04/01/2026
व्रज – माघ कृष्ण प्रतिपदा
Sunday, 04 January 2026
पिले साटन के घेरदार वागा पर श्याम ख़िनख़ाब की फतवी एवं श्रीमस्तक पर हीरा की पाग पर गोल चंद्रिका के श्रृंगार
🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸
page:
https://m.facebook.com/Shreenathjinitydarshan/
Instagram Account
https://instagram.com/shreenathji__nity_darshan
YouTube channel
https://youtube.com/?si=Q-O_OOLKDovsuK2S
WhatsApp channel
https://whatsapp.com/channel/0029Va9SrMw3AzNUdJyRmS2V
🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸
राजभोग दर्शन –
कीर्तन – (राग : आशावरी)
व्रज के खरिक वन आछे बड्डे बगर l
नवतरुनि नवरुलित मंडित अगनित सुरभी हूँक डगर ll 1 ll
जहा तहां दधिमंथन घरमके प्रमुदित माखनचोर लंगर l
मागधसुत वदत बंदीजन जस राजत सुरपुर नगरी नगर ll 2 ll
दिन मंगल दीनि बंदनमाला भवन सुवासित धूप अगर l
कौन गिने ‘हरिदास’ कुंवर गुन मसि सागर अरु अवनी कगर ll 3 ll
साज – आज श्रीजी में शीतकाल की पिले रंग की सुनहरी ज़री की किनारी के हांशिया से सुसज्जित पिछवाई धरायी जाती है. गादी, तकिया एवं चरणचौकी पर सफेद बिछावट की जाती है.
वस्त्र – आज श्रीजी को पिले साटन का रूपहरी ज़री की तुईलैस की किनारी से सुसज्जित सूथन, घेरदार वागा, चोली एवं श्याम ख़िनख़ाब की फतवी (Jacket) धरायी जाती है. सुनहरी रंग के मोजाजी धराये जाते हैं. ठाड़े वस्त्र पतंगी रंग के धराये जाते हैं.
श्रृंगार – आज प्रभु को छोटा (कमर तक) हल्का श्रृंगार धराया जाता है. माणक के सर्व आभरण धराये जाते हैं.
श्रीमस्तक पर गोल पाग के ऊपर सिरपैंच, गोल चंद्रिका एवं बायीं ओर शीशफूल धराये जाते हैं. श्रीकर्ण में एक जोड़ी कर्णफूल धराये जाते हैं.
आज फ़तवी धराए जाने से त्रवल, कटिपेच बाजु एवं पोची नहीं धरायी जाती हैं. आज प्रभु को श्रीकंठ में हीरा की कंठी धराई जाती हैं.
श्वेत एवं पीले पुष्पों की दो सुन्दर मालाजी धरायी जाती है.
श्रीहस्तं में लाल मीना के एक वेणुजी एवं वेत्रजी धराये जाते हैं.
पट पिला एवं गोटी सोने की चिड़िया की आती हैं.