Voice Story 2026

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(3)

वो घर… जहाँ कोई जिंदा नहीं रहता” (Part 4 — The End?)“घर जल गया था… लेकिन बुराई नहीं।”नया घर… पुराना डरकुछ महीनों बाद…उसी...
12/04/2026

वो घर… जहाँ कोई जिंदा नहीं रहता” (Part 4 — The End?)

“घर जल गया था… लेकिन बुराई नहीं।”

नया घर… पुराना डर

कुछ महीनों बाद…

उसी जगह पर एक नया, सुंदर घर बन चुका था।

साफ-सुथरा… रोशनी से भरा…
बिल्कुल भी डरावना नहीं।

लोग कहते थे—

“ये सब पुरानी अफवाहें थीं…”

नई फैमिली

एक नया परिवार वहाँ रहने आया—

माँ, पिता… और एक छोटा लड़का — विवान।

वो खुश थे।

उन्हें नहीं पता था…

वो किस जगह आ गए हैं।

पहली रात

विवान अपने कमरे में खेल रहा था।

तभी…

उसकी बॉल अपने आप लुढ़कने लगी।

“मम्मा?” उसने आवाज़ दी।

कोई जवाब नहीं।

आईने में कोई और

विवान ने आईने में देखा—

वो अकेला नहीं था।

उसके पीछे…
एक लड़का खड़ा था।

जला हुआ चेहरा…

और आँखें पूरी काली।

वो कौन था?

विवान ने धीरे से पूछा—

“तुम कौन हो?”

वो लड़का मुस्कुराया।

और बोला—

“मैं अर्जुन हूँ…”

अर्जुन जिंदा है?

लेकिन ये वही अर्जुन नहीं था।

उसकी आवाज़ ठंडी थी…

उसकी मुस्कान… इंसानी नहीं थी।

नई सच्चाई

अर्जुन अब घर बन चुका था।

जब उसने खुद को जलाया—

उसने घर को खत्म नहीं किया…

वो खुद उसका हिस्सा बन गया।

घर कभी नहीं मरता

वो औरत सही थी—

घर सिर्फ एक जगह नहीं था…

ये एक श्राप था।

जो एक इंसान से दूसरे में चला जाता है।

अर्जुन का रोल

अब अर्जुन वही कर रहा था…

जो पहले वो औरत करती थी।

लोगों को बुलाना…
उनके डर से खेलना…
उन्हें हमेशा के लिए रोक लेना…

विवान फँस चुका है

अर्जुन ने हाथ आगे बढ़ाया—

“चलो… मैं तुम्हें एक गेम दिखाता हूँ…”

विवान ने मासूमियत से उसका हाथ पकड़ लिया।

नीचे बेसमेंट

अर्जुन उसे घर के नीचे ले गया।

जहाँ पहले कुछ नहीं था…

अब एक बड़ा अंधेरा कमरा था।

दीवारों पर सैकड़ों तस्वीरें लगी थीं।

सभी कैद हैं

विवान ने देखा—

हर तस्वीर में लोग थे।

डरे हुए… चिल्लाते हुए…

और उनमें…

रोहन, कबीर, सिमी… और वो औरत भी थी।

और एक नई तस्वीर…

खाली थी।

अर्जुन मुस्कुराया—

“ये तुम्हारे लिए है…”

आखिरी खेल

अर्जुन बोला—

“अगर तुम डरोगे… तो तुम यहीं रहोगे…”

“अगर नहीं डरोगे… तो शायद बच जाओ…”

लेकिन…

विवान बच्चा था।

उसकी आँखों में डर भर गया।

घर मजबूत हो गया

दीवारें कांपने लगीं…

अंधेरा और गहरा हो गया…

और अर्जुन की मुस्कान और बड़ी हो गई—

अंतिम लाइन 😈

“अब तुम कभी यहाँ से नहीं जा पाओगे…”

एंड… या नहीं?

