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27/01/2025
23/01/2025
एक बार एक व्यक्ति ने महान Philosopher सुकरात से पूछा कि “सफलता का रहस्य क्या है?” – What is the secret of success? सुकरा...
21/01/2025

एक बार एक व्यक्ति ने महान Philosopher सुकरात से पूछा कि “सफलता का रहस्य क्या है?” – What is the secret of success?



सुकरात ने उस इंसान को कहा कि वह कल सुबह नदी के पास मिले, वही पर उसे अपने प्रश्न का जवाब मिलेगा।



जब दूसरे दिन सुबह वह व्यक्ति नदी के पास मिला तो सुकरात ने उसको नदी में उतरकर, नदी गहराई की गहराई मापने के लिए कहा।



वह व्यक्ति नदी में उतरकर आगे की तरफ जाने लगा| जैसे ही पानी उस व्यक्ति के नाक तक पहुंचा, पीछे से सुकरात ने आकर अचानक से उसका मुंह पानी में डुबो दिया। वह व्यक्ति बाहर निकलने के लिए झटपटाने लगा, कोशिश करने लगा लेकिन सुकरात थोड़े ज्यादा Strong थे। सुकरात ने उसे काफी देर तक पानी में डुबोए रखा।



कुछ समय बाद सुकरात ने उसे छोड़ दिया और उस व्यक्ति ने जल्दी से अपना मुंह पानी से बाहर निकालकर जल्दी जल्दी साँस ली।

सुकरात ने उस व्यक्ति से पूछा – “जब तुम पानी में थे तो तुम क्या चाहते थे?” व्यक्ति ने कहा – “जल्दी से बाहर निकलकर सांस लेना चाहता था।”



सुकरात ने कहा – “यही तुम्हारे प्रश्न का उतर है। जब तुम सफलता को उतनी ही तीव्र इच्छा से चाहोगे जितनी तीव्र इच्छा से तुम सांस लेना चाहते है, तो तुम्हे सफलता निश्चित रूप से मिल जाएगी।”

औरत से प्रेम में अगर आप ये उम्मीद करते हैं की वो आपसे पूरी तरह खुश है तो आप नादानी में हैं...             ये औरत के मूल ...
17/12/2024

औरत से प्रेम में अगर आप ये उम्मीद करते हैं की वो आपसे पूरी तरह खुश है तो आप नादानी में हैं...
ये औरत के मूल में ही नहीं है...
अगर आप बहोत ज्यादा केयर करते है तो उससे भी ऊब जाएगी...
अगर आप बहोत उग्र हैं तो वो उससे भी बिदक जाएगी...
अगर आप बहोत ज्यादा विनम्र हैं तो वो उससे भी चिढ़ जाएगी...
अगर आप उससे बहोत ज्यादा बात करते हैं तो वो आपको टेक इट फौर ग्रांटड लेने लगेगी ...
अगर आप उससे बहोत कम बात करते हैं तो वो मान लेगी कि आपका चक्कर कहीं और चल रहा है...

यानी आप कुछ भी कर लीजिए वो संतुष्ट नहीं हो सकती...

ये उसका स्वभाव है...
वो एक ऐसा डेडली कम्बिनेशन खोजती है जो बना ही न हो , और बन भी न सकता हो...

ठीक वैसे ही जैसे कपड़ा खरीदने जाती है तो कहती कि इसी कलर में कोई दूसरा डिजाइन दिखाओ , इसी डिजाइन में कोई दूसरा कलर दिखाओ...

कपड़े का गट्ठर लगा देती है...
बहोत परिश्रम के बाद एक पसंद भी आ गया तो भी संतुष्ट नहीं हो सकती...
आखिरी तक सोचती है कि इसमे ये डिजाइन ऐसे होता तो परफैक्ट होता...

इन सबके बावजूद एक बहोत बड़ी खूबी भी है औरत के अंदर
एक बार उसे कुछ पसंद आ गया तो उसे आखिरी दम तक सजो के रखती है
वो चाहे रिश्ते हो या चूडी...

