Ababeel अबाबील

Ababeel अबाबील Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Ababeel अबाबील, 68, Kochi.

आपको पता है कि देश के गृहमंत्री ने आंदोलन से निपटने के लिए एक MSF नाम की फोर्स बना रखी है ?यह फोर्स कैसे बनी,क्या करती ह...
22/07/2026

आपको पता है कि देश के गृहमंत्री ने आंदोलन से निपटने के लिए एक MSF नाम की फोर्स बना रखी है ?
यह फोर्स कैसे बनी,क्या करती है, इसके रंगरूट कहाँ भर्ती होते हैं, यह क्या करते हैं, जानने के लिए समझिये की यह है क्या!

MSF यानि Modi-Shah Force !
यह बिना वर्दी पहने या बहुत बार बिना नाम की वर्दी पहने गुंडे युवाओं की एक फोर्स है, जो शाह जी के एक इशारे पर अपने विरोधियों को लाठी डंडों से कुचलने निकल पड़ती है !
यह हमारी आधिकारिक पुलिस के साथ खड़ी होती है मगर काम अनाधिकारिक करती है । जो काम वर्दी अपनी संवैधानिक सीमाओं के चलते नही कर सकती,वह यह करती है, बेधड़क और पूरी बेहयाई से करती है!

आपको याद होगा कि RSS हर साल जगह जगह युवाओं को लाठियां चलाने की हिंसक ट्रेनिंग देता है । यहीं से यह रंगरूट भर्ती होते हैं । जिन्हें लाठी चलाने और दूसरी हिंसक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाता है । यह युवा किस दिन केलिए तैयार होते हैं, इन्ही दिनों केलिए,जब मोदी शाह घिरे,तो यह हिंसक रूप से लड़ाई झगड़ा,दंगा दमन कर सकें ?

आप एक पूरा पैटर्न देखिए,जब जब आंदोलन होते हैं । पुलिस के साथ एक पूरी टोली होती है, जिसके हाथ मे लाठियां और हिंसक सामान होता है । जो पुलिस के साथ मिलकर यह इस्तेमाल करते हैं । यह भीड़ पर हमला करते हैं । हिंसा करते हैं, इनके नाम और चेहरे गायब रहते हैं ।।यह बहुत बार मुँह पर रुमाल बांधकर विरोधियों पर हमला करते हैं । यह पूरी एक भूमिगत फोर्स है, जो हर उस जगह खड़ी होती है, जहां मोदी शाह की आलोचना होती है । यह RSS के प्रशिक्षित लठैत हैं, वरना उनकी लाठी की ट्रेनिंग लिए लड़के और क्या करने के लिए तैयार किये जा रहे हैं?

युवाओं के आंदोलन पर भी इनके हिंसक हमले की तस्वीरें,वीडियो अब आम जनता देख रही है । जबकि यह शुरू से इनका ऐसा ही इस्तेमाल कर रहे हैं ।।यही लोग शांतिपूर्ण आंदोलन को हिंसक बनाते हैं । फिर आंदोलन को बदनाम करके उसका दमन करते हैं । युवाओं केकल के आंदोलन ने इनके सबके चेहरे पूरी तरह बेनकाब कर दिए हैं!

RSS के लाठी प्रशिक्षित युवाओं को अमित शाह हर जगह निजी तौर पर इस्तेमाल करते हैं ।यह इनकी गोपनीय भूमिगत MSF है ?
जो बेनकाब हो गई है । सारा देश बिना वर्दी के लाठी लिए इन गुंडों को देख रहा था, जो पुलिस के साथ मिलकर वह कर रहे थे,जो सँविधान की प्रतिज्ञा से बंधी पुलिस नही कर पा रही थी । देश को इस प्राइवेट फोर्स से भी सतर्क रहना होगा, क्योंकि यह कल आपके घरों तक आ धमकेंगे । MSF आपको बोलने नही देंगे,आपके विरोध पर वह हमला करेंगे!
अब इनसे सतर्क रहिये

Kashif Qureshi.. सैकड़ों लोगो के लाखों रूपए लेकर भागा है, जिसको भी इसके बारे मे जानकारी मिले वज़ीराबाद RWA को सूचित करें...
05/07/2026