उस रात के बाद…

विवान गायब हो गया।

पुलिस आई…

कुछ नहीं मिला।

लेकिन…

अगर तुम उस घर के पास जाओ…

तो कभी-कभी…

एक बच्चे की आवाज़ सुनाई देती है—

“कोई है… मुझे यहाँ से बाहर निकालो…”

😈 FINAL TWIST

और अगर तुम ध्यान से देखो…

तो खिड़की में दो परछाइयाँ दिखती हैं—

एक अर्जुन…

और एक छोटा लड़का…

जो धीरे-धीरे मुस्कुरा रहा होता है।

THE END STORIES

वो घर… जहाँ कोई जिंदा नहीं रहता” (Part 3)“अर्जुन गिर रहा था… लेकिन जमीन कभी आई ही नहीं।”अंत… या शुरुआत?अर्जुन अचानक रुका...
12/04/2026

वो घर… जहाँ कोई जिंदा नहीं रहता” (Part 3)

“अर्जुन गिर रहा था… लेकिन जमीन कभी आई ही नहीं।”

अंत… या शुरुआत?

अर्जुन अचानक रुका।

वो अब गिर नहीं रहा था।

उसने आँखें खोलीं—

वो उसी हॉल में खड़ा था…
जहाँ से सब शुरू हुआ था।

लेकिन कुछ बदल चुका था।

घर अब पहले से भी ज्यादा जिंदा लग रहा था।

दीवारें हल्की-हल्की सांस ले रही थीं…

अर्जुन अब अलग था

अर्जुन ने अपने हाथों को देखा।

उसकी उंगलियाँ हल्की-हल्की धुंधली हो रही थीं…

जैसे वो धीरे-धीरे गायब हो रहा हो।

“नहीं… नहीं…” वो बुदबुदाया।

तभी…

पीछे से आवाज़ आई—

“अब तुम समझने लगे हो…”

कैद का सच

वही औरत उसके सामने आई।

लेकिन इस बार…

उसकी आँखों में गुस्सा नहीं था।

बल्कि… थकान थी।

“तुम अब इस घर का हिस्सा हो…” उसने कहा।

“जैसे हम सब हैं…”

असली ट्विस्ट

अर्जुन चिल्लाया— “तुम हमें क्यों मारती हो?!”

औरत हँसी नहीं।

इस बार… वो रोने लगी।

“मैं नहीं मारती…” उसने धीरे से कहा—

“ये घर मारता है…”

घर की असली कहानी (Origin)

दीवारों पर अचानक दृश्य चलने लगे—

जैसे कोई फिल्म।

अर्जुन ने देखा—

सालों पहले…

एक परिवार इस घर में रहता था।

एक माँ… एक पिता… और एक छोटी लड़की।

सब कुछ ठीक था…

जब तक—

एक रात…

खून की रात

पिता पागल हो गया।

उसने पूरे परिवार को मार दिया।

लेकिन मरते वक्त…

उस लड़की ने कुछ कहा—

“मैं यहाँ से कभी नहीं जाऊंगी…”

शाप की शुरुआत

उसकी आत्मा इस घर में फँस गई।

और धीरे-धीरे…

घर खुद जिंदा हो गया।

वो डर को खाने लगा…

आत्माओं को कैद करने लगा…

और वो औरत कौन है?

अर्जुन ने उस औरत को देखा।

उसकी आँखों में आंसू थे।

“मैं वही लड़की हूँ…” उसने कहा।

डरावना सच

“मैंने किसी को नहीं मारा…”

“मैं बस… सबको बचाना चाहती थी…”

“लेकिन ये घर…”

“ये मुझे इस्तेमाल करता है…”

कैसे बचें?

अर्जुन ने पूछा— “तो इससे बचने का तरीका क्या है?!”