रंग उतर जाएगा , चमक खत्म हो जाएगा पर खुद से जुदा नहीं करेगी....बस यही खूबी औरत को विशिष्ट बनाती है....🥰😍

30/04/2023

The Life of an Eagle From Birth to Death In Hindi –
बाज़ का पुनर्जन्म

हर बाज़ की ज़िंदगी में बढ़ते उम्र की मोड़ पर एक ऐसा समय आता है जहा उसके सामने पहले दो रास्ते सरल और तुरंत समाधान देने वाले होते है और वही तीसरा रास्ता कठिन और पीड़ा देने वाला होता है लेकिन बाज़ पीड़ा चुनता है और यही से शुरू होता है बाज़ का पुनर्जन्म।

हमारे ज़िंदगी में कई ऐसे मौके आते है जब हमें परेशानियो का सामना करना पड़ता है। कई लोग तो जीवन में संघर्ष कर आगे निकल जाते है और कई अपने हालातो से हार मान कर खुद को ज़िंदगी के हवाले कर देते है। ऐसे में हमारी ज़िंदगी और हमारा खुद का कोई वजूद नहीं रहता। दुनिया उसी को सलाम करती है जो अपने कलाम खुद लिखते है सिर्फ इंसान ही नहीं कुदरत में हर प्राणी के साथ ऐसा होता है। तो आईये जानते है बाज़ के जीवन से जुडी आचर्यजनक किन्तु एक ऐसा सत्य जो हम सब को प्रेणना देगा।

बाज़ लगभग 70 वर्ष जीता है परन्तु अपने जीवन के 40 वे वर्ष में आते-आते उसे एक महत्वपूर्ण निर्णय लेना पड़ता है। इस अवस्था में उसके शरीर के तीनो प्रमुख अंग बेअसर होने लगते है। पहला पंजे लम्बे और लचीले हो जाते है और शिकार को पड़ने में कमजोर हो जाते है। दूसरा चोंच आगे की तरफ मुड़ जाती है और भोजन निगलने में मुश्किलें पैदा होने लगती है। तीसरा पंख भरी हो जाते है और सीने से चपकने से कारण पुरे खुल नहीं पाते है और उड़ाने सिमित कर देते है। भोजन ढूढ़ना, भोजन पकड़ना और भोजन खाना तीनो प्रक्रियाएं अपनी धार खोने लगती है।

उसके पास तीन ही रास्ते बचते है या तो अपनी शरीर छोड़ दे या अपनी प्रवत्ति छोड़ गिद्ध की तरह त्यागी हुए भोजन पर निर्भर हो जाये या फिर स्वयं को फिर से स्थापित करे। आकाश के साफ़ तौर से जाहिर बादशाह के रूप में जहा पहले दो रास्ते सरल और तुरंत समाधान देने वाले है वही तीसरा अत्यंत पीड़ादायी और लम्बा।
बाज़ पीड़ा चुनता है और स्वयं को फिर से स्थापित करता है वह किसी ऊँचे पहाड़ पर जाता है। एकांत में अपना घोसला बनाता है और तब शुरू करता है पूरी प्रक्रिया। सबसे पहले वह अपनी चोंच चट्टान पर मार-मार कर तोड़ देता है अपनी चोंच से अधिक पीड़ादायक कुछ भी नहीं है पंक्षी राज़ के लिए।

अब वह इंतजार करता है चोंच के फिर से उग आने की और उसके बाद वह अपने पंजे भी उसी प्रकार तोड़ देता है और इंतजार करना है पंजो का फिर से उग आने का। नयी चोंच और पंजे आने के बाद वह अपनी भरी पंखो को एक-एक कर नोचकर निकालता है और प्रतीक्षा करता है पंखो की पुनः उग आने का। 150 दिन की पीड़ा और इंतजार और तब उसे मिलती है वही भव्य और ऊँची उड़ान। इस पुनर स्थापना के बाद वह ऊर्जा, सम्मान और गरिमा के साथ 30 साल और जीता है।

