24/03/2018
आमतौर पर कंप्यूटर साइंस या कंप्यूटर के क्षेत्र में नौकरियों की चर्चा आते ही हम मान लेते हैं कि यह एक मुश्किल क्षेत्र है जहां सिर्फ आईआईटी या ऊंचे इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़कर ही नौकरी मिल सकती है। लेकिन कंप्यूटर की इसकी साथ दुनिया में औसत छात्रों के लिए भी संभावनाएं है। अगर आप पढ़ाई में औसत रहे हैं और 12वीं कक्षा पास करने के तुरंत बाद कोई ऐसा क्षेत्र सुनना चाहते हैं जहां नौकरियों के लिए भटकना न पड़े तो कंप्यूटर की दुनिया आपके लिए एक बेहतर क्षेत्र हो सकता है।यहां आपके लिए विकल्पों की भरमार है।
> हार्डवेयर और नेटवर्किंग- कंप्यूटर में नेटवर्किंग और हार्डवेयर से जुड़े कोर्स करने के लिए आप बारहवीं कक्षा के बाद कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग कर सकते हैं। इसके अलावा प्राइवेट संस्थानों से पार्ट टाइम कोर्स के अलावा पॉलिटेक्निक में कंप्यूटर साइंस या इलेक्ट्रॉनिक्स में 3 वर्षीय डिप्लोमा कर सकते हैं। आप जॉब ओरिएंटेड कोर्स कर सकते हैं।यह पोस्ट लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से संबंधित होते हैं।
> नेटवर्किंग- इसमें लोगों को एक दूसरे सिस्टम को जोड़ने जैसे वैन, लैन के बारे में जानकारी दी जाती है। सॉफ्टवेयर अपडेट, सिस्टम मेंटेनेंस, हार्डवेयर के बारे में बताया जाता है। नेटवर्क का उपयोग आजकल हर क्षेत्र बैंकिंग से लेकर रिटेल टेलीकॉम फाइनेंसियल सर्विस मीडिया और बीपीओ तक में में हो रहा है । नेटवर्किंग के लिए सीसीएनए, सीसीएनपी परीक्षा देकर नोकरी भी मिल जाती है। सर्टिफिकेट फॉर के अलावा आप सिक्योरिटी, आईपी टेलीफोनी, वायरलेस की जानकारी प्राप्त कर नेटवर्किंग के क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकते हैं । आप चिप डिज़ाइनर, टेक्निकल सपोर्ट एग्जिक्यूटिव, सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर के तौर पर भी काम कर सकते हैं साथ ही ऑपरेशन फील्ड में की ईडीपी मैनेजर आईटी इनेबल सर्विस में भी खासी संभावनाएं है। इस फील्ड में सामान्यता नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेटर नेटवर्किंग इंजीनियर नेटवर्क मेनेजर इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजर नेटवर्क सिस्टम एनालिस्ट पद होते हैं ।
> सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर- सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में आप डिजाइनिंग, ट्रबल शूटिंग, कंप्यूटर के नेटवर्क को सुरक्षित रखने, एप्लीकेशन सर्वर पर जानकारी प्राप्त करते हैं ।
> डेटाबेस इंजीनियर -इंजीनियर के तौर पर आपका काम डेटाबेस का मॉडल तैयार करना होता है ।
> कस्टमर केयर- बैंक ऑफिस ऑपरेशन और मनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम आईटी आधारित इंडस्ट्री का मुख्य भाग है। आज मनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम प्रोफेशनल की मांग काफी ज्यादा है क्योंकि आज अमूमन हर कंपनी ग्राहकों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए कस्टमर केयर सेंटर खोलती है। ऐसे में सर्टिफिकेट कोर्स करना फायदेमंद रहेगा।
> सॉफ्टवेयर- दुनिया भर में भारत की सॉफ्टवेयर तकनीक का लोहा माना है। सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में यह जरूरी है कि आपकी किसी एक लैंग्वेज, किसी टॉपिक पर पकड़ हो। वर्तमान समय में जावा और डॉट नेट जैसी लैंग्वेज की मांग ज्यादा है। इसके अलावा कोडिंग करने वाले इंजीनियरों की भी मांग अधिक है। सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के जानकारों की मांग भी बढ़ी है। ओपन सोर्स टेक्नोलॉजी जैसे की लाइनक्स,php, पर्ल, एसक्यूएल, apache , java का स्कोर पिछले 2 वर्षों में बड़ा है।
> हैकिंग- साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिहाज से एथिकल हैकर की संख्या में बढ़ोतरी हुई है । हैकर कंप्यूटर को सुरक्षित बनाता है और साइबर क्रिमिनल को पकड़ने में मदद करता है। इसके लिए नेटवर्किंग और प्रोग्रामिंग की जानकारी होने के साथ साइबर क्राइम के लिए अपनाई जा रही नई तकनीक का ज्ञान भी होना जरूरी है। इस क्षेत्र में 3 माह से लेकर 1 वर्ष तक के सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स है। दूरस्थ शिक्षा में इग्नू , डोएक जैसी संस्थाओं में भी से भी कोर्स कर सकते हैं। इसके अलावा माइक्रोसॉफ्ट का एमसीएससी, सन का एससीजेपी, सिस्को का सीसीएनए और सीसीएनपी और ओरेकल का SQL आदि कंपनियों के टेस्ट पास करके नौकरी पा सकते हैं।