औरत चुप रही।

फिर धीरे से बोली—

“तुम्हें इसे खत्म करना होगा…”

घर को खत्म करना = खुद को खत्म करना

“अगर तुम घर को नष्ट करोगे…”

“तो हम सब… खत्म हो जाएंगे…”

“मैं भी… तुम भी…”

आखिरी फैसला

अर्जुन के सामने दो रास्ते थे—

यहाँ हमेशा के लिए फँसा रहना
या खुद को खत्म करके… सबको आजाद करना
अचानक…

रोहन, कबीर और सिमी सामने आ गए।

अब वो पूरी तरह बदल चुके थे।

“मत करो…” उन्होंने कहा।

“हम यहाँ ठीक हैं…”

लेकिन उनकी आवाज़… इंसानी नहीं थी।

अर्जुन समझ गया

ये उसके दोस्त नहीं थे…

ये घर था…

जो उसे रोकना चाहता था।

फाइनल मोमेंट

अर्जुन ने उस औरत की तरफ देखा।

“अगर मैं ये करूं… तो तुम आजाद हो जाओगी?”

उसने सिर हिलाया।

आग

अर्जुन ने पास पड़ी लालटेन उठाई।

और पूरे घर में आग लगा दी।

घर चीखने लगा

दीवारें कांपने लगीं…

आवाज़ें गूंजने लगीं—

“रुको!!!”

“तुम मर जाओगे!!!”

अर्जुन मुस्कुराया

“कम से कम… मैं आजाद तो हो जाऊंगा…”

अंत…

आग ने सब कुछ जला दिया।

घर…
आत्माएँ…
और अर्जुन…

सब खत्म।

लेकिन…

कुछ दिनों बाद…

लोगों ने देखा—

उसी जगह…

एक नया घर बन गया है।

आखिरी लाइन 😈

और अंदर…

एक नई तस्वीर टंगी है—

जिसमें एक लड़का खड़ा है…

और उसके पीछे…

एक और परछाई मुस्कुरा रही है।

PART 4 COMING SOON

वो घर… जहाँ कोई जिंदा नहीं रहता” (Part 2)“तस्वीर में अब पाँच लोग थे… लेकिन असली दुनिया में अर्जुन अभी भी खड़ा था।”कुछ तो...
12/04/2026

वो घर… जहाँ कोई जिंदा नहीं रहता” (Part 2)

“तस्वीर में अब पाँच लोग थे… लेकिन असली दुनिया में अर्जुन अभी भी खड़ा था।”

कुछ तो गलत था…

अर्जुन ज़मीन पर गिर पड़ा, उसकी सांसें तेज़ चल रही थीं।

“नहीं… ये सच नहीं हो सकता…” उसने खुद से कहा।

उसने फिर से तस्वीर की तरफ देखा।

तस्वीर में वो खड़ा था…
लेकिन वो मुस्कुरा रहा था।

और असली अर्जुन… डर से कांप रहा था।

दो दुनिया

अचानक उसे एहसास हुआ—

तस्वीर में जो था… वो उसका “दूसरा रूप” था।

एक ऐसा रूप… जो अब इस घर का हिस्सा बन चुका था।

और असली अर्जुन… अभी भी फंसा हुआ था।

भागने की कोशिश

अर्जुन ने हिम्मत जुटाई और सीढ़ियों की तरफ दौड़ा।

“मुझे यहाँ से निकलना होगा… अभी!”

लेकिन जैसे ही वो ऊपर पहुंचा…

पूरा गलियारा बदल चुका था।

दरवाज़े अब पहले जैसे नहीं थे।

हर दरवाज़े पर खून से कुछ लिखा था—

“मत खोलो”
“वो अंदर है”
“तुम बच नहीं पाओगे”
पहला दरवाज़ा

अर्जुन ने एक दरवाज़ा खोला।

अंदर… एक कमरा था।

और उस कमरे में—

वो खुद खड़ा था।

लेकिन ये “वो” अलग था।

उसकी आँखें पूरी काली थीं…
और उसके चेहरे पर वही डरावनी मुस्कान थी।

“तुम देर कर चुके हो…” उसने कहा।

अर्जुन पीछे हट गया और दरवाज़ा बंद कर दिया।

दूसरा दरवाज़ा

दूसरे कमरे से सिमी की आवाज़ आई—

“अर्जुन… प्लीज मुझे बचाओ…”

अर्जुन का दिल जोर से धड़का।

“सिमी?” उसने दरवाज़ा खोला।

अंदर सिमी बैठी थी… रो रही थी।

“वो हमें मार देंगे…” उसने कहा।

अर्जुन धीरे-धीरे उसके पास गया।

“मैं तुम्हें यहाँ से निकालूंगा…”