Kashif Qureshi.. सैकड़ों लोगो के लाखों रूपए लेकर भागा है, जिसको भी इसके बारे मे जानकारी मिले वज़ीराबाद RWA को सूचित करें। #ᴡᴀᴢɪʀᴀʙᴀᴅ
https://www.instagram.com/reel/DaYnm46zJdy/?igsh=a2ZueXBjbTg3Z3dm

कुछ दिन से मुसलमानों के दरमियान एक नई चरस वबा की तरह फैली है। हर चंटू-बंटू लिख रहा है कि हमें अगले पंद्रह बीस साल की प्ल...
26/06/2026

कुछ दिन से मुसलमानों के दरमियान एक नई चरस वबा की तरह फैली है। हर चंटू-बंटू लिख रहा है कि हमें अगले पंद्रह बीस साल की प्लानिंग करने की ज़रूरत है।

मुसलमान सबसे पहले शैक्षणिक, आर्थिक और रोज़गार के मोर्चे पर ध्यान दें। मज़बूत बनें, पढ़ लिख कर सिस्टम में जाएं, देश की मुख्यधारा में शामिल हों।

इन ज्ञानचंदों से पूछिए, मुसलमान अबतक इनमें से क्या नहीं कर रहा है?
रिक्शा-ठेले वाले तक तो अपने बच्चों को उंगली पकड़कर स्कूल ले जाते हैं। लेकिन स्कूल में सौतेला बर्ताव हो, मानसिक उत्पीड़न किया जाए, और बच्चे कॅ धर्म के आधार पर नीच व्यवहार का सामना करना पड़े तब?
स्कूल में साथी उसे मु ल्ला, कटु आ, पाकिस्तानी कहें, टीचर उसका टिफिन झांके तो?

आप कहेंगे अपने इदारे बनाइए। नहीं बनाए हैं क्या? ग्लोकल, जौहर, एएमयू, जामिया, जामिया हमदर्द, इंटीग्ल, दारुल हुदा... इन समेत देशभर में छोटे-बड़े तमाम इदारे हैं।

लेकिन इनके बारे में पता कीजिए, सबके सब राज्य के निशाने पर हैं। इनको बनाने, चलाने वाले या तो जेल में हैं, या तड़ीपार हैं, या फिर ईडी-सीबीआई के चंगुल में हैं। राज्य इनकी ग्रांट काट रहा है, नोटिस थमा रहा है, बच्चों का उत्पीड़न कर रहा है, मुक़दमे लगा रहा है, छात्रवृत्तियां बंद कर रहा है, मीडिया के ज़रिए इनके ख़िलाफ नफरत का ऐजेंडा चला रहा है।

फिर, सिस्टम में जो लोग काम कर रहे हैं उनसे पूछिए। उनकी दाढ़ियां छट रही हैं। त्यौहारों पर छुट्टी कट रही हैं। इफ्तार करने पर मुक़दमे हो रहे हैं। झूठे आरोप लगाकर नौकरी छीनी जा रही हैं। जेलों में ठूंसे जा रहे हैं और ज़िम्मेदारी के पदों से मुक्त किए जा रहे हैं। पता कीजिए, यूपी जैसे राज्यों में कितने मुसलमान, आईएएस, आईपीएस, पीपीस, पीसीएस हैं। आप बता सकते हैं इनमें कितने डीएम, एसपी, एसडीएम, या डीएसपी हैं?

आर्थिक मोर्चे पर भी बताइए ज़रा। अज़ीम प्रेमजी, ज़फर सरेशवाला को छोड़कर कितने हैं जो अभी तक ईडी, सीबीआई, आईटी विभाग, या पुलिस का निशाना नहीं बने हैं?

बाक़ी छोड़िए, गोश्त के कट्टीख़ाने तक मुसलमान से छीनकर बनिए और जैनियों को दे दिए। जिन धंधों में बीस साल पहले तक एकाधिकार सा था वहां अब मुसलमान ग़ायब हैं। जैन हड्डी खाल बेच रहे हैं, बनिए-बामन गौमांस विदेश भेज रहे हैं, आप क्या कर रहे हैं? उनकी मुंशीगीरी, या उनको हिस्सेदारी देकर मज़दूरी।

कुल मिलाकर बात ये है कि राज्य अगर दुश्मनी पर आमादा हो जाए तो आप न पढ़ सकते हैं, न पढ़ा सकते हैं, न इदारा बना सकते हैं और न कमा सकते हैं।
आपकी इमारतों के नक्शे पास नहीं होंगे, एनओसीनहीं मिलेंगी, लाइसेंस नहीं बनेंगे तो आप क्या करेंगे?

