01/12/2024
दुखद:
डॉक्टर्स की लापरवाही के कारण मेरे सबसे छोटे और प्रिय साले की जान 26/11/2024 को हावड़ा के एक निजी अस्पताल ( ILS HOSPITAL, HOWRAH) में चली गई।
घाटनाक्रम कुछ इस प्रकार है: 23/11/2024 रात्रि लगभग 11:30 को मेरे साले का एक्सीडेंट एक निजी ट्रक के द्वारा होता है, जिसमें उसके जांघ की हड्डी टूट जाती है जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया और उसका उपचार चालू हुआ और डॉक्टरों ने बताया कि कल (24/11/2024) को सर्जरी होगी जिसमे टाइटनम के रॉड से डोनो टूटी हुई हड्डी को जोड़ देंगे। 24/11/2024 को वैसा ही हुआ जैसा डॉक्टरों ने कहा थाl सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने कहा कि ऑपरेशन सफल रहा। 25/11/2024 को डॉक्टरों ने बताया कि मरीज तेजी से ठीक हो रहा है और कल इसको हम आईसीयू से जनरल वार्ड में शिफ्ट करेंगे। 26/11/2024 को हॉस्पिटल से मेरे दूसरे साले के पास सुबह 7:00 बजे फोन आता है कि आप 1,85,000 रुपये जमा करा लें, आज एक और सर्जरी करनी पड़ेगी क्योंकि इन्फेक्शन हो रहा है जो सर्जरी के बाद पूरी तरह से ठीक हो जाएगी। इसके बाद मेरा दूसरा साल सुबह 9:30 बजे हॉस्पिटल जा के डॉक्टर्स से बात करता है, उसके बाद मरीज से मिल के बात करता है कि डॉक्टर्स ने बताया है कि आज की सर्जरी के बाद तुमको जनरल वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा, उसके बाद वो काउंटर पर आकर पेमेंट जमा करवाता है तभी डॉक्टरों का फोन आता है कि अब आपका भाई नहीं रहा l
*अब पहला सवाल ये है 5 मिनट के अंदर ऐसा क्या हुआ कि उसकी जान चली गई।
*दूसरा सवाल ये है कि क्या किसी के पैर की हड्डी टूटने से जान जा सकती है वो भी सफल सर्जरी के बाद।
*तिसरा सवाल ये है कि डॉक्टर अगर सही थे तो बीना परिवार के सदस्यों को बताएं कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए क्यों भेजे, जबकी किसी भी व्यक्ति की 4 घंटे बाद मौत की घोषणा की जाती है.