जैसे ही उसने उसका हाथ पकड़ा—

सिमी का चेहरा धीरे-धीरे फटने लगा।

उसकी आँखें काली हो गईं।

और वो हँसने लगी—

“फँस गए…”

अर्जुन चीखते हुए पीछे हट गया।

तीसरा दरवाज़ा

अब अर्जुन समझ चुका था—

ये घर उसके दिमाग से खेल रहा है।

लेकिन तभी…

एक दरवाज़ा ऐसा था जिस पर कुछ भी नहीं लिखा था।

पूरा साफ।

अर्जुन ने गहरी सांस ली… और उसे खोला।

सच का कमरा

अंदर एक पुरानी डायरी पड़ी थी।

और दीवारों पर खून से लिखी बातें—

“हम यहाँ कैद हैं…”
“वो हमें जाने नहीं देता…”
“घर जिंदा है…”

अर्जुन ने डायरी खोली।

डायरी का राज़

डायरी में लिखा था—

“ये घर किसी इंसान का नहीं है…
ये खुद एक जिंदा चीज़ है…
ये लोगों को अंदर बुलाता है…
और फिर उनके डर को खाता है…”

अर्जुन के हाथ कांपने लगे।

“जितना तुम डरते हो…
ये घर उतना ही ताकतवर होता जाता है…”

“अगर तुम डरना बंद कर दो…
तो शायद… तुम बच सकते हो…”

आखिरी उम्मीद

अर्जुन ने खुद से कहा—

“मुझे डरना बंद करना होगा…”

लेकिन जैसे ही उसने ये सोचा—

पीछे से आवाज़ आई—

“ये इतना आसान नहीं है…”

असली दुश्मन

अर्जुन धीरे-धीरे मुड़ा।

उसके सामने… वही औरत खड़ी थी।

लेकिन अब उसका रूप और भयानक था।

उसका शरीर दीवारों में मिल रहा था…
जैसे वो खुद घर का हिस्सा हो।

“मैं ही ये घर हूँ…” उसने कहा।

खेल शुरू

“तुम डरोगे… और मैं मजबूत होऊंगी…”

“तुम भागोगे… और मैं तुम्हें ढूंढ लूंगी…”

“तुम चिल्लाओगे… और मैं हँसूंगी…”

अर्जुन का फैसला

अर्जुन ने आँखें बंद कीं।

“नहीं… मैं नहीं डरूंगा…”

उसकी सांसें धीरे होने लगीं।

वो शांत रहने की कोशिश करने लगा।

घर कमजोर होने लगा

अचानक दीवारों में दरारें आने लगीं।

औरत चीखने लगी—

“नहीं… ऐसा मत करो…”

“डरना बंद मत करो…”

लेकिन…

तभी…

पीछे से किसी ने अर्जुन के कंधे पर हाथ रखा।

वो पलटा।

रोहन खड़ा था।

लेकिन इस बार… वो रो नहीं रहा था।

वो मुस्कुरा रहा था।

और धीरे से बोला—

“हम सब ने भी यही कोशिश की थी…”

सब खत्म

अर्जुन का डर वापस आ गया।

उसका दिल तेजी से धड़कने लगा।

और उसी पल—

घर फिर से मजबूत हो गया।

औरत हँसने लगी—

“अब तुम कभी नहीं बचोगे…”

अर्जुन को लगा जैसे ज़मीन उसके नीचे से गायब हो रही है।

वो गिरने लगा…

अंधेरे में…

और गिरते-गिरते उसने आखिरी बार सुना—

“अब तुम भी इस घर का हिस्सा हो…”

PART 3 COMING SOON

11/04/2026

part 7

11/04/2026

part 6

11/04/2026

part 5

11/04/2026

part 4

11/04/2026

part 3

11/04/2026

part 2

11/04/2026

part 1

11/04/2026

शापित हवेली का अंतहीन चक्र वो घर… जहाँ कोई जिंदा नहीं रहता

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Al Khobar Al Shamalia
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