Dr. Dipak Sharan

Dr. Dipak Sharan PH.D - Computer Science & Technology, UGC-NET, MCA - B.ED.

— डॉ. दीपक शरणज़िंदगी और दोस्तीज़िंदगी के सफ़र में बहुत लोग मिले,कुछ वक़्त के साथ छूट गए,कुछ याद बनकर रह गए,और कुछ दोस्त...
04/10/2026

— डॉ. दीपक शरण

ज़िंदगी और दोस्ती
ज़िंदगी के सफ़र में बहुत लोग मिले,
कुछ वक़्त के साथ छूट गए,
कुछ याद बनकर रह गए,
और कुछ दोस्त ऐसे मिले—
जो ख़ामोशी भी पढ़ लेते हैं।
वक़्त बदलता रहा, रास्ते बदलते रहे,
मगर सच्ची दोस्ती का एहसास नहीं बदला।
क्योंकि कुछ रिश्ते साथ चलने के लिए नहीं,
दिल में हमेशा रहने के लिए बनते हैं।

— डॉ. दीपक शरण

कर में खड्ग, मुण्ड माला, दुष्टों का तू संहार करे,शरण में जो आए माता, उसका तू उद्धार करे।
28/09/2026

कर में खड्ग, मुण्ड माला, दुष्टों का तू संहार करे,शरण में जो आए माता, उसका तू उद्धार करे।

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के चेल्यामा के पास स्थित महतोड़ काली मंदिर (Moutorh Kali Mandir) एक अत्यंत प्रसिद्ध, जाग्र...
26/09/2026

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के चेल्यामा के पास स्थित महतोड़ काली मंदिर (Moutorh Kali Mandir) एक अत्यंत प्रसिद्ध, जाग्रत और चमत्कारी शक्तिपीठ माना जाता है

25/09/2026
करम के पेड़ तले खुशियों का संसार सजे,हर आँगन में प्रेम और उल्लास सजे।प्रकृति की गोद में झूमे हर दिल आज,कर्मा पर्व लाए जी...
22/09/2026

करम के पेड़ तले खुशियों का संसार सजे,
हर आँगन में प्रेम और उल्लास सजे।
प्रकृति की गोद में झूमे हर दिल आज,
कर्मा पर्व लाए जीवन में खुशियों का राज।
माटी की खुशबू, संस्कृति का मान रहे,
हर चेहरे पर मुस्कान और सम्मान रहे।
हरियाली, समृद्धि और सुख का हो बसेरा,
कर्मा पर्व मंगलमय हो—यही संदेश हमारा। 🌿🙏
कर्मा पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ!
डॉ. दीपक शरण
Ph.D. Computer Science, UGC-NET, MCA-B.Ed.

सुप्रभात — शुभकामनाडॉ. दीपक शरणउठो, देखो सुबह का नज़ारा,हवा में है खुशबू और मौसम प्यारा।हँसते रहो, खुश रहो सारा दिन,यही ...
19/09/2026

सुप्रभात — शुभकामना
डॉ. दीपक शरण

उठो, देखो सुबह का नज़ारा,
हवा में है खुशबू और मौसम प्यारा।
हँसते रहो, खुश रहो सारा दिन,
यही है मेरी शुभकामना तुम्हारे लिए हर दिन।
शुभ प्रभात! 🌸🌞
सुप्रभात की मंगलकामनाएँ!

“तू ही सृष्टि का शिल्पकार— डॉ. दीपक शरण“तू ही सृष्टि का शिल्पकार, तू ही जग का आधार,तेरे कर-कमलों से सजा, यह सुंदर संसार।...
17/09/2026

“तू ही सृष्टि का शिल्पकार
— डॉ. दीपक शरण

“तू ही सृष्टि का शिल्पकार, तू ही जग का आधार,
तेरे कर-कमलों से सजा, यह सुंदर संसार।
तेरी कृपा से कर्म बने, सपनों को मिले आकार,
हे देव विश्वकर्मा! तुझ पर अर्पित श्रद्धा अपार।
तेरी महिमा अमर रहे, गूँजे जय-जयकार,
सदा तेरी जय हो, हे सृष्टि के रचनाकार।”
— डॉ. दीपक शरण

12/09/2026

*अच्छा मुसाफ़िर बन जाऊँगा…*
*डॉ. दीपक शरण*

चलता रहूँगा पथ पर,
चलने में माहिर बन जाऊँगा।
रास्ते चाहे कितने भी कठिन हों,
हर मुश्किल का क़ातिर बन जाऊँगा।
या तो मंज़िल मिल जाएगी,
या फिर रास्तों की पहचान बनाऊँगा।
गिरकर भी हर बार उठता रहूँगा,
और एक अच्छा मुसाफ़िर बन जाऊँगा…*

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