आपने कई बार ये सुना होगा भगवान भी उसी की मदद करते है जो अपनी मदद खुद करता है आज आपको इसकी मिसाल मिल गयी होगी जैसे बाज़ संघर्ष करता है 150 दिन तक और भगवान उसका संघर्ष बेकार नहीं जाने देते उसको नयी ज़िंदगी देकर कुदरत हमें सिखाने बैठी है जैसे पंजे पकड़ के प्रतिक है, चोंच सक्रियता की और पंख कल्पना को स्थापित करते है।

इच्छा हालातो पर काबू रखने की, सक्रियता स्वयं की अस्तित्व की गरिमा बनाये रखने की, कल्पना जीवन में कुछ नए पन बनाये रखने की। हम में भी 40 तक आते-आते इच्छा, सक्रियता और कल्पना तीनो के तीनो निर्बल पड़ने लगते है। हमारा व्यक्तित्व ही ढीला पड़ने लगता है आधे जीवन में ही जीवन खत्म होने जैसा लगता है। उत्साह, आकांछा, ऊर्जा, निचे की ओर जाने लगती है हमारे पास भी कई विकल्प होते है कुछ सरल और कुछ पीड़ादायक।
हमें भी अपने जीवन के मजबूरी भरे अतिलचीनेपन को त्याग कर काबू दिखाना होगा बाज़ की पंजो की तरह, हमें भी आलश पैदा करने वाली वक्र मानसिकता को त्याग कर ऊर्जा से भरी सक्रियता दिखानी होगी बाज़ की चोंच की तरह, हमें भी भूतकाल में जकड़े अस्तित्व के भारी पन को त्याग कर कल्पना की आजाद उड़ाने भरने होंगी बाज़ की पंखो की तरह।

150 दिन ना सही एक माह ही बिताया जाये स्वयं को दुबारा स्थापित करने में जो शरीर और मन से चिपका हुआ है उसे तोड़ने और नोचने में पीड़ा तो होगी ही बाज़ तब उड़ाने भरने को तैयार होंगे इस बार उड़ाने और ऊँची होगी, अनुभवी होंगी और अनंत की ओर जाएँगी जीत तक जंग जारी रहेंगी।

मेरे अकाउंट पर 100 फ़ॉलोअर हो गए हैं! अपना सपोर्ट देने के लिए आपका धन्यवाद. आप सभी के सपोर्ट के बिना मेरे लिए यह कर पाना...
28/04/2023

मेरे अकाउंट पर 100 फ़ॉलोअर हो गए हैं! अपना सपोर्ट देने के लिए आपका धन्यवाद. आप सभी के सपोर्ट के बिना मेरे लिए यह कर पाना संभव नहीं था. 🙏🤗🎉

Motivational...
07/01/2023

Motivational...

07/01/2023

अगर आप Failure को Attention नहीं देंगे तो आपको कभी भी Success नहीं मिलेगी I"

07/06/2016

कैसे पाएं सफलता? 3 ज़रूरी बातें!

बहुत से लोगों ने successful होने के बहुत से तरीके बताये हैं. इस subject को लेकर आपने ढेर सारी किताबें पढ़ी हैं, कई blogs पढ़ें हैं और काफी लोगों ने success seminars भी attend किये हैं. And the good thing is कि कुछ लोगों ने इन चीजों का फायदा उठा कर अपनी life को successful बनाया भी है.

पर ये भी एक सच है कि इन तमाम चीजों को करने के बावजूद अधिकतर लोग सफलता नही पा पाते! शायद बहुत सारे tips या inputs मिलने की वजह से वे इस पूरे process को बहुत complex समझ लेते हैं और उन्हें clear नहीं हो पाता कि actually सफल होने के लिए करना क्या है ? इसीलिए आज मैं आपके साथ Successful होने का एक बड़ा ही straight forward और effective तरीका share कर रहा हूँ.

पहली बात: 1 line का लक्ष्य बनाएं

सफलता क्या है?

अपने लक्ष्य को पाना ही सफलता है. इसलिए अगर सफल होना है तो पहले आपको अपना एक लक्ष्य निर्धारित करना होगा.

5 साल पहले जब मैंने AKC शुरू किया था तभी मैंने तय कर लिया था कि एक दिन मैं अच्छीखबर पर “१ लाख पेज व्यूज पर डे” का goal achieve करूँगा और उसी को अपनी सफलता मानूंगा, and it happened!

