11/06/2021
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का प्रयास भी सुप्रीमकोर्ट ने कर दिया था नाकाम...
अब तक आपको पता चल ही चुका है कि सुप्रीमकोर्ट और हाईकोर्ट में जज बनने के लिए कोई परीक्षा या साक्षात्कार नहीं देना पड़ता है...
सुप्रीम कोर्ट के कुछ वरिष्ठ जज मिलकर तय कर देते हैं कि हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट में कौनसा वकील अगला जज बनेगा, इस कारण आजादी के बाद से लगातार जजों के रिश्तेदार ही जज बन रहे थे और सुप्रीमकोर्ट सहित हाईकोर्ट, कुछ चुनिंदा परिवारों की बपौती बन चुकी थी...
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने संसद के दोनों सदनों से, जजों की चयन प्रक्रिया से संबंधित एक NJAC कानून पारित किया लेकिन इस कानून को सुप्रीमकोर्ट ने तुरंत ही रद्द कर दिया...
हो सकता है संसद से पास इस कानून में कोई खामी हो लेकिन हमारा सुप्रीमकोर्ट, जजों की चयन प्रक्रिया से संबंधित किसी बदलाव पर चर्चा करने के लिए भी तैयार नहीं है...
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आपका अपना
एडवोकेट गोवर्धन सिंह
राजस्थान उच्च न्यायालय,
मोबाईल : 9828090666