेड लॉन्चर फिट किया जा सकता था. इसे एक सैनिक 1 किलोमीटर दूर से रिमोट के जरिए कंट्रोल कर दुश्मनों पर अचूक निशाना लगा सकता था.विवाद (यह खतरनाक क्यों साबित हुआ?): साल 2007 में अमेरिकी सेना ने ऐसे तीन रोबोट इराक के युद्ध मैदान पर भेजे. लेकिन वहां तैनात होते ही इन रोबोट्स में गंभीर खराबी (Malfunction) आ गई—इन्होंने इंसानी आदेशों के बिना ही अपनी बंदूकें घुमाना शुरू कर दिया. सैनिकों को डर लगा कि ये अपने ही लोगों पर गोली न चला दें, इसलिए अमेरिकी सेना ने इनसे बिना एक भी गोली चलवाए तुरंत इस प्रोजेक्ट को बंद कर दिया.2. इतिहास में पहली बार 'जान लेने वाला' अमेरिकी रोबोट (1979)यदि बात करें कि इतिहास में किस रोबोट के कारण पहली बार किसी इंसान की जान गई, तो वह कोई मिलिट्री रोबोट नहीं बल्कि एक इंडस्ट्रियल रोबोट था.घटना: 25 जनवरी 1979 को अमेरिका की फोर्ड मोटर कंपनी (Ford Motor Co.) की फैक्ट्री में एक 1-टन वजनी रोबोटिक आर्म (मशीनी हाथ) काम कर रहा था.दुर्घटना: रोबोटिक सिस्टम में खराबी आने पर 25 वर्षीय कर्मचारी रॉबर्ट विलियम्स (Robert Williams) सामान ठीक करने के लिए उसके दायरे में गए. रोबोट ने इंसान को नहीं पहचाना और उसके भारी-भरकम लोहे के हाथ ने रॉबर्ट के सिर पर जोरदार प्रहार किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. यह आधिकारिक रूप से इतिहास का पहला मामला था जब किसी रोबोट के कारण किसी इंसान की मौत हुई.वर्तमान की स्थिति (लेटेस्ट अपडेट 2026)आजकल अमेरिका में ह्यूमनॉइड (इंसान जैसे) वॉर रोबोट्स और घोस्ट रोबोटिक्स के आर्म्ड रोबोट डॉग्स (Armed Robot Dogs) का परीक्षण चल रहा है, जिन पर बंदूकें और ग्रेनेड लॉन्चर लगाए जा रहे हैं. हाल ही में अमेरिकी रोबोटिक्स कंपनी 'फिगर एआई' (Figure AI) पर कैलिफोर्निया की अदालत में एक केस भी हुआ है, जहां कंपनी के पूर्व सेफ्टी इंजीनियर ने आरोप लगाया है कि ये नए रोबोट्स इतने ताकतवर और खतरनाक हैं कि ये अनियंत्रित होने पर इंसान की खोपड़ी भी तोड़ सकते हैं.क्या आप अमेरिकी सेना के रोबोटिक डॉग्स (Robot Dogs) के बारे में जानना चाहते हैं या आज के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वाले घातक रोबोट्स से जुड़े नियमों को समझना चाहते हैं?'इंसान की खोपड़ी तोड़ देंगे रोबोट',

दुनिया का पहला मोबाइल फोन मोटोरोला डायनाटैक 8000एक्स (Motorola DynaTAC 8000X) है.इस ऐतिहासिक फोन को अमेरिकी कंपनी मोटोरो...
29/05/2026

दुनिया का पहला मोबाइल फोन मोटोरोला डायनाटैक 8000एक्स (Motorola DynaTAC 8000X) है.इस ऐतिहासिक फोन को अमेरिकी कंपनी मोटोरोला (Motorola) के एक वरिष्ठ इंजीनियर मार्टिन कूपर (Martin Cooper) ने अपनी टीम के साथ मिलकर बनाया था. मार्टिन कूपर को दुनिया में 'मोबाइल फोन का जनक' (Father of Mobile Phone) भी कहा जाता है.इस पहले मोबाइल फोन से जुड़ी कुछ बेहद दिलचस्प बातें नीचे दी गई हैं:पहली ऐतिहासिक मोबाइल कॉलतारीख और जगह: मार्टिन कूपर ने 3 अप्रैल, 1973 को न्यूयॉर्क शहर की एक सड़क पर खड़े होकर दुनिया की पहली वायरलेस मोबाइल कॉल की थी.किसे किया था फोन?: उन्होंने यह पहली कॉल अपनी प्रतिद्वंद्वी कंपनी 'बेल लैब्स' के रिसर्चर जोएल एंजेल को चिढ़ाने के लिए की थी कि उन्होंने मोबाइल फोन बना लिया है.

आधिकारिक वैश्विक रिपोर्टों (जैसे IRENA और IEA) के अनुसार, भारत सौर ऊर्जा (Solar Energy) क्षमता के मामले में दुनिया में त...
29/05/2026

आधिकारिक वैश्विक रिपोर्टों (जैसे IRENA और IEA) के अनुसार, भारत सौर ऊर्जा (Solar Energy) क्षमता के मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर है, न कि दूसरे स्थान पर. हालाँकि, हाल ही में भारतीय अक्षय ऊर्जा बाजार में आई अभूतपूर्व तेजी और 155 गीगावॉट (GW) से अधिक की स्थापित सौर क्षमता के चलते भारत को कुछ श्रेणियों में वैश्विक स्तर पर 'दूसरा सबसे बड़ा सौर बाजार/योगदानकर्ता' भी बताया जा रहा है.सौर ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक रैंकिंग और भारत की इस ऐतिहासिक प्रगति का पूरा विवरण नीचे दिया गया है:

चार्ल्स बैबेज (Charles Babbage) को दुनिया का 'कंप्यूटर का पिता' (Father of Computer) माना जाता है। वह 19वीं सदी के एक मह...
29/05/2026

चार्ल्स बैबेज (Charles Babbage) को दुनिया का 'कंप्यूटर का पिता' (Father of Computer) माना जाता है। वह 19वीं सदी के एक महान ब्रिटिश गणितज्ञ, दार्शनिक और आविष्कारक थे।उन्होंने ही सबसे पहले एक ऐसे मैकेनिकल कंप्यूटर की कल्पना और डिजाइन तैयार किया था, जो आज के आधुनिक कंप्यूटरों का आधार बना।चार्ल्स बैबेज के मुख्य आविष्कारडिफरेंस इंजन (Difference Engine): बैबेज ने साल 1822 में एक मैकेनिकल कैलकुलेटर का आविष्कार किया था। यह भाप (steam) से चलता था और गणितीय गणनाएं (calculations) कर सकता था।एनालिटिकल इंजन (Analytical Engine): साल 1837 में उन्होंने इस क्रांतिकारी मशीन की रूपरेखा तैयार की। यह दुनिया का पहला "जनरल पर्पज कंप्यूटर" (General Purpose Computer) डिजाइन था।

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