सफलता पाने के लिए सबसे पहला step यही है की आप clearly define करिये कि आपके लिए सफलता का मतलब क्या है ?

कई बार लोग कहते हैं, “ I want to be a successful person?” पर उनके दिमाग में इस बात की clarity नहीं होती कि successful person होने का मतलब क्या है ?

हो सकता है आपके लिए इसका मतलब हो – “ एक अच्छा सा घर…अच्छी सी नौकरी…अच्छी सी family…” but ये success की बहुत generalized definition हुई…. कौन जानता है किसके लिए क्या “अच्छा ” है. इसलिए आप अपने लिए Success की एक clear cut and concise definition तैयार करिए…ऐसी definition जिसे आप बार -बार अपने दिमाग में repeat कर सकें, जिसे बोलते ही आपकी आँखों में चमक आ जाये जो आपको एक challenge के साथ- साथ एक achievement का भी एहसास करा सके.

For example:

5 साल पहले मेरे लिए ये definition थी —“ 1 lac page views per day”, 1 lac page views achieve करने से पहले ये छोटी सी line मैं हज़ारों बार लिख, सोच और महसूस कर चुका था और जब मैंने इसे पा लिया है तो अब अपने अगले लक्ष्य की और बढ़ रहा हूँ…वो क्या है इसके बारे में फिर कभी बात होगी. 🙂

आपको भी अपने लिए success को एक line में define करना होगा…ये कुछ भी हो सकता है —

For example: अगर Vijay Kumar को IAS officer बनना है तो वो एक लाइन में अपना गोल बना सकता है –“ VIJAY KUMAR IAS OFFICER”

अगर उसे IIT में जाना है….” VIJAY KUMAR IITIAN”

अगर किसी को बहुत बड़ा Dancer बनना है -“दिल्ली का नंबर १ डांसर” etc.

Goal define करते समय इन बातों का ध्यान रखें :

Goal बड़ा बनाएं! कितना बड़ा ? उतना बड़ा जितना आप सोच सकते हैं और जिसे आप दिलो दिमाग से accept कर सकते हैं की हाँ अगर आप अपनी पूरी ताकत झोंक दें तो आप उस लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं!

For instance: कोई लक्ष्य बना सकता है “ मुझे दुनिया का सबसे अमीर आदमी बनना है ” अगर वो इसे दिलो-जान से believe कर पा रहा है तो well and good लेकिन अगर नहीं कर पा रहा है तो उससे बेहतर होगा, “मुझे 10 करोड़ रूपये कमाने हैं ”

What I mean to say is कि आपका लक्ष्य आपको motivate करने वाला हो…वो ऐसा न हो कि उसे बोलते ही अंदर से आवाज़ आये…..” ये कहाँ हो पायेगा…” बल्कि उसे बोलते ही आप charged up महसूस करें…कि हाँ यही वो चीज है जो मुझे किसी भी कीमत पर चाहिए….YES यही करना है मुझे!

एक बात और जो ध्यान देने वाली है कि आपको “Goal” बनाना है “ Goals” नहीं. हो सकता है कुछ लोग इस बात से agree न करें पर मेरा मानना है की एक समय में आप सिर्फ और सिर्फ एक GOAL बनाइये. ख़ास तौर से वो लोग जो पहली बार किसी बड़ी सफलता का स्वाद चखना चाहते हैं…उन्हें goals के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए और सिर्फ और सिर्फ एक goal बनाना चाहिए. अगर आप अलग-अलग गोल्स को लेकर दुविधा में हैं तो उस एक गोल को चुनें जो आपकी life पर सबसे अधिक positive impact डाले, और फिर अपनी पूरी उर्जा उसी एक गोल को पाने में लगा दें!

बहुत पहले Goal से related मैंने एक पोस्ट लिखी थी – “जीवन में लक्ष्य का होना ज़रूरी क्यों है ?“. चाहें तो आप इसे पढ़ सकते हैं.
दूसरी बात: Focussed Hard Work करें

Goal बनाने के बाद दूसरा step है उस Goal पर focussed रहना और उसे achieve करने के लिए कड़ी मेहनत करना.