ज़ाहिर है भांग और धतूरे की खेती। नंबर एक का कोई काम नहीं कर सकते।
इसलिए अपने अधिकारों के लिए लड़ना सीखिए।
सत्ता की ज़िम्मेदारी दूसरों पर मत टालिए। शिक्षा, रोजगार, और बुनियादी सुविधाएं देना राज्य का काम है।

जहां राज्य मरने तक पर टैक्स ले रहा है, भांति-भांति के कर वसूल रहा है, वहां ये सब काम क्यों नहीं करेगा?
टौल, जीएसटी, वैट, सेस, हाउस टैक्स, वाटर टैक्स, इन्कम टैक्स, कार्पोरेट टैक्स समेत ऐसा कौन सा कर है जो मुसलमान राज्य को नहीं चुका रहे? या तो ये सब टैकस देना बंद कर दो वरना राज्य को ज़िम्मेदारी मुक्त मत करो।

फिर दोहराता हूं। राज्य अगर अपने नागरिक से दुश्मन जैसा व्यवहार कर रहा हो, उनके संस्थान, उनके रोज़गार, उनकी अस्मिता, उनकी रीति-रिवाज और उनके खान-पान तक को निशाना बना रहा हो तो? तो फिर कौन सा रास्ता है जिसपर चलकर आप अगले सौ साल में भी सो काॅल्ड प्लानिंग करके शैक्षणिक, आर्थिक और रोज़गार के मोर्चे पर ध्यान दे पाएंगे?

ऐसा कौन सा अलादीन का चराग़ ले आएंगे जिससे आप मज़बूत बन जाएंगे, पढ़-लिख कर रातों-रात सिस्टम में आ जाएंगे, और देश की मुख्यधारा में शामिल हो जाएंगे?

एक मिनट... वैसे ये मुख्यधारा क्या है जी? सत्तधारी पार्टी की ग़ुलामी या उसकी दलाली? अगर नहीं तो आप कौन सी धारा में हो जिसे मुख्य नहीं माना जा रहा?

Zaigham Murtaza

कौम के रहबर और उम्मत की तड़प दिल में रखने वाले दानिशमंद मुसलमान इस मज़लूम को इंसाफ दिलाएं, इसकी आवाज उठाएं।
26/06/2026

कौम के रहबर और उम्मत की तड़प दिल में रखने वाले दानिशमंद मुसलमान इस मज़लूम को इंसाफ दिलाएं, इसकी आवाज उठाएं।

17/06/2026

‘मुस्लिमों को प्राइवेट-सरकारी नौकरी से बॉयकॉट किया जाए; BJP प्रवक्ता, नाज़िया इलाही खान

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की सदस्य नाज़िया इलाही खान, कथित तौर पर हिंदुओं से सरकारी और प्राइवेट रोजगार के क्षेत्रों से दो से तीन साल तक मुसलमानों का बहिष्कार करने का आग्रह करती दिखी. उन्होंने मुसलमानों से रिश्ता न रखने या उन्हें किसी तरह के काम या रोजगार पर नहीं रखने करने की भी अपील की. भाजपा नेत्री की ओर से इस तरह का सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाला विवादित बयान उस वक़्त सामने आया, जब देश के मुख्यधारा के बड़े मीडिया संस्थान उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे.

दरअसल, ये विवादित बयान गाज़ियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र में बकरीद के दिन सूर्या चौहान की हत्या पर मीडिया को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया गया. नाज़िया इलाही ने कहा, “हमारा भारत देश, सिर्फ पाकिस्तान से ही नहीं लड़ रहा है, हमारा भारत देश हमारे भारत में रहने वाले कुछ असामाजिक तत्व, आतंकवादी मानसिकता वाले लोगों और पाकिस्तानी मानसिकता वाले लोगों से भी लड़ रहे हैं” मुस्लिम समुदाय पर आरोप लगाया कि वो विभिन्न प्रकार के जिहाद जैसे थूक जिहाद, मूत जिहाद, गला रेतों जिहाद, लव जिहाद, लैंड जिहाद, कन्वर्शन जिहाद चला रहे हैं, इतना ही नहीं मुस्लिम समुदाय से हिंदूओं के सुरक्षित नहीं होने का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “120 करोड़ हिंदुओं को सतर्क होने की जरूरत है और जितनी जल्दी हो उतनी जल्दी ही मुसलमानों को प्राइवेट जॉब, गवर्नमेंट जॉब, प्राइवेट और गवर्नमेंट सेक्टर, डोमेसेटिक जगहों के हर जगह से बायकॉट करना चाहिए.”

