26/06/2026
अलीगढ़ के इतिहास के पन्नों से — घंटाघर (Harrison Tower)
अलीगढ़ का घंटाघर शहर की पुरानी पहचान और अंग्रेज़ी दौर की एक खूबसूरत निशानी है। यह ऐतिहासिक इमारत सन् 1893 में बनकर तैयार हुई थी। इसे उस समय के ब्रिटिश अधिकारी जे. एच. हैरिसन (J. H. Harrison) के नाम पर Harrison Tower भी कहा गया। यह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पास स्थित है।
इसका निर्माण उस दौर में शहर की सुंदरता बढ़ाने और समय बताने के सार्वजनिक साधन के रूप में किया गया था। उस समय ऐसी घड़ियां शहरों की पहचान हुआ करती थीं। इसके निर्माण में अलीगढ़ के लोगों का सहयोग भी बताया जाता है।
वास्तुकला (Architecture):
घंटाघर लगभग पाँच मंजिला है। यह पत्थर और ईंट से बना हुआ है। इसकी बनावट में अंग्रेज़ी स्थापत्य शैली के साथ भारतीय/इस्लामी शैली की झलक दिखाई देती है। चारों दिशाओं में घड़ी के हिस्से और मेहराबदार डिजाइन इसकी खासियत हैं।
ऊंचाई और संरचना:
यह लगभग पाँच मंजिला ऊंचा टावर है। अलग-अलग स्रोतों में इसकी ऊंचाई के आंकड़ों में अंतर मिलता है, इसलिए सटीक ऊंचाई की आधिकारिक पुष्टि सीमित है।
समय के साथ बदलाव:
समय के साथ इसकी मरम्मत और संरक्षण का काम किया गया। पुराने समय की तरह इसकी घड़ी और इमारत को संभालकर रखना शहर की विरासत को बचाने का हिस्सा है।
देखभाल की जिम्मेदारी:
ब्रिटिश दौर में ऐसी इमारतों की देखभाल प्रशासनिक व्यवस्था के तहत होती थी। आज इसकी देखरेख स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी में आती है।
आज भी अलीगढ़ का घंटाघर सिर्फ एक इमारत नहीं बल्कि शहर के इतिहास, पुरानी यादों और बदलते वक्त का गवाह है।