किसी चीज पर focussed रहने का क्या मतलब है ?

इस बात को समझाने के लिए मैं हमेशा Swami Vivekanand जी की कही ये बात quote करता हूँ –

एक idea लो. उस idea को अपनी life बना लो – उसके बारे में सोचो उसके सपने देखो, उस idea को जियो. अपने दिमाग, muscles, nerves, शरीर के हर हिस्से को उस आईडिया में डूब जाने दो, और बाकी सभी ideas को किनारे रख दो. यही सफल होने का तरीका है, यही वो तरीका है जिससे महान लोग निर्मित होते हैं.

Friends, ज्यादातर लोग life में इसलिए असलफल नही रह जाते क्योंकि उनके अंदर सफल होने की काबिलियत नहीं होती बल्कि वे इसलिए असफल हो जाते हैं क्योंकि वे लम्बे समय तक एक ही लक्ष्य पर अपना ध्यान नहीं लगा पाते.

अगर आपको सफल होना है तो आपको Focussed हो कर अपने goals का पीछा करना होगा…रास्ते में तमाम नयी opportunities आपको distract करने की कोशिश करेंगी…कोई business plan समझायेगा, तो कोई आपको जल्दी से अमीर बनने का रास्ता दिखायेगा … तो कोई अच्छी नौकरी का offer देगा….पर आपको इन सबको ठुकराना है.

जब मैं AKC पे काम कर रहा था तो इस बीच मैंने कई दूसरी opportunities छोड़ीं… which included a very good job offer, विदेश जाने का मौका, etc. हो सकता है आपको लगे कि मेरे लिए ये सब miss करना कठिन रहा होगा…but frankly ये बहुत आसान था….जब आप अपने लक्ष्य को लेकर passionate होते हैं तो बाकि सब बेकार लगता है और उन्हें छोड़ना या हाथ से जाने देना बहुत आसान होता है!

दोस्तों, चाहे जितनी भी distractions आ जाएं आपको सिर्फ और सिर्फ अपना लक्ष्य प्राप्त करना है और कुछ नहीं! फिर दूसरी चीजें चाहे कितनी भी attractive हों, उसमे कितना ही पैसा हो…कितनी ही शौहरत हो….नहीं चाहिए….मुझे अपनी life में सिर्फ और सिर्फ एक चीज चाहिए……मेरा लक्ष्य और कुछ नहीं!

और ये लक्ष्य मिलेगा कड़ी मेहनत से…. बहुत से लोग SMART work की बात करते हैं…but don’t confuse it with Easy Work…. SMART work actually means…कि आप Hard work smartly करते हैं.

Light bulb के inventor Edison ने सौ साल पहले कहा था —

There is no substitute for hard work. / कठोर परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है.

और यकीन जानिये अभी तक इसका कोई विकल्प नहीं मिल पाया है!

इसलिए अगर आपको अपना लक्ष्य प्राप्त करना है तो कड़ी मेहनत करनी होगी…लगातार…हर रोज…जब तक आपका लक्ष्य न मिल जाए!

आपको time wasters को किनारे करना होगा…mobile switch off करना होगा… facebook signout करना होगा, whatsapp disable करना होगा…दोस्तों को… family members को “ना” करना सीखना होगा…आपको सुबह जल्दी उठना होगा या रात को देर तक काम करना होगा…आपको अपना हर लम्हा लक्ष्य को पाने में लगाना होगा and believe me जब आप ऐसा करेंगे तो बड़े से बड़ा लक्ष्य भी आपको achievable लगने लगेगा!

आज तक जितने भी achievers हुए हैं-

महात्मा गांधी से लेकर नरेंद्र मोदी तक
अमिताभ बच्चन से लेकर सचिन तेंदुलकर तक
सानिया से लेकर साइना तक….

हर किसी ने बड़ी मेहनत की है हर किसी ने कड़ी मेहनत की है….success की लड़ाई में कड़ी मेहनत ही आपका ब्रह्मास्त्र है..इसकी ताकत के आगे पहाड़ों तक को झुकना पड़ता है….इसका इस्तेमाल करिये…सारे challenges…सारी अड़चने… सारी बाधाओं को अपने सामने झुका दीजिये और सफलता को अपनी मुट्ठी में भर लीजिये!

