28/04/2026
अगर आप भी हर छोटे-बड़े काम के लिए जेब से अपना आधार कार्ड निकालकर दे देते हैं और इसे अपनी जन्मतिथि (Date of Birth) का पक्का सबूत मानते हैं, तो आपको सावधान होने की जरूरत है।
यूआईडीएआई (UIDAI) ने एक बेहद अहम बयान जारी करते हुए साफ कर दिया है कि आधार कार्ड को किसी भी हाल में जन्मतिथि के आधिकारिक और पक्के प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
यूआईडीएआई ने स्पष्ट किया है कि यह कार्ड सिर्फ आपकी पहचान (Identity) और पते (Address) का प्रमाण है, न कि आपकी उम्र का।
हर जगह आधार कार्ड लगाने वाले हो जाएं सतर्क
देश भर में लंबे समय से लोग बैंकिंग से लेकर स्कूल में बच्चों के एडमिशन और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने तक, हर जगह जन्मतिथि के सबूत के तौर पर बेझिझक आधार कार्ड का इस्तेमाल करते आ रहे हैं। इस ताजा अपडेट के सामने आने के बाद कई लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर कार्ड पर जन्मतिथि छपी होने के बावजूद इसे वैध क्यों नहीं माना जा रहा है और अब इसके बिना काम कैसे चलेगा।
आखिर क्यों आधार को नहीं माना जाता उम्र का पक्का सबूत?
यूआईडीएआई ने इस नियम के पीछे की सबसे बड़ी वजह स्पष्ट करते हुए बताया है कि आधार कार्ड बनवाते समय दर्ज की गई जन्मतिथि हमेशा पूरी तरह से वेरीफाइड (सत्यापित) नहीं होती।
कई बार लोग बिना किसी पक्के सरकारी दस्तावेज के ही अपनी डेट ऑफ बर्थ डिक्लेयर कर देते हैं या सिर्फ अनुमान के आधार पर इसे दर्ज करवा लेते हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि आपके आधार में जो जन्मतिथि लिखी है, वह जरूरी नहीं कि सरकारी रिकॉर्ड के हिसाब से सौ फीसदी सही हो।
यही वजह है कि सिर्फ यूआईडीएआई ही नहीं, बल्कि कई अदालतों और सरकारी विभागों ने भी यह पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि आधार को उम्र का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता। अदालतों का भी यही मानना है कि जन्मतिथि साबित करने के लिए स्कूल सर्टिफिकेट या जन्म प्रमाण पत्र आधार से कहीं ज्यादा भरोसेमंद होते हैं।
तो फिर जन्मतिथि साबित करने के लिए कौन से दस्तावेज होंगे मान्य?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर जन्मतिथि के लिए आधार नहीं चलेगा, तो फिर किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी। अगर आपको कहीं आधिकारिक रूप से अपनी उम्र या जन्मतिथि साबित करनी है, तो आपको कुछ चुनिंदा वैध दस्तावेजों का ही इस्तेमाल करना होगा।
इसके लिए आप अपना आधिकारिक जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate), 10वीं कक्षा की मार्कशीट (SSLC), पासपोर्ट या फिर किसी अधिकृत सरकारी अधिकारी द्वारा जारी किया गया जन्मतिथि प्रमाण पत्र दे सकते हैं। यूआईडीएआई के नियमों के तहत भी इन्हीं मजबूत दस्तावेजों के आधार पर ही आधार कार्ड में डेट ऑफ बर्थ को ‘वेरीफाई’ माना जाता है।
ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि आप अपने सही जन्मतिथि प्रमाण पत्र तैयार रखें, वरना आगे चलकर आपके कई जरूरी काम बीच में ही अटक सकते हैं।