14/04/2026
बिहार पंचायत चुनाव 2026 में बड़ा बदलाव, 11 चरणों में मतदान और पहली बार मल्टी पोस्ट EVM से एक साथ 6 पदों पर वोटिंग...
बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं और इस बार चुनाव कई मायनों में अलग नजर आने वाला है। राज्य निर्वाचन आयोग ने संकेत दिए हैं कि पूरे राज्य में मतदान 11 चरणों में कराया जाएगा। चुनावी प्रक्रिया की शुरुआत 27 अप्रैल से होगी, जब क्षेत्रवार जनसंख्या का प्रारूप जारी किया जाएगा। इसी आधार पर इस बार आरक्षण रोस्टर तय होगा, जिससे कई पुराने समीकरण बदलने की संभावना है।
इस चुनाव की सबसे खास बात यह है कि पहली बार ‘मल्टी पोस्ट ईवीएम’ का इस्तेमाल किया जाएगा। आयोग ने इसके लिए विशेष ऑर्डर दिया है और मशीनें हैदराबाद से मंगाई जा रही हैं। इस नई तकनीक के जरिए मतदाता एक ही मशीन पर ग्राम पंचायत के मुखिया, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, पंच और सरपंच—इन सभी छह पदों के लिए वोट डाल सकेंगे। इससे मतदान प्रक्रिया आसान होगी और समय की भी बचत होगी।
आरक्षण को लेकर भी इस बार बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है। 27 अप्रैल को जारी होने वाला जनसंख्या प्रारूप 2011 की जनगणना के आधार पर होगा। इसके बाद रोटेशन नियम लागू होगा, जिसके तहत पिछली बार जिस वर्ग के लिए सीट आरक्षित थी, इस बार वह बदल जाएगी। ऐसे में कई मौजूदा जनप्रतिनिधियों के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
बिहार पहले ही पंचायत चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने वाला राज्य रहा है और इस बार भी यह व्यवस्था बरकरार रहेगी। यानी सभी श्रेणियों में आधी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी, जिससे ग्रामीण सत्ता में उनकी भागीदारी और मजबूत होगी।
आयोग की योजना सितंबर से दिसंबर के बीच 11 चरणों में मतदान कराने की है। हर जिले को अलग-अलग चरणों में बांटा जाएगा और हर चरण का परिणाम भी अलग-अलग घोषित किया जाएगा। इससे चुनावी माहौल लंबे समय तक बना रहेगा।
सीटों के निर्धारण में इस बार ‘जनसंख्या के अवरोही क्रम’ का फॉर्मूला अपनाया जाएगा। यानी जिस क्षेत्र में जिस वर्ग की आबादी ज्यादा होगी, उसी आधार पर आरक्षण तय होगा। आयोग ने साफ किया है कि रोस्टर को अंतिम रूप देने के बाद सरकार की सहमति से चुनाव की तारीखों का औपचारिक ऐलान किया जाएगा।