आप Focus पे लिखी मेरी ये पोस्ट भी पढ़ सकते हैं : सफलता के लिए ज़रूरी है Focus!
तीसरी और आखिरी बात: Enthusiasm बनाये रखें

आप अपने goal को लेकर clear हैं…आप focussed hard work भी कर रहे हैं पर एक चीज और है जो success पाने के लिए मुझे बेहद ज़रूरी लगती है…
और वो चीज है एन्थुजीऐजम…यानि जोश या उत्साह.

यहाँ जोश का मतलब नाचना – गाना या super excited होकर अपनी emotions show करना नहीं है…जोश का मतलब internally charged up होने से है…
इसका मतलब अपने goal को लेकर अंदर से अच्छा feel करने से है…अपने efforts को लेकर उत्साहित रहने से है…जब आदमी जोश में काम कर रहा होता है तो वो extra efforts डालने के लिए तैयार रहता है…वो अपने लक्ष्य को पाने के लिए अनदेखे रास्तों पर चलने को तैयार रहता है, वो सिर्फ conventional wisdom पर नही चलता बल्कि नए innovative तरीकों को अपनाने के लिए भी ready रहता है…उसका दिमाग सोचता रहता है कि मैं कैसे अपने mission को possible बना सकता हूँ… मैं कैसे अपने dreams को reality में convert कर सकता हूँ!

Ralph Waldo Emerson ने कहा है-

Nothing great was ever achieved without enthusiasm. / बिना उत्साह के कभी कोई महान उपलब्धि हासिल नहीं की गयी है.

इसलिए अपने लक्ष्य को लेकर अक्सर उत्साहित रहे.. अक्सर इसलिए क्योंकि हमेशा ऐसा होना practical नहीं है, ना चाहते हुए भी situations circumstances आपका एनर्जी लेवल, आपका मोराल डाउन कर सकते हैं… that’s ok… ये सबके साथ होता है. बस ज़रूरत ये है कि आप फिर से उसी उत्साह उसी मोराल को वापस पा लें…और ऐसा करना तब थोड़ा आसान होगा जब आप अपना लक्ष्य ये देखकर नहीं बनाएं कि और लोग आपसे क्या चाहते हैं बल्कि ये सोचकर बनाएं कि आप खुद से अपने लिए क्या चाहते हैं!

इसके अलावा अपना उत्साह बरकरार रखने के लिए आप motivational books, videos और blogs का सहारा भी ले सकते हैं…आप कुछ mini-milestones decide कर सकते हैं और उसे अचीव करने पर celebrate कर सकते हैं…जो भी करें… जैसे भी करें पर अपना enthusiasm बनाये रखें… ऐसा करना बिना थके आपको आपके लक्ष्य के करीब पहुंचा देगा!

अंत में एक और चीज जो मैं गोल के बारे में कहना चाहता हूँ, वो ये कि अकसर Goal को Time Bound बनाने की सलाह दी जाती है, बहुत से cases में ये सही भी है…पर मुझे लगता है कि life के सबसे ज़रूरी goals को समय से नहीं बाँधा जाना चाहिए…बल्कि उनका रिश्ता आपके उत्साह के साथ होना चाहिए!

ये मायने नहीं रखता की लक्ष्य का पीछा करते हुए 1 साल बीता…दो साल बीता या दस साल बीता…अगर उत्साह ज़िंदा है तो लक्ष्य को पाने की मेरी लड़ाई ज़िंदा है…..और जब तक मेरी लड़ाई ज़िंदा है तब तक मैं जीत सकता हूँ ….

मैं रुकुंगा नहीं मैं झुकूंगा नहीं…
लड़खड़ाउं-गिरुं पर थमूंगा नहीं…
है जोश मुझमें मैं चलता रहूँगा…
जो है लक्ष्य मेरा मैं पाकर रहूँगा…

All the best!

07/06/2016

Business शुरू करने में देरी की 3 वजहें !