आगे, मुस्लिम समुदाय पर निशाना साधते हुए नाज़िया इलाही खान ने दावा कर कहा कि ऐसा कोई दिन नहीं जाता है जब आतंकवादी और असामाजिक तत्वों अरेस्ट नहीं होते हैं, ATS (Anti-Terrorism Squad) डिपार्टमेंट से लेकर के सुरक्षा एजेंसी के सबके न्यूज़ को देखिए, तो अभी फ़िलहाल दो से तीन साल के लिए मुसलमानों का बायकॉट (बहिष्कार) करना बहुत जरूरी है.

ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि नाज़िया इलाही खान ने विवादित प्रेस कॉन्फ्रेंस वाले बयान से कुछ दिन पहले ही मृतक सूर्या चौहान के परिवार से मिलने के बाद The Newspaper चैनल को दिए एक इंटरव्यू में भी मुस्लिम समुदाय के ख़िलाफ़ कठमुल्लों जैसे अपमानजनक शब्दों का उपयोग की थी. उन्होंने 120 करोड़ हिंदुओं को मुसलमानों का बायकॉट करने और देश के सारे मदरसों को ध्वस्त कराने का बयान दिया था.

ये पहली बार नहीं है जब नाज़िया इलाही खान ने इस तरह के विवादित बयान दिए हों, वो अक्सर अपने मुस्लिम विरोधी बयानों, मुसलमानों का सामाजिक-आर्थिक बहिष्कार करने, मदरसों-मस्जिदों की सम्पत्ति को अवैध और उन्हें ध्वस्त कराने, लव-जिहाद जैसे विवादित भाषणों के ज़रिए चर्चा का विषय बनी रहती हैं.

2026 के अप्रैल माह में पिंकी चौधरी के हिंदू रक्षा दल द्वारा आयोजित एक जनसभा के दौरान भी नाज़िया इलाही, मुस्लिम विरोधी भाषण देती नज़र आयी थी. नाज़िया इलाही ने अपने भाषण में हिंदू परिवारों से मुसलमानों को दूर रखने के लिए “हर हिंदुओं के घर में सुअर पालने” और “हर हिन्दू लड़कियों को सुअर के दाँत का लॉकेट बनाकर माला पहनने” की शुरुआत करने को आह्वान कर रही थीं. हिंदुओं को मुसलमान दिखने पर उन्हें कैंची दिखा कर पूरा ख़तना कर देने की बात कही थी और कैंची का इस्तेमाल करने का भी आह्वान किया था.

पढ़िए Pawan Kumar की ये रिपोर्ट. लिंक कॉमेंट बॉक्स में

16/06/2026

ये देखो, इसको देखकर हमारे विरोधियों को सांप सूंघ जाएगा। हमेशा की तरह

ये 4 साल पुरानी पोस्ट है। Repost तैयारी!!!बीते कुछ सालों में बहुसंख्यक वर्ग मुसलमानो से बदला लेने पर उतारू है। सरकार, पु...
06/06/2026

ये 4 साल पुरानी पोस्ट है। Repost

तैयारी!!!

बीते कुछ सालों में बहुसंख्यक वर्ग मुसलमानो से बदला लेने पर उतारू है। सरकार, पुलिस, परशासन सब आपके खिलाफ खड़े हो चुके हैं। कश्मीर, तीन तलाक, शाहीन बा ग, कोरो ना काल में जाहिल जमाती सुअर, मस्जिद, जुमा की नमाज, अज़ान और लाउड स्पीकर मतलब आपकी हर एक बात उनको मंजूर नहीं है, इनफैक्ट उनको इस देश में आप की मौजूदगी पसंद नहीं अब।
जेनोसाईड वॉच की कई रिपोर्ट्स इस के बारे में दुनिया को अलर्ट कर चुकी हैं। लेकिन मुसलमान पता नहीं क्यों अलर्ट नहीं