मैं कई बार ऐसे लोगों से मिल चुका हूँ जो मुझसे अपने dream business की शुरुआत करने की बात करते है , घंटों planning करते हैं … .. बताते हैं कि बस अगले महीने से काम शुरू कर रहा हूँ …..लेकिन जब मैं 6 महीने बाद भी उनसे मिलता हूँ तब भी यही पता चलता है कि वो अगले महीने से अपना काम शुरू करने जा रहे हैं .हो सकता है आपके साथ भी ऐसा हो चुका हो कि किसी जबरदस्त idea को लेकर आपने बहुत सारे सपने बुने हों पर हकीकत में एक step भी आगे ना बढ़ पाए हों !!!

तो भला ऐसा क्यों होता है कि हम कोई business, NGO या organization start करने का सोचते हैं लेकिन किसी ना किसी वजह से ये काम टलता जाता है और हम वहीँ के वहीँ रह जाते हैं ?

आज इस post में मैं ऐसी ही तीन वजहों को आपसे share कर रहा हूँ जो हमें आगे बढ़ने से रोकती हैं पर दरअसल किसी बिजनेस को start करने से पहले इनकी कोई ख़ास जरूरत नहीं होती :
1) Perfect plan :

कई बार लोग कुछ शुरू करने से पहले उसकी एक एक बारीकी को समझना चाहते हैं, खासतौर से जो लोग ज्यादा पढ़े-लिखे होते हैं,…वो चाहते हैं कि वो start से end तक हर एक चीज perfect तरीके से करें .वो details में इतना अधिक घुस जाते हैं कि बस उसी में उलझ के रह जाते हैं .पर real world में ऐसा नहीं होता , आप चाहे जितनी भी planning कर लें ground –reality में फरक तो होता ही है …इसलिए बेकार में perfectionist बनने की कोई जरूरत नहीं है .

इंसान ज्यादातर चीजें काम करने के दौरान सीखता है , इसलिए आप किसी perfect plan के बनने का इंतज़ार मत कीजिये …एक raw मोटी-मोटा plan के साथ अपने काम को शुरू कीजिये और आने वाले challenges को face करते हुए आगे बढ़ते जाइए .

Sony company को आप सब जानते हैं ….जब Ibuka और Morita ने इसकी शुरआत की थी तब company ने Electirc Rice Cooker बेचने की planning की थी , पर वो इसमें सफल नहीं हो पाए..….पर आज वही कंपनी एक से बढ़कर एक electronic equipments बनाती है, मैंने भी जब AKC की शुरआत की थी तब सोचा भी नहीं था कि मैं Hindi Quotes publish करूँगा …पर आज मुझे सबसे ज्यादा traffic इसी वजह से मिलता है .

जब आप काम करना शुरू कर देते हैं …तब धीरे-धीरे आप उसमे रमने लगते हैं ..और जब आप रमने लगते हैं तब खुद -बखुद आपको उसे अच्छा करने के ideas आने लगते हैं …इसलिए पहले से ही किसी perfect road map को बनाना ज़रूरी नहीं है क्योंकि ये लगभग तय है कि आगे परिस्थितियों और मौके के हिसाब से आपको अपना plan mould करना पड़ सकता है .

आप 1 साल की planning करने की बजाये एक महीने का plan भी बना कर business start कर सकते हैं ..अधिक से अधिक क्या होगा …आप fail हो जायेंगे …पर ये कभी काम शुरू ना करने से तो बेहतर ही है …और दूसरी तरफ आपका perfect plan भी आपको success दिलाई दे ये भी तो guaranteed नहीं है . So, it is better to start then keep postponing your plan.
2) Ideal Condition:

कुछ लोग इसलिए भी अपना काम नहीं शुरू कर पाते क्योंकि वो एक आदर्श परिस्थिति का इंतज़ार करते रहते हैं ….आप ऐसे लोगों से कुछ इस तरह की बात सुन सकते हैं —

“ बस बरसात ख़तम हो जाये ….फिर शुरू करना है ..” ; “ एक बार सही partner मिल जाए तो बाकी सब तो ready है …”; “ बच्चे का admission करा दें उसके बाद 100% काम start हो जायेगा ..”