तैयारी की दिशा सही होनी चाहिए।
कुछ लोगों का मत हे की मार कर मरेंगे। जो होगा देखा जायेगा वगैरा।
में इस से सहमत नही हूं।
दर असल मारने वो आ रहे हैं। आप थोड़ी मारना चाहते हो उन्हें। आपको तो सिर्फ मरना ही है। बिना लड़े मरो या लड़कर मरो। कटना खरबूजे को ही है।

हां एक काम किया जा सकता है।
अगर डिफेंड करना है तो हमले के वक्त मरने के अलावा जो काम किया जा सकता है वो है, परिवार यानी बहन, बेटी, बीवी को सेफ जगह पहुंचाना क्योंकि आपके मरने के बाद ये सब उनकी प्रॉपर्टी है, इस पर उनकी खास नज़र है।
रही आपकी जमीन जायदाद वाली प्रॉपर्टी तो वो तो उनकी है ही।

तब परिवार को सेफ करने के लिए क्या करें ?

उनको सेफ जगह पहुंचा दो, मरने से पहले।
ये सब शुरू होने के बाद आपको शायद मौका न मिले।

कहां जाएं ? सेफ जगह कौन सी है ?

हर वो जिला, प्रदेश, प्रांत जहां मुस्लिम की आबादी कसीर तादाद मैं है। मतलब जहां पहले से ही मुस्लिम आबादी ज्यादा है।

जेनोसाइट यू पी और एमपी से सबसे पहले शुरू होने के चांस हैं।
तब उत्तर भारत इनके लिए सही जगह है। जैसे हिमालय के पहाड़ों की तलहटी का इलाका।
मसलन उत्तर पश्चिम के सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर , बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर से लेकर उत्तर पूर्व यू पी के बलरामपुर इलाके तक मुस्लिम पहले से कसीर तादाद मैं हैं। बिहार में नेपाल से सटे जिले, और बंगाल मैं असम तक पहाड़ की तलहटी का इलाका।

बेहतर होगा ये काम पहले ही कर लेवें। जो साहिबे हैसियत हैं इन इलाकों में ज़मीनें खरीदना शुरू करें। जो अभी सस्ती हैं। बाद मैं महंगी होंगी। इतनी महंगी कि सोने (गोल्ड) के बदले रोटी मिलेगी।

दूसरा पहलू जो गरीब मजदूर मुसलमान हैं इन इलाकों में जाकर खेतिहर मजदूरी करे। इससे इन इलाकों की आर्थिक स्थिति स्टेबल होगी और सभी की रिज्क की परेशानी दूर होगी। वैसे रिज्क देने वाली जात अल्लाह की ही है। लेकिन असबाब तो इंसान को ही बनाने पड़ते हैं। जो साहिबे हैसियत हैं वो इन मजदूरों के वास्ते फैक्ट्री, पॉल्युट्री, एक्सपोर्ट आइटम वगैरा के यूनिट लगा सकते हैं।
अगर हम ये कर पाए तो हमारी नस्लों का नुकसान कम होगा।
हो सकता है मार कर ही मरो। और नही तो डिफेंड तो कर ही सकोगे दिल्ली के मामले की तरह।

वरना मरना तो एक दिन सभी को ही ही।

मौत तो बरहक है।

एक और बात!
कम से कम इन हालात में कोई ये ना कहे की में बेवजह डर फेला रह हूं। जो कुछ भी आपके आस पास हो रहा है वो कुछ भी बेवजह नही है। माइग्रेशन या रिलोकेशन संवैधानिक प्रक्रिया है, और पूरी तरह से कानूनन वैध है। लाखों कामगार हर साल रोजी रोटी के लिए देश के अलग अलग हिस्से में विस्थापन करते ही हैं।
इस लिए इस पर बात करने से डरें नहीं। हिजरत करना गैर कानूनी नहीं है।

माज़रत

05/06/2026
कुछ लोग समझ गए हैं, बस इधर वाले नहीं समझ रहे !
05/06/2026

कुछ लोग समझ गए हैं, बस इधर वाले नहीं समझ रहे !

02/06/2026

एक ऐसा शहर बनाने की जुस्तजू है मुझे
जहाँ पे लोगों का मस्लक फ़क़त तौहीद हो..

Address

68
Kochi
110006

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Ababeel अबाबील posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share