हो सकता है कि कभी -कभार शुरआत ना करने का reason genuine हो लेकिन ध्यान देना होगा कि हम कहीं बेकार की excuses बनाकर काम टाल तो नहीं रहे हैं .

और यदि हम ऐसा कर रहे हैं तो फिर एक और जरूरी प्रश्न यह उठता है कि क्या सच – मुच हम अपना कुछ शुरू करना चाहते हैं या just as an style statement और दूसरों को दिखाने के लिए एक entrepreneur बनने की बात करते हैं, यदि ऐसा है तो business करने का idea drop करने में ही भलाई है.

Friends, Ideal conditions labs में होती हैं …और हमें तो lab के बाहर असल दुनिया में काम करना है इसलिए ऐसी conditions का इंतज़ार करना बेकार है …हमें अपना काम शुरू कर देना चाहिए भले ही वह एक सामान्य शुरुआत क्यों ना हो .
3) कुछ गैरज़रूरी time wasters :

कई बार कुछ लोग जो genuinely एक business,या organization establish करना चाहते हैं वो छोटी -मोटी चीजों में उलझे रह जाते हैं और अपनी energy ऐसी जगह waste कर देते हैं जहाँ नहीं करनी चाहिए . For example , काम की शुरुआत में ही कुछ लोग उससे related website बना लेना चाहते हैं और उसी के लिए परेशान रहते हैं ….जबकि इसकी कोई जरूरत नहीं होती , ये काम तो आप बाद में भी कर सकते हैं …हाँ अगर आप बहुत ज्यादा concerned हैं तो बस अपनी site का एक domain name book कर लीजिये , मगर उसको पूरी तरह से एक functional site बनाने के चक्कर में मत पड़िए ….हाँ अगर आपका business ही internet related है तो बात अलग है .

एक और उदाहरण लें तो लोग company का logo,punch line, etc बनाने में भी काफी समय लगाते हैं और उसे decide करने में ही हफ्तों बिता देते हैं . मेरे हिसाब से आपने अपनी company/ organization का नाम सोच लिया यही काम शुरू करने के लिए काफी है. ये अच्छा है कि आप सबकुछ शुरुआत से ही streamline करना चाहते हैं लेकिन यदि यह आपकी beginning को ही hamper कर रहा है तो इसका क्या लाभ!!!…ज्यादातर organizations की beginning बहुत normal होती है ,पर एक बार जब उनका काम चल पड़ता है तो वो अपना ब्रांड establish करते हैं. Bill Gates ने भी पहले अपनी कंपनी का नाम “Micro-Soft” रखा था जो बाद में बदलकर “Microsoft” कर दिया.

देखिये , अभी जरूरी ये है कि हम वो करें जिससे हम अपने customers के लिए value create कर सकें ..अगर चाट वाला आलू और मसाले खरीदने की जगह इस बात में time बिता दे कि ठेला किस रंग का होगा तो इससे उसे क्या मिलेगा ??…अंतत: तो चाट की quality ही उसके business को successful या unsuccessful बनाएगी .

मैं ये नहीं कहता कि ये चीजें बेकार हैं …ये भी ज़रूरी हैं …पर एक दम शुरआत से ये सब up to date हों ऐसा ज़रूरी नहीं है .

काम की शुरआत में हमें important और not so important चीजों को छांट लेना चाहिए और अपनी सारी energy और focus important tasks को पूरा करने में लगानी चाहिए .

I hope यदि आप किसी काम को शुरू करने में इन जैसी ही वजहों से ही चूक रहे हैं तो अब ऐसा नहीं करेंगे ….

All the best for your future ventures!!! 🙂

——————————————–

यदि आप भी एक entrepreneur बनना चाहते हैं या कभी भविष्य में ऐसा करने की इच्छा रखते हैं तो उम्मीद है ये लेख आप के लिए कुछ मददगार होगा.इस ब्लॉग पर पहले share किया गया लेख करोड़पति बनना है तो नौकरी छोडिये……. भी आपके लिए helpful हो